8 फरवरी: सूर्य की शक्ति और शबरी की भक्ति!

आज का दिन साधारण नहीं, महा-कल्याणकारी है। भानु सप्तमी और शबरी जयंती का यह दुर्लभ संयोग आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकता है!

करोड़ों सूर्यों का फल एक साथ!

जब रविवार के दिन सप्तमी आती है, तो वह 'भानु सप्तमी' कहलाती है। आज के दिन सूर्य को दिया गया एक लोटा जल, 1000 गायों के दान के बराबर है। 

युगों-युगों की प्रतीक्षा की कहानी!

आज उस महान भक्त का दिन है जिन्होंने मतंग ऋषि के वचनों पर विश्वास कर पूरी उम्र भगवान राम की राह देखते हुए बिता दी।

"राम आएंगे..."

शबरी बूढ़ी हो गई थी, झुक गई थी, पर उसकी आँखों की रोशनी कम नहीं हुई। उसे विश्वास था कि उसके गुरु का वचन झूठा नहीं होगा—राम उसकी कुटिया में जरूर आएंगे।

प्रेम की कोई सीमा नहीं!

शबरी ने हर बेर को चखकर देखा कि कहीं प्रभु को खट्टा न लग जाए। भगवान राम ने उनके भाव को देखा और उन जूठे बेरों को छप्पन भोग से ऊपर स्थान दिया। 

कैंसर और त्वचा रोगों से मुक्ति!

भानु सप्तमी को 'आरोग्य सप्तमी' भी कहते हैं। सूर्य की पहली किरण के संपर्क में आने से शरीर की नकारात्मक ऊर्जा भस्म हो जाती है और नई कोशिकाएं जन्म लेती हैं। 

राजनीति और सत्ता में धाक!

यदि आप सरकारी नौकरी या राजनीति में सफल होना चाहते हैं, तो आज का सूर्य पूजन आपको अपार प्रतिष्ठा और शक्ति दिलाएगा। आपका रूतबा बढ़ेगा!

शबरी जैसा सब्र, राम जैसा फल!

यह दिन हमें सिखाता है कि अगर हम अपने लक्ष्य के प्रति शबरी जैसे समर्पित रहें, तो सफलता (राम) को खुद हमारे पास आना ही पड़ता है। 

कैसे करें सूर्य देव को प्रसन्न?

जल में लाल चंदन, गुड़ और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। "ॐ आदित्याय नमः" का जप आपके भाग्य के सूर्य को उदित कर देगा। 

पूर्वजों की शांति का दिन!

सूर्य को पितरों का कारक माना जाता है। आज के दिन दान-पुण्य करने से कुल की वृद्धि होती है और घर के क्लेश जड़ से खत्म होते हैं।