बैठक कक्ष हेतु वास्तु के बारे मे पूर्ण जानकारी

बैठक कक्ष आपके घर का सबसे पहला हिस्सा होता है इसलिए इस क्षेत्र में वास्तु एक अहम भूमिका निभाता है। जैसे आपके घर का दरवाजा आपके घर में नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा के आदान प्रदान करता है, वैसे ही आपका बैठक कक्ष उस ऊर्जा को प्राप्त करने और संग्रहीत करने के लिए जिम्मेदार होता है। इससे पहले कि हम बैठक कक्ष के वास्तु की तरफ देखें, हमें सबसे पहले आपको यह जानना होगी कि क्या आपका बैठक कक्ष वास्तु/ Vastu for living room के अनुसार बना है कि नहीं।

आपका बैठक कक्ष वास्तु के अनुरूप है या नहीं? नीचे क्लिक करके जानें।

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बैठक कक्ष के लिए वास्तु वास्तु/ Vastu for living room

अपने घर को बनावाते समय आपको बैठक कक्ष के वास्तु के नियमों का पता होना चाहिए क्योंकि इससे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। जैसा कि हम पहले आपको बता चुके हैं कि बैठक कक्ष आपके घर का पहला कमरा होता है जहां पर आपके मेहमान सबसे पहले घर में घुसते हैं। इसलिए जब भी वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष/Living room as per vastu का निर्माण आपके लिए लाभदायक हो सकता है और हर तरह के सकारात्मक ऊर्जा को घर में बनाए रखता है।

बैठक कक्ष के लिए वास्तु वास्तु/ Vastu for living room

अपने घर को बनावाते समय आपको बैठक कक्ष के वास्तु के नियमों का पता होना चाहिए क्योंकि इससे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। जैसा कि हम पहले आपको बता चुके हैं कि बैठक कक्ष आपके घर का पहला कमरा होता है जहां पर आपके मेहमान सबसे पहले घर में घुसते हैं। इसलिए जब भी वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष/Living room as per vastu का निर्माण आपके लिए लाभदायक हो सकता है और हर तरह के सकारात्मक ऊर्जा को घर में बनाए रखता है।

आपका घर चाहे नया हो या पुराना, आधुनिक हो या प्राचीन, या उसका बनावट और डिजाइन कैसा भी हो, बैठक कक्ष सभी घरों के लिए समान रूप से आवश्यक है। इससे पहले हम कई बार आपको बता चुके हैं, कि यदि आप अपने बैठक कक्ष वास्तु के अनुसार/ Living room as per Vastu बनवाते हैं तो आपके घर में सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और यह आपको सेहतमंद, धनी और खुशकिस्मत बना सकता है। यह वही स्थान है जहां पर पूरा परिवार एक साथ बैठकर समय व्यतीत करता है। इसलिए यह एकता और तालमेल को बनाए रखने के लिए बैठक कक्ष के वास्तु नियमों/ living room Vastu rules का पालन करना आवश्यक है।

इसके साथ साथ, कभी कभी हम कुछ पार्टी या छोटे मोटे कार्यक्रम करते हैं और लोगों का मनोरंजन करते हैं। इसलिए, यह सामाजिकता और आपके उत्सवों से जुड़ा एक स्थान होता है। यदि आपका बैठक कक्ष वास्तु के अनुसार बना होगा तो आप हर एक पल को अपने परिवार और अपने मित्रों के साथ मजे से बिता सकते हो। यह पल आपको अपने और अपने परिवार के रिश्ते को मजबूत करने में सहायता करता है। आपका बैठक कक्ष खूबसूरत होने के साथ साथ आरामदायक भी होना चाहिए। जिसके कारण आपका और आपके परिवार वाले एक साथ बैठकर अपना समय व्यतीत कर पाएं। साथ में उस बैठक कक्ष का माहौल ऐसा होना चाहिए जहां पर आप अपने साथी के साथ लंबी बातचीत कर पाएं। ऐसा करने से घर में मौजूद सभी लोग आराम महसूस करते हैं।

