क्या आपने कभी सुना है…
श्रीकृष्ण का दिल आज भी जिंदा है?
सदियों पुराना ये रहस्य आज भी छुपा है…
सच जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे!
जब श्रीकृष्ण ने देह त्यागी…
पूरा शरीर अग्नि में समा गया
लेकिन एक चीज़ नहीं जली…
उनका दिल!
क्या ये कोई दिव्य संकेत था?
अग्नि सब कुछ जला देती है…
लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ
दिल वैसा का वैसा ही रहा
क्या इसमें कोई रहस्यमयी शक्ति थी?
अर्जुन ने उस दिल को समुद्र में प्रवाहित किया…
लेकिन वो डूबा नहीं!
लहरों पर तैरता रहा…
जैसे कहीं पहुंचना चाहता हो…
कहते हैं…
वो दिल बहते-बहते एक पवित्र स्थान पहुंचा
जहां आज भी एक रहस्य छिपा है…
क्या ये कोई संयोग था या योजना?
एक खास रात… पूरा शहर अंधेरे में
कोई लाइट नहीं… कोई आवाज़ नहीं
कुछ ऐसा होता है जिसे कोई देख नहीं सकता!
पुजारियों की आंखों पर पट्टी बांधी जाती है
हाथों में दस्ताने… हर तरह सन्नाटा
क्यों?
क्या वो चीज इतनी शक्तिशाली है?
क्या है ये “ब्रह्म पदार्थ”
इसे हर 12 साल में नई मूर्ति में स्थापित किया जाता है
लेकिन…
आज तक किसी ने इसे देखा नहीं!
ये पूरा रहस्य जुड़ा है
श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर से
जहां आज भी ये परंपरा निभाई जाती है
क्या सच में वही दिल है वहां?
क्या ये सच है… या सिर्फ मान्यता?
क्या सच इतना बड़ा है कि छुपाना पड़ा?
अगर आप सच जानना चाहते हैं…
अगली स्टोरी मिस मत करना!