क्या आप तैयार हैं? आज जानकी जयंती, कालाष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी का दुर्लभ संगम है। आज की रात आपकी तकदीर बदल सकती है!
आज के दिन माँ सीता हल जोतते हुए राजा जनक को धरती से मिली थीं। आज का दिन नारी शक्ति और 'धैर्य' के सम्मान का दिन है।
आज कालाष्टमी है। भगवान काल भैरव की कृपा से आपके जीवन के हर डर, तंत्र-बाधा और शत्रुओं का सर्वनाश होने वाला है।
आज ही के दिन कृष्ण भक्ति का प्रवाह भी तेज होगा। प्रेम और खुशियों के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है।
माँ सीता ने राजमहलों का सुख छोड़कर वनवास चुना। उनकी कहानी सिखाती है कि 'धैर्य' ही वह शक्ति है जो रावण जैसे अहंकार को भी झुका देती है।
कहते हैं कालाष्टमी की रात जो व्यक्ति भैरव चालीसा पढ़ता है, यमराज भी उसका अहित नहीं कर सकते। आज आपकी सुरक्षा का कवच बनेगा।
जानकी जयंती और कालाष्टमी का मेल राहु-केतु के दोषों को शांत करता है। अगर आप अज्ञात भय से डरे हुए हैं, तो आज का दिन मुक्ति का है।
आज माँ जानकी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन के कलेश दूर होते हैं और अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है।
आज शाम को काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं (भैरव प्रसन्नता) और माँ सीता को सिन्दूर चढ़ाएं। चमत्कार खुद देखें!
कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा कोर्ट केस में विजय दिलाती है। आपके विरोधी शांत होंगे और सत्य की जीत होगी।
आज सात्विक रहें। किसी असहाय या जानवर को परेशान न करें, वरना काल भैरव का प्रकोप झेलना पड़ सकता है।
आज वृश्चिक, मकर और मीन राशि वालों को अचानक धन लाभ और मानसिक शांति मिलेगी। बाकी राशियां 'ॐ नमः शिवाय' जपें।
आज की रात ध्यान लगाने से आध्यात्मिक शक्तियां जागृत होती हैं। माँ सीता और भैरव बाबा का नाम जपते रहें।
9 फरवरी 2026 की इस ऊर्जा को अपने भीतर उतारें। कमेंट में लिखें— "जय सियाराम, जय काल भैरव!"