बैठक कक्ष में वास्तु की महत्वता/ Significance Of Vastu For Living Room

वास्तु शास्त्र के हर निर्माण के पीछे गहन अभिप्राय छिपा होता है। जैसे कि हम बार बार बता रहे हैं कि जब आप बैठक कक्ष को वास्तु के अनुसार बनवाते हैं तो यह आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता है। लेकिन इन शब्दों का एक और अर्थ निकाला जा सकता है कि यह आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने से बचा सकता है। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है।

बैठक कक्ष में वास्तु की महत्वता/ Significance Of Vastu For Living Room

वास्तु शास्त्र के हर निर्माण के पीछे गहन अभिप्राय छिपा होता है। जैसे कि हम बार बार बता रहे हैं कि जब आप बैठक कक्ष को वास्तु के अनुसार बनवाते हैं तो यह आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता है। लेकिन इन शब्दों का एक और अर्थ निकाला जा सकता है कि यह आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने से बचा सकता है। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है।

मान लेते हैं कि कुछ मेहमान आपके घर आए हैं। वह आपके घर में आते ही बैठक कक्ष में जाकर बैठ जाते हैं। इसलिए यह वही स्थान होता है जहां से लोग अपने साथ ऊर्जा लेकर आ जाते हैं। अब यह तो जरूरी नहीं है कि जो भी आपके घर में आ रहा है वह सकारात्मक विचार के साथ आए। यदि एक भी मेहमान नकारात्मक ऊर्जा के साथ घर में प्रवेश करता है तो उस स्थिति में आपका घर उन ऊर्जा से भरा होना चाहिए जो उन नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर दे। यदि आपने घर को बनाते समय बैठक कक्ष के वास्तु पर ध्यान नहीं दिया है तो ऐसा करना आपके लिए संभव नहीं हो पाएगा।

इसके परिणाम स्वरूप, जब भी नकारात्मक ऊर्जा आपके घर में प्रवेश करती है, वह आपके घर में ही आकर बस जाती है, और वह वहां से नहीं निकल पाती। जल्द ही यह ऊर्जा आपके पूरे घर में बसेरा कर लेती है। यदि आपका बैठक कक्ष वास्तु के अनुसार बना होता तो आपको यह समस्या कभी नहीं आती

वास्तु के अनुसार आपका बैठक कक्ष/ Living Room Direction As Per Vastu

बैठक कक्ष के वास्तु के अनुसार डिडाईन के बारे में जानने से पहले आपको यह समझना होगा कि कौन सी दिशा आपके बैठक कक्ष के वास्तु के लिए अनुकूल है। नीचे आपको एक सूची दी गई है जो वास्तु के अनुसार सबसे उत्तम मानी जाती है।

वास्तु के अनुसार आपका बैठक कक्ष/ Living Room Direction As Per Vastu

बैठक कक्ष के वास्तु के अनुसार डिडाईन के बारे में जानने से पहले आपको यह समझना होगा कि कौन सी दिशा आपके बैठक कक्ष के वास्तु के लिए अनुकूल है। नीचे आपको एक सूची दी गई है जो वास्तु के अनुसार सबसे उत्तम मानी जाती है।

उत्तर दिशा

उत्तर दिशा भगवान कुबेर की दिशा होती है जिन्हें धन के देवता कहा जाता है और उनका ग्रह बुध ग्रह होता है। इसलिए यह दिशा धन, समृद्धि, करियर और सोचने की क्षमता की दिशा भी कहा जाता है। यदि आप वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष का निर्माण करते हैं तो यह आपके लिए एक शुभ संकेत ला सकता है। वास्तु इस बात का संकेत देता है कि आप जिस कक्ष में बैठे हैं वहां पर आपको अच्छे और नए विचार आएं। इसके साथ साथ, यह उस घर में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी भी साबित हो सकता है। इसके कारण आपके व्यापार और पेशेवर जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहेगी।

