कार्यालय का निर्माण वास्तु के अनुसार

जैसे घरों के लिए वास्तु आवश्यक है, ठीक उसी प्रकार कार्यालयों के लिए भी है। आपका घर आपके जीवन में सुख और शांति लाता है, जबकि आपका कार्यालय आपके वित्तीय विकास और व्यवसाय को दर्शाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, कार्यालयों हेतु कुछ वास्तु टिप्स आपके विकास , उत्पादकता और वित्त में वृद्धि कर सकते हैं। 

आप जो अपने कार्यालय में प्रतिदिन आठ -दस घंटे बिताते हैं, यह आपके जीवन का लगभग एक तिहाई हिस्सा होता है। तो, आपको अपने कार्यालय को वास्तु शास्त्र/ Vastu shastr के अनुसार निर्माण करने की आवश्यकता है।

कार्यालय का वास्तु इतना महत्वपूर्ण क्यों है?/ Why is the Vastu of Office So Important?

कार्यालय का वास्तु/ vastu for office एक अडिग विश्वास है जो ठीक प्रकार से पालन किये जाने पर आपके कार्यक्षेत्र में अपार समृद्धि और सकारात्मकता ला सकता है।

कार्यालय का वास्तु इतना महत्वपूर्ण क्यों है?/ Why is the Vastu of Office So Important?

कार्यालय का वास्तु/ vastu for office एक अडिग विश्वास है जो ठीक प्रकार से पालन किये जाने पर आपके कार्यक्षेत्र में अपार समृद्धि और सकारात्मकता ला सकता है।

यद्यपि यह सही है यदि कोई निर्माण के समय इन सिद्धांतों का पालन करता है, तो मौजूदा कार्यालय में भी उनका पालन करना किसी भी प्रकार से दुष्कर कार्य नहीं है। और,  इसमें सबसे बेहतर बात यह है कि आपको इसके लिए इसकी एक भी ईंट को हिलाने की आवश्यकता नहीं है।

जहां तक ​​कार्यालयों हेतु वास्तु/ vastu for office का संबंध है, आपको प्रमुख कर्मियों, शौचालयों, रसोई ,कर्मचारी क्यूबिकल आदि कक्षों का उचित स्थान सुनिश्चित करना होगा। आपको प्रकाश की व्यवस्था, पौधों, कलाकृति, कुर्सियों और तालिकाओं, सोफे, आदि सहित भीतर का निर्माण करने की आवश्यकता है।

आखिरकार, जिस वातावरण में लोग रह रहे होते हैं, वह बताता है कि वह  कितने कुशलता से कार्य करते हैं। जब तक कार्य करने की स्थिति और वातावरण बेहतर नहीं होगा, लोग अपने कार्य को  पूर्ण करने में असमर्थ होंगे, जिससे बेहतर और लाभकारी प्रदर्शन करने में कठिनाई होगी।

अपने कार्यालय को बनाते या खरीदते उसे समय आपको कुछ वास्तु टिप्स पर विचार करने की आवश्यकता है:

मुख्य प्रवेश द्वार का स्थान/ Location of the Main Entrance

कार्यालय खरीदते समय आपको उसके मुख्य द्वार की पर विचार करना चाहिए।

मुख्य प्रवेश द्वार का स्थान/ Location of the Main Entrance

कार्यालय खरीदते समय आपको उसके मुख्य द्वार की पर विचार करना चाहिए।

भिन्न-भिन्न दिशाओं में द्वार कर्मचारियों और व्यवसाय के समग्र विकास पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं।

इसलिए आपके लिए , कार्यालय के भीतर होने वाली मुख्य गतिविधियों के अनुसार ही अपने मुख्य प्रवेश द्वार की दिशा चुनना आपके लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।

उदाहरण हेतु , एक कानूनी सलाहकार या कानूनी कार्यालय का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।

ऐसा इसलिए है, क्योंकि वास्तु शास्त्र/ vastu shastr के अनुसार, भगवान यम को दक्षिण दिशा का अधिपति माना जाता है। उन्हें ब्रह्मांड की कानून और व्यवस्था के संरक्षक भी माना जाता है।

दक्षिण दिशा , एक अग्नि तत्व प्रधान क्षेत्र,  यहाँ स्थित कार्यालय के लोगों को को मजबूत तर्क कौशल प्रदान करता है,  जो की वकीलों के लिए एक आवश्यक गुण माना जाता है ।

इसी प्रकार , जिस कार्यालय का मुख्य कार्य लेखांकन से संबंधित है, उसका  मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होना चाहिए। उत्तर दिशा के अधिपति भगवान कुबेर विश्व के समस्त धन का लेखा-जोखा रखते हैं।

इसलिए, वित्तीय मामलों और लेखांकन से संबंधित गतिविधियों हेतु उत्तर मुखी कार्यालय सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है।

