3 मार्च को लगेगा साल का पहला और सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण!
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब पृथ्वी की छाया चाँद पर पड़ती है — इसी घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं। इस दौरान चाँद लाल या तांबई रंग का दिखाई देता है, जिसे "ब्लड मून" भी कहते हैं।
तारीख: 3 मार्च 2026
ग्रहण शुरू: दोपहर 3:20 बजे
पूर्ण ग्रहण: शाम 4:34 बजे से
भारत में दृश्य: शाम 6:26 बजे चंद्रोदय के बाद लगभग 20-25 मिनट तक
भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में यह ग्रहण सबसे अच्छे से दिखेगा।
देश के बाकी हिस्सों में चंद्रोदय के बाद ग्रहण के अंतिम चरण को देखा जा सकेगा।
साफ आसमान होना जरूरी है!
सूतक काल शुरू: 3 मार्च को सुबह 6:20 बजे से
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है।
इस दौरान पूजा, भोजन पकाना और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
यह चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन पड़ रहा है!
यह एक दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग है।
ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है।
नग्न आँखों से देख सकते हैं — कोई चश्मे की जरूरत नहीं
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और ध्यान करें
गंगाजल का छिड़काव करें
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें
भोजन न पकाएं, न खाएं
देवी-देवताओं की मूर्तियों को न छुएं
नाखून या बाल न काटें
शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि से बचें
ज्योतिष के अनुसार इस चंद्र ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव इन राशियों पर होगा:
वृषभ — धन लाभ
सिंह — करियर में उन्नति
धनु — व्यक्तिगत स्थिरता
यह 2026 का एकमात्र पूर्ण चंद्र ग्रहण है।
पूर्ण ग्रहण की अवधि: 57 मिनट 27 सेकंड
चाँद दिखेगा गहरे लाल रंग में — इसे ब्लड मून कहते हैं
अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 2028 में होगा!
यह चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन पड़ रहा है!
क्या है इस दुर्लभ संयोग का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व?