पूर्व दिशा

पूर्व ही वह दिशा होती है जहां से सूर्योदय होता है, इसलिए इस दिशा में सूर्य का राज होता है। भगवान इंद्र देवताओं के स्वामी और उन्हें बरसात का देवता भी कहा जाता है और वह इस दिशा के भी स्वामी होते हैं। इस प्रकार यह घर में रहने वालों के लिए धन-समृद्धि लाने के साथ-साथ यहां बने सामाजिक बंधनों को भी मजबूत करता है। पूर्व दिशा में बने बैठक कक्ष, उस कक्ष में मौजूद लोगों के बीच अच्छा तालमेल बनाने में सहायता करता है।

नैऋत्य कोने या फिर दक्षिण पश्चिम दिशा

वास्तु शास्त्र/Vastu Shashtra के अनुसार नैऋत्य कोने या फिर दक्षिण पश्चिम दिशा एक महत्वपूर्ण दिशा मानी जाती है। इसकी अध्यक्षता नृति नामक एक राक्षस द्वारा की जाती है, और इस स्थान पर शासन करने वाला ग्रह राहु ग्रह होता है। इस दिशा में वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष का निर्माण घर के निवासियों को स्वास्थ्य, धन और आत्मविश्वास के संदर्भ में सहायता प्रदान कर सकता है। वहीं दूसरी तरफ यदि वास्तु के नियमों का पालन सही तरीके से नहीं हो तो यह जातक के लिए समस्या खड़ी कर सकता है। अधिकांश लोगों के विश्वास के विपरीत, राहु हर बार हानिकारक ग्रह नहीं होता है। क्योंकि इस ग्रह की मौजूदगी आपके परिवार में तालमेल बेहतर करते रिश्तों को मजबूत कर सकती है। यदि बैठक कक्ष इस दिशा में हो और आपके परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय में कोई तर्क वितर्क चल रहा हो तो इस बात की संभावना सबसे अधिक होती है कि उस बातचीत का परिणाम आपको तुरंत मिल जाए।

पश्चिम दिशा

पश्चिम दिशा में सूर्य का अस्त होता है और यह दिशा भगवान वरुण के द्वारा शासित होती है। भगवान वरुण को बरसात का देवता भी कहा जाता है और यह दिशा शनि ग्रह की दिशा होती है। यह दिशा जीवन में स्थिरता, खुशकिस्मती और नाम से संबंध रखता है। इसके परिणामस्वरूप, इस दिशा में बने वास्तु के अनुसार रहने वाले कमरे में होने वाली कोई भी चर्चा न केवल शांत और फलदायी साबित होगी बल्कि ऐसे घर के निवासियों को लाभ मिल सकता है।

वायव्य कोण या उत्तर पश्चिम दिशा

वायव्य कोण या उत्तर पश्चिम दिशा भगवान वायु या फिर हवा के देवता की दिशा होता है। यह दिशा प्रकाशमान चंद्र ग्रह का भी है। इसलिए, वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष/ living room as per Vastu बनाने के लिए यह एक बहुत ही शांत और अच्छा स्थान है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के इस क्षेत्र का सही उपयोग न केवल ऐसे घर के निवासियों के लिए उत्कृष्ट अवसर लाता है बल्कि उनके करियर को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार बनाए गए बैठक कक्ष/ living room Vastu में अगर कोई मीटिंग चल रही है और वहां कोई मोल भाव की स्थिति बनती है तो उस स्थिति में वहां के स्थानीय निवासियों को फायदा होगा। इस स्थिति में आप अपने मेहमान से जो भी कुछ पूछेंगे, उसके लिए वह कभी भी मना नहीं कर पाएंगे। इसके साथ साथ इस दिशा को अस्थिर माना जाता है, जिसके परिणामस्वरूप आपके मेहमान ज्यादा समय तक आपके आपके साथ नहीं रहेंगे। यह उनके लिए लाभकारी साबित हो सकता है जो चाहते हैं कि उनके घर में मेहमान ज्यादा समय तक ना रहे।

अब हम जानते हैं कि वास्तु के अनुसार कौन सी दिशा में बैठक कक्ष रहने पर आपको फायदा होगा। चलिए अब इस दिशा में और गंभीरता से जानते हैं