अध्यक्ष/ मुख्य कार्यकारी अधिकारी/निदेशकों हेतु कार्यालय कक्ष/ Office Cabins for the Chairman/CEO/Directors 

किसी भी संगठन के प्रमुख अपनी संस्था के  समग्र प्रगति और विकास हेतु सबसे अधिक उत्तरदायी होते हैं। इसलिए, उनके कक्षों का निर्माण सही दिशा में किया जाना चाहिए।

अध्यक्ष/ मुख्य कार्यकारी अधिकारी/निदेशकों हेतु कार्यालय कक्ष/ Office Cabins for the Chairman/CEO/Directors 

किसी भी संगठन के प्रमुख अपनी संस्था के  समग्र प्रगति और विकास हेतु सबसे अधिक उत्तरदायी होते हैं। इसलिए, उनके कक्षों का निर्माण सही दिशा में किया जाना चाहिए।

संगठन के प्रमुख हेतु दक्षिण में स्थित कक्ष को आदर्श माना जाता है। यही वह दिशा है जो यहाँ निवास करने वालों को नियंत्रण और शक्ति प्रदान करती है। लिसी संगठन के प्रमुख के कक्ष का इस दिशा में होना यह सुनिश्चित करेगा कि वहां रहने वाला इस संगठन पर शासन करता है और अपने कर्तव्यों का कुशलता से निर्वहन करता है।

कार्यालय के सदस्यों या कर्मियों हेतु क्यूबिकल्स/कक्ष/ Cubicles/Cabins for Staff members or personnel

कार्यालय दल के कर्मचारी वह लोग होते हैं जो संगठन या कार्यालय को सुचारू रूप से चलाने में सहायता करते हैं। इसलिए उनके कक्षों की दिशा किसी भी कार्यालय की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वास्तु शास्त्र/ Vastu shaastr कार्यालय में विभिन्न प्रमुख कर्मियों की नियुक्ति हेतु विशिष्ट दिशानिर्देश और नियमों को परिभाषित करता है। उनके बैठने का स्थान अगर सही दिशा में हो तो वह कुशल बनेंगे और संगठन के विकास और प्रगति में योगदान देंगे।

पूर्व दिशा में विपणन दल हेतु क्यूबिकल्स/ कक्ष का निर्माण बेहतर है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पूर्व दिशा लोगों से जुड़े रहने में सहायता करती है। यही विपणन दल का मुख्य उद्देश्य होता है।

बिक्री हेतु सर्वाधिक उपयुक्त स्थान दक्षिण-पूर्व दिशा है। इस दिशा में अग्नि तत्व की प्रधानता हैं, और यह बिक्री से जुड़े लोगों को अधिक मेहनत और बिक्री करने का जुनून और उत्साह प्रदान करेगा।

इसी प्रकार, विभिन्न विभागों के सभी सदस्यों से सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने हेतु, उनके कक्षों की दिशा को वास्तु नियमों के अनुसार सही प्रकार निर्धारित किया जाना चाहिए।

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बेहतर दक्षता और स्वास्थ्य हेतु उचित प्राकृतिक प्रकाश व्यवस्था/ Proper natural lighting for better efficiency and health

सौंदर्यशास्त्र, सुंदरता के कारक और कार्यालय का रंग रूप, वह व्यवस्था है जिस पर अधिकतर लोग ध्यान नहीं देते।

आधुनिक कार्यालयों में, प्राकृतिक प्रकाश की व्यवस्था दुर्लभ होती है। खिड़कियाँ होने पर भी वे सदा-सर्वदा बंद रहती हैं।

वातानुकूलन के कुशलता से कार्य करने हेतु वह पर्दों द्वारा ढकी रहती हैं।

यह स्थिति युवा पीढ़ी में  गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है। प्राकृतिक प्रकाश के अभाव में मानसिक तनाव उत्पन्न होने के अतिरिक्त शारीरिक असंतुलन भी पैदा होता है।

फ्लोरोसेंट या पीली रोशनी लोगों को सुस्त और हलकान महसूस करा सकती है। ऐसे में वह माइग्रेन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को दावत दे सकते हैं।

शोध के अनुसार,  छोटे फ्लोरोसेंट रोशनी वाले बल्ब भी त्वचा को हानी पहुंचा सकते हैं।

हर जगह प्रोयोग होने वाले एलईडी बल्ब (जो किलोगों के मध्य एक बेहतर विकल्प हैं ) के नुकसान भी हैं। उनमें बहुत अधिक मात्रा में नीली रोशनी होती है जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।

इसलिए, जितना संभव हो कार्यालय उतना हवादार और प्राकृतिक प्रकाश से संपन्न होना चाहिए। ऐसा करना वहां के कर्मचारियों की सेहत के लिए काफी लाभकारी साबित होगा।

