हर मास की अमावस्या के बाद चंद्रमा को पहली बार देखना
धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
तिथि: बुधवार, 18 फरवरी 2026।
शुभ फल: मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति।
परंपरा: सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य का विधान।
चंद्र दर्शन का शुभ समय लगभग
शाम 6:13 बजे से 7:05 बजे तक है —
सीधे सूरज ढलने के बाद चंद्रमा दिखाई देगा।
मान्यता है कि चंद्र दर्शन से
मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
सूर्यास्त के बाद चंद्रमा दिखते ही
साफ स्थान पर खड़े होकर
धीरे से चंद्र देव को प्रणाम करें।
चांद देखने के बाद
दूध, सफेद मिठाई, चावल आदि दान करना शुभ माना जाता है।
अगर आप चाहें तो पूरा दिन व्रत रख सकते हैं,
पर मुख्य रूप से दर्शन और शांति से पूजा जरूरी है।
ऐसा माना जाता है कि चंद्र दर्शन से
भावनात्मक शांति, परिवार में सौहार्द
और भाग्य में उन्नति होती है।
दर्शन के बाद मन शुद्ध रखकर
शांति से कुछ मंत्र पढ़ें या दोहा सुनें।