बैठक कक्ष के लिए वास्तु इंटीरियर/ Vastu Interior For Living Room

बैठक कक्ष के लिए इंटीरियर वास्तु/ Interior Vastu for drawing room कक्ष के सही स्थान और प्रवेश द्वार पर केंद्रित है। इसके साथ ही, घर के फर्नीचर रखने, एयर कंडीशनर लगाने, पर्दे लगाने, रंग संयोजन, पेंटिंग और मूर्तियां, पौधे आदि प्रदर्शित करने के लिए वास्तु होते हैं। इन सबके अपने अपने नफा और नुकसान होते हैं। मैं उन सबको एक एक करके बताने वाला हूं।

बैठक कक्ष के लिए वास्तु इंटीरियर/ Vastu Interior For Living Room

बैठक कक्ष के लिए इंटीरियर वास्तु/ Interior Vastu for drawing room कक्ष के सही स्थान और प्रवेश द्वार पर केंद्रित है। इसके साथ ही, घर के फर्नीचर रखने, एयर कंडीशनर लगाने, पर्दे लगाने, रंग संयोजन, पेंटिंग और मूर्तियां, पौधे आदि प्रदर्शित करने के लिए वास्तु होते हैं। इन सबके अपने अपने नफा और नुकसान होते हैं। मैं उन सबको एक एक करके बताने वाला हूं।

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बैठक कक्ष के लिए फर्नीचर वास्तु/ Furniture Vastu For Living Room

बैठक कक्ष के लिए फर्नीचर वास्तु इंटीरियर का सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक माना जाता है। चलिए वास्तु के कुछ टिप्स को बताता हूं जो फर्नीचर के चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बैठक कक्ष के लिए फर्नीचर वास्तु/ Furniture Vastu For Living Room

बैठक कक्ष के लिए फर्नीचर वास्तु इंटीरियर का सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक माना जाता है। चलिए वास्तु के कुछ टिप्स को बताता हूं जो फर्नीचर के चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

1.       हर व्यक्ति को वर्ग और आयत के आकार के फर्नीचर को चुनना चाहिए। पंचभुज या त्रिभुज जैसी विषम आकृतियों से सभी को बचना चाहिए।

2.      सोफा चुनते समय लकड़ी जैसी प्राकृतिक सामग्री को प्राथमिकता दें। आधुनिक समय के मॉड्यूलर फर्नीचर से सभी को बचना चाहिए क्योंकि इस तरह के मशीन से बनी सामग्री में आमतौर पर कम ऊर्जा कंपन होती है। इसके विपरीत, कच्चा माल आम तौर पर उच्च ऊर्जा कंपन का उत्सर्जन करता है, जो प्रमुख रूप से सकारात्मक होता है।

3.       आपके बैठक कक्ष का इंटीरियर आरामदायक और शानदार होना चाहिए। इसलिए, जब आप फर्नीचर का चुनाव करते हैं, तो इस बात को सुनिश्चित करें कि वह बैठने में आरामदायक हो। यदि आप सिर्फ उसके रंग और रूप को देख कर चुनाव करेंगे, तो हो सकता है कि आपको समस्या का सामना करना पडे।

4.       बैठक कक्ष के लिए वास्तु इंटीरियर में एक झुकने वाला सोफा शामिल करना एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकता है क्योंकि ऐसे फर्नीचर लोगों को विश्राम को प्रोत्साहित करते हैं। यह वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

5.       आपके बैठक कक्ष में हर फर्नीचर को पर्याप्त रूप से बनाए रखा जाना चाहिए और उसकी देखभाल अच्छी तरह से होनी चाहिए। हमेशा सुनिश्चित करना चाहिए कि उन सभी फर्नीचर से कोई भी कर्कश ध्वनि ना आए और यदि ऐसा होता है तो उसे तुरंत ठीक करें।

बैठक कक्ष में वास्तु के अनुसार रंग/ Living Room Vastu Colours

बैठक कक्ष में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए रंग बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। जब भी हम बैठक कक्ष का निर्माण करते हैं या वास्तु के अनुसार उसे सजाने का प्रयास करते हैं तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो यह आपके पूरे घर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकती है। बैठक कक्ष में वास्तु के अनुसार रंगों का चयन करते समय हमेशा हल्के रंगों का चयन करना चाहिए क्योंकि यह आपके कक्ष को बड़ा और रोशन दार बना सकता है। जिसके परिणाम स्वरूप आपको कमरे में प्रकाश के उपकरण की कम आवश्यकता पड़ती है। इसके साथ साथ आप अपने बैठक कक्ष के स्थान से भी कक्ष का रंग निर्धारित कर सकते हैं। नीचे एक सूची दी गई है जो आपको वास्तु के आधार पर रंगों का चुनाव कैसे करना है इस विषय में सहायता करेगा।

रंगो का चुनाव

1.       पूर्वी – पुदीना हरा और भूरा रंग

2.       दक्षिण लाल, गुलाबी, और नारंगी

3.       दक्षिण पश्चिम या नैऋत्य कोण – पीला और सुनहरा

4.       पश्चिम – सिल्वर, नीला और ग्रे रंग

5.       उत्तर पश्चिम या वायव्य कोन – सिल्वर, सफेद और ग्रे

6.       उत्तर – ऑफ व्हाइट एंड नीला रंग

नोट – वास्तु के अनुसार रंगों के चुनाव करते समय आपको हमेशा हल्के रंग की तरफ देखना चाहिए। ऐसा नहीं है कि आप गाढ़े रंग की तरफ नहीं जा सकते। लेकिन बैठक कक्ष में हल्का रंग आपको और आपके परिवार के लिए ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता है।

बैठक कक्ष के लिए पर्दों का चुनाव/ Curtains And Linen Vastu Tips For Drawing Room

दीवारों की तरह, पर्दों और चादर भी वास्तु में एक अहम किरदार निभाते हैं। इसलिए वास्तु के अनुसार ही चदर और पर्दों के रंग का चुनाव करना चाहिए। एक बार फिर से आपको यह समझना होगा कि आपको कक्ष की दिशा के आधार पर ही रंग का चुनाव करें। रंगों के चुनाव के साथ साथ पर्दों के प्रकारों के लिए विशिष्ट नियम है जिनका पालन करना अनिवार्य है। चलिए उन्हें एक एक करके समझने का प्रयास करते हैं।

1.       अगर आपके बैठक कक्ष की खिड़कियां उत्तर या पूर्व दिशा की ओर है तो उस दिशा से सूर्य की किरणें आपके घर में प्रवेश करती है। इसलिए उस जगह पर पतले और हल्के पर्दे का प्रयोग करना चाहिए। ऐसा करने से आपको लगातार सूर्य से सकारात्मक वाइब्स/ऊर्जा प्राप्त होती है।

2.    वास्तु शास्त्र के साथ साथ, आयुर्वेद भी सूर्य द्वारा रोशनी के लाभ को बताते हैं। वह भी मानते हैं की सुबह सुबह की पहली किरण आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती है। यह न केवल दोपहर की तेज गर्मी और हानिकारक सूर्य की किरणों को आपके बैठक कक्ष में प्रवेश करने से रोकते हैं, बल्कि सुबह के सूर्य से सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए भी यह कारगर साबित हो सकती है।

वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष में पौधे और जल निकाय/ Plants and Water Bodies In Drawing Room As Per Vastu

पौधों के लिए वास्तु शास्त्र के अनुसार/ According to Vastu Shastra plants, पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा को रोक कर रखते हैं। वास्तु के अनुसार आप अपने घर में बहुत तरह के पौधे रख सकते हैं जो आपके घर में स्वाभाविक रूप से सकारात्मक ऊर्जा के साथ साथ ऑक्सीजन का सकारात्मक प्रवाह बनाए रखते हैं। इनमें से कई पौधे वैज्ञानिक रूप से हवा को शुद्ध करने में वास्तव में प्रभावी साबित होते हैं। नीचे कुछ पौधे हैं जो आपके घर और बैठक कक्ष के वास्तु के अनुसार सबसे उत्तम पौधे हैं।

1.       मनी प्लांट

2.       स्नेक प्लांट या सास जीभ

3.       पीस लिली (स्पेथिफिलम)

4.       स्पाइडर प्लांट

5.       गुवाक

अब आपको समझ आ गया होगा कि आपको अपने बैठक कक्ष में कौन से पौधे रखने हैं। यहां पर कुछ टिप्स है जो आपको हमेशा याद रखना है।

1.       इन पौधों को रखते समय आपको यह देखना होगा कि आप उन पौधों को कक्ष के पूर्वी या उत्तरी क्षेत्र में रखें।

2.       आपको इस बात का अच्छा खासा ध्यान रखना होगा कि आप उन पौधों का ख्याल रखें और उन्हें इस प्रकार संभालें कि यह आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रवाहित करे।

3.       वास्तु के अनुसार, यदि आप अपने बैठक कक्ष में चौडे पत्तों वाले पौधे लगाते हैं तो यह आपके लिए सबसे ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता है।

4.       घर में पौधों का होना विकास, बहुतायत, और सफलता का संकेत देता है। इसलिए जब भी आप उन्हें अपने घर में लाते हैं, तो उनका ख्याल जरूर रखें, यह आपके पूरे जीवन को बदलने की क्षमता रखता है।

5.       जो व्यक्ति घर में एक छोटा फव्वारा बैठक कक्ष में लगाने का निर्णय लेते हैं, तो उन्हें उत्तरी क्षेत्र का चुनाव करना चाहिए। ऐसा करना उनके परिवार के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

बैठक कक्ष के लिए एयर कंडीशनर और लाइटिंग के लिए वास्तु/ AC's And Lighting Vastu For Living Room

बैठक कक्ष के वास्तु के अनुसार उस कक्ष में लाइटिंग या रोशनी का महत्व बहुत ज्यादा होता है। यदि आपके बैठक कक्ष में रोशनी अच्छी होगी, तो यह ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, वहीं दूसरी तरफ हल्की रोशनी अंधकार को दर्शाती है। इसके अलावा, एक उज्जवल स्थान न केवल बड़ा लगता है बल्कि आरामदायक भी लगता है।

1.       जब भी आप बैठक कक्ष का वास्तु के अनुसार निर्माण/ Vastu interior for living room कर रहे होते हैं तो कक्ष के हर कोने में रोशनी के लिए लाइट का होना अनिवार्य होता है। ऐसा करने से आप इस बात की संतुष्टि कर देंगे की हर समय आपके बैठक कक्ष में रोशनी रहेगी।

2.       आप उन बल्ब का भी प्रयोग कर सकते हैं जो आंखों को आराम देते हैं। यह आपके बैठक कक्ष के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकता है। इस बल्ब के प्रयोग से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहेगा और घर में शांति बनी रहेगी।

इसी प्रकार आपके कक्ष का तापमान ना ज्यादा ठंडा और ना ज्यादा गर्म रहना चाहिए। यह सब सोचकर ही आपको एयर कंडीशनर लगाना चाहिए। नीचे कुछ नियम हैं जिनका पालन करके आप अपने बैठक कक्ष के वास्तु का निर्माण करवा सकते हैं।

1.       बैठक कक्ष की आयु कोण या दक्षिण पूर्व क्षेत्र और वायव्य कोण या दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में एयर कंडीशनर लगवाना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

2.       ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दोनों ही दिशा अग्नी और हवा की दिशा होते हैं। यदि ऐसा करते हैं तो यह निवासियों के लिए आरामदायक साबित हो सकता है।

3.       वहीं दूसरी तरफ, ईशान कोण या उत्तर पूर्व कोण को एयर कंडीशनर लगाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है।

4.       यह दिशा जल से संबंधित है, जो पहले से ही ठंडी हवा का संकेत देता है। यदि इस दिशा में एयर कंडीशनर लगता है तो यह निवासियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को खराब कर सकता है जिसके कारण निवासी बीमार हो सकते हैं और उन्हें खांसी और सर्दी भी हो सकती है।

आदर्श रूप में हमारी एक ही सलाह कि आप एयर कंडीशनर का अंदर और बाहर से हानी पहुंचा जा सकता है।

वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष में पूजा करने के स्थान/ Pooja Space Vastu Tips For Drawing Room

बहुत सारे घरों के कमरों में कम जगह होती है जिसके कारण लोग अपने पूजा स्थान को बैठक कक्ष में ही बना लेते हैं। यदि आपके घर में भी यही स्थित उत्पन्न होती है तो वास्तु के अनुसार पूर्व, पश्चिम या उत्तर पूर्व दिशा आपके लिए सबसे उत्तम दिशा हो सकती है।

बैठक कक्ष के लिए चित्र/ Paintings for Living Room As Per Vastu

हालांकि हर व्यक्ति के पास मूल्यवान और महंगे चित्र नहीं होते। फिर भी जो भी चित्र आपके पास हैं उन्हें सही दिशा में ही लगाना चाहिए। आपको सुखी से जीवन व्यतीत करने के लिए महंगे चित्र खरीदना की आवश्यकता नहीं है। आपको बस उन चित्रों को सही वास्तु के अनुसार उत्तम स्थान पर लगाना है। चलिए उन नियमों को जानते हैं।

1.       जब भी हम किसी चित्र का चुनाव वास्तु के अनुसार/ paintings for the living room as per Vastu करते हैं तो हम उन चित्रों को देख सकते हैं जिनसे सकारात्मकता की ऊर्जा आती है। और वह आपके आंख, और मस्तिष्क को आराम दे।

2.       आपको लैंडस्केप जैसे चित्रों को नजरअंदाज करना चाहिए क्योंकि यह गुस्से, दुख और अकेलेपन को दर्शाता है।

3.       आपको बैठक कक्ष के चित्रों का ख्याल रखना चाहिए क्योंकि जो भी व्यक्ति उन तस्वीरों को देखता है, वह उसी अनुसार ढल जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह आपके घर का पहला कक्ष होता है।

4.       यदि आप लैंडस्केप लगाते हैं तो यह आपके घर में लड़ाई-झगड़े और वाद-विवाद का माहौल बनाता है। वहीं दूसरे तरफ कोई अलग और शांत स्वभाव की तस्वीर होगी तो यह आपको मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत करेगा।

पूर्ण रूप से हम इस बात को मानते हैं कि बैठक कक्ष की बनावट भी आपके लिए बहुत ज्यादा महत्व रखता है। यह आपके घर में घुसते ही पहला कक्ष होता है इसलिए आपको अपने घर का वास्तु शास्त्र/ Vastu Shastra के अनुसार ही बनवाना चाहिए। हम पहले ही बता चुके हैं कि आपके घर का पहला कक्ष हर तरह के उर्जा को संभाल कर रखती है और उसे पूरे घर में प्रवाहित करता है। आपने बैठक कक्ष के लिए वास्तु के टिप्स/ Vastu tips for living room को पढ़ लिया होगा। लेकिन नीचे कुछ और बातें दी गई है जिसे आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

1.       हमेशा अपनी बैठक कक्ष को साफ और सुथरा रखें। यदि बैठक कक्ष में कोई खिड़की हो तो उसे हमेशा खुली रखें जिससे घर में स्वच्छ हवा का प्रवाह घर में आए।

2.       अपने बैठक कक्ष को रोजाना साफ करें और वहां धूल और मिट्टी ना जमने दें।

3.       वहां सिर्फ जरूरत का सामान रखें और जो भी अनावश्यक चीजें हैं वह वहां से हटा दे। हर स्थिति में उस कक्ष को सुसंगत रखें।

4.       कक्ष के टेबल या जमीन पर चीजें ना फैलाएं।

जो भी चीज इस लेख में लिखी गई है वह बैठक कक्ष के वास्तु/ living room as per Vastu के अनुसार महत्वपूर्ण है। यदि आप इस लेख में बताई गई बातों का पालन करते हैं तो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बने रहेगा।

किसी विशिष्ट मार्गदर्शन के लिए आप नीचे मौजूद किसी भी तरीके से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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