नवरात्रि के पाँचवें दिन पूजी जाने वाली माँ स्कंदमाता भक्तों को संतान सुख, समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद देती हैं। इस बार 4 राशियों पर उनकी विशेष कृपा बरसने वाली है।
माँ दुर्गा का पाँचवाँ स्वरूप माँ स्कंदमाता हैं। ये गोद में बाल स्कंद (कार्तिकेय) को धारण करती हैं और सिंह पर सवार रहती हैं। कमल पर विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।
इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर संतान सुख, धन वृद्धि, पारिवारिक शांति और करियर उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ग्रहों की विशेष स्थिति इस वर्ष माँ स्कंदमाता की ऊर्जा को और प्रभावशाली बना रही है। सूर्य और चंद्रमा का संतुलन मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है।
नई शुरुआत के योग बन रहे हैं। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और करियर में सकारात्मक बदलाव संभव है।
सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों या उच्च पद से लाभ मिल सकता है।
धन लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य में सुधार और नए अवसर मिल सकते हैं।
आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति का अनुभव होगा। पारिवारिक जीवन में सुख बढ़ेगा।
कमल का फूल अर्पित करें
“ॐ देवी स्कंदमातायै नमः” मंत्र का 108 बार जाप
बच्चों को फल या मिठाई दान करें
माँ स्कंदमाता की पूजा श्रद्धा से करें।
संयम, भक्ति और सकारात्मक सोच रखें।
इस नवरात्रि आपकी किस्मत बदल सकती है।