फाल्गुन का रहस्य

जब प्रेम और भक्ति जाग उठे

सृष्टि ठंड और उदासी में सोई थी।

2 फ़रवरी आई

और समय की धारा बदल गई।

ठंड में जमी सृष्टि

माघ का अंत, सन्नाटा चारों ओर

पेड़ नंगे, हवाएँ खामोश।

यह शांति नहीं,

परिवर्तन से पहले का मौन था।

बदलाव का दिन

फाल्गुन का प्रवेश हुआ।

यह तारीख नहीं,

चेतना के जागने का क्षण था।

सृष्टि ने फिर सांस ली।

फाल्गुन – चंद्रमा का महीना

भावनाओं और सौम्यता का काल

मान्यता है— फाल्गुन चंद्रमा का जन्म माह है।

इसीलिए इसे

“चंद्रमा का महीना” कहते हैं।

विष्णु का वरदान

यौवन और प्रेम की वापसी

भगवान विष्णु ने

फाल्गुन के पहले दिन

सृष्टि को उमंग का वरदान दिया।

कामदेव का बाण चला।

शीत निद्रा का अंत

अब खिलने का समय

फूलों के बाण चले,

नई कोपलें फूटीं।

शीत विदा

वसंत आरंभ

भक्ति की शक्ति

प्रह्लाद की अमर कथा

फाल्गुन की भक्ति ऊर्जा ने

होलिका की अग्नि भी शांत कर दी।

विश्वास सबसे बड़ा बल है।

फाल्गुन का मंत्र

छोड़ो पुराना, अपनाओ नया

दुख छोड़ो

अवसर अपनाओ

जीवन रंगीन बनाओ

वसंत हमेशा आता है।

दिव्य संकेत

चंद्र अर्घ्य और शिव ध्यान

फाल्गुन के पहले दिन

चंद्र अर्घ्य या शिव स्मरण से

जीवन में प्रेम और समृद्धि बढ़ती है।


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