noscript

EFFECT ON EACH SIGN WHEN SHUKRA ENTERS MAKAR RASHI

shukra enters makar sign

25 फरवरी को शुक्र कर रहा है मकर राशि में प्रवेश 

शुक्र एक अत्यंत शुभ ग्रह है जिसका हमारे जीवन में विभिन्न प्रकार के बदलाव होते हैं | शुक्रवार के दिन जन्म लेने वाला व्यक्ति बहुत हंसमुख और कुशल होता है |

आइये जानते हैं कि शुक्र के इस गोचरकाल में सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेंगे -  

मेष राशि - 

मेष राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र दसवें भाव में प्रवेश करेगा | यहां शुक्र द्वितीयेश व् दो मारक स्थानों का स्वामी होने से परमपापी व अशुभ है | जब शुक्र जन्मराशि से दसवें स्थान में गोचरवश  आता है तो शरीर में पीड़ा रहती है | यह समय कोई भी नया कार्य करने के शुभ नहीं होता | व्यर्थ में धन की हानि होती है | जिससे मानसिक चिंताओं में वृद्धि होती है | उपाय हेतु शुक्रवार के दिन सवा किलो चावल व शक्कर दक्षिणा सहित ब्राह्मण को दान करें |

वृषभ राशि -

वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र नौवें भाव में प्रवेश करेगा | यहां शुक्र राशीश व षष्ठेश होने से एक दु:स्थान का स्वामी है | वैसे तो यह अशुभ फलकारी है लेकिन राशीश स्वयं कभी अशुभ नहीं होता | इस समय आपके माता - पिता से आपके सम्बन्ध अच्छे रहेंगे | घर में मांगलिक कार्य या कोई धर्मोत्सव हो सकता है | शीघ्र भाग्योदय हेतु शुक्र अष्टोत्तरशत नामावली का हवनात्मक प्रयोग करें |

मिथुन राशि -

मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र अष्टम भाव में प्रवेश करेगा | यहां शुक्र पंचमेश व खर्चेश है | यहां शुक्र त्रिकोण का स्वामी होने से व्ययेश के दोष से युक्त हो गया है | परिवार में शांति रहेगी | जातक के कष्टों का नाश होगा | सुखों में वृद्धि होगी एवं धन का लाभ होगा | धन संग्रहण हेतु शुक्र कवच का नित्य पाठ करें |

कर्क राशि -

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र सप्तम स्थान में होगा | जब शुक्र जन्म राशि से सातवें भाव में गोचरवश आता है तो जातक को अपमानित होने का भय सताता है | जीवनसाथी से वाद-विवाद होता रहता है | व्यर्थ में यात्रायें करनी पड़ती हैं | तथा आजीविका हेतु अत्याधिक मेहनत करनी पड़ती है | इस समय जातक कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे अपमान का सामना करना पड़े | वैवाहिक सुख हेतु नित्य तुलसी के पौधे को जल चढ़ाएं | 

सिंह राशि -

सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र छठे भाव में उपस्थित होगा | यहां शुक्र पराक्रमेश एवं राज्येश है उपचय स्थान का स्वामी होने से शुक्र अशुभ फल ही देगा | इस समय जातक को अत्याधिक सावधान रहें की आवश्यकता है | शत्रु हावी हो सकते हैं | यदि आप पार्टनरशिप में बिज़नेस करते हैं तो पार्टनर से झगड़ा होने की सम्भावना है | इस समय कोई भी लम्बी यात्रा न करें | उपाय हेतु शुक्र कवच का नित्य पाठ करें तथा तेज गति से वाहन न चलाएं |

कन्या राशि -

कन्या राशि में शुक्र पंचम स्थान में उपस्थित होगा | कन्या राशि में शुक्र द्वितीयेश एवं भाग्येश है | शुक्र यहां त्रिकोण का स्वामी होने से मारकेश के दोष से मुक्त हो गया है | अत: योगकारक होकर शुभ फल प्रदाता है | शुक्र के इस गोचर काल में जातक को यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है | शत्रुओं  का नाश होता है | तथा संतान से सम्बंधित कार्यों में सफलता प्राप्त होती है | उपाय हेतु शुक्