जेनरेटर और इनवर्टर की दिशा/ Placement of Generators and Inverters

बढ़ती जनसंख्या के कारण इनवर्टर या जनरेटर बिजली की समस्या का अहम हिस्सा बन गए है।

कार्यालय में इन्वर्टर लगाना और उसे सुचारू रूप से रखना भी आवश्यक है ताकि विकास में कोइ बाधा उत्पन्न ना हो ।

इन्वर्टर या जनरेटर एक विद्युत उपकरण है जो बिजली जाने पर सहायक के रूप में काम करते हैं। इसलिए, आपको इन्हें ठीक प्रकार से अपने कार्यालय के उत्तर-पश्चिम भाग में रखना चाहिए।

जब भी आपके संगठन या कार्यालय को किसी उपभोक्ता, हिस्सेदार या सरकारी विभाग से समर्थन की आवश्यकता होगी,  उस समय पर यह समर्थन सुनिश्चित करेंगे।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों और ग्राहकों की फाइलों को रखने की दिशा/ Placement of Important Documents and Clients Files 

आपके कार्यालय की सफलता विशेष रूप से इस पर निर्भर करती है कि आप अपनी आवश्यक फाइलों और दस्तावेजों को कहाँ संग्रहित करते हैं। यह आपके व्यवसाय,  बैंक खातों या उपभोक्ताओं से संबंधित हो सकते हैं।

आपको अपनी फाइलों के रंगों पर भी विचार करना चाहिए/ You should also consider the colours for your files.

पश्चिम दिशा आपके उपभोक्ता -संबंधित दस्तावेज़ों और फ़ाइलों को संग्रहीत करने के लिए सर्वोत्तम दिशाओं में से एक है। ऐसा करने से आप यह सुनिश्चित कर पायेंगे कि आपको उन ग्राहकों से अधिक से अधिक व्यवसाय प्राप्त होगा। यदि आप उन्हें पश्चिम क्षेत्र में संग्रहीत कर रहे हैं तो धूसर रंग की फाइलें खरीदना भी सर्वाधिक उपयुक्त है।

आपको अपने सभी संपत्ति और निवेश से सम्बंधित दस्तावेज़ कार्यालय के उत्तर-पश्चिम कोने में रखने चाहिए। वह धूसर या श्वेत रंग के हो सकते हैं।

अपने सभी विज्ञापन और विपणन प्रचारपत्र और स्टेशनरी को उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशाओं के मध्य रखना सबसे बेहतर है। यह बेशक आपके कार्यालय की ओर बहुत से ग्राहकों को आकर्षित करेगा। यह इस बात को भी सुनिश्चित करेगा कि आपके विज्ञापन अभियान के कारण अधिक से अधिक व्यवसाय और उससे जुड़े प्रश्न उत्पन्न हों।

हरे पौधे और जल स्त्रोत भी रखें/ Add Green Plants and Water Bodies

हरे पौधे विकास के प्रतीक हैं। आपके व्यवसाय के विस्तार में सहायता करने के अतिरिक्त , वह भीड़-भाड़ वाले कार्यालयों में बहुतायत मात्रा में ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं।

मोबाइल और कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग के कारण से वर्तमान में हमारी आंखों पर काफी ज़ोर पड़ता है। हमारा कम्प्युटर से थोड़ी देर का अवकाश लेकर हरे पौधों को देखना निश्चित रूप से आँखों को आराम पहुंचाएगा।

अपने कार्यालय में चौड़ी पत्तियों वाले विविध पौधे लगाने का प्रयास करें। पौधे लगाने हेतु पूर्व दिशा सबसे अनुकूल होती है।

एक छोटा जल स्त्रोत , जैसे कि एक फव्वारा, आपके कार्यालय में बहुत सारी ऊर्जा लाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चलते पानी में रुके हुए पानी की तुलना में अधिक ऊर्जा  समाहित होती है।

फव्वारा लगाने हेतु उत्तर और उत्तर पूर्व सबसे बेहतर दिशाएँ हैं। यह निस्संदेह कार्यालय के वातावरण में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

साथ ही, यह जल तत्व की ऊर्जा के कारण नवीन अवसरों का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करता है।

निष्कर्ष/ Conclusion

आपका कार्यालय केवल एक कार्य स्थल नहीं बल्कि उससे कहीं अधिक है। यह एक ऐसा स्थान भी है जहां आप अपने दिन का एक तिहाई समय बिताते हैं।

इसलिए, आपको अपने कार्यालय के भीतरी भाग को इस प्रकार निर्मित करना चाहिए कि यह आपको बेहतर महसूस कराए,  आप बेहतर तरीके से कार्य कर पायें और अंततः स्वस्थ रहे।

उपर्युक्त  कार्यालय वास्तु/ vastu for office नियम आपके कार्यालय को कार्य करने हेतु एक स्वस्थ और जीवंत स्थान बना सकते हैं।

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आप यह भी पढ़ सकते हैं कि कैसे ज्योतिष कारखाने, दुकानों/शोरूम और भूखंडों हेतु वास्तु के विषय में जानने में आपकी सहायता करता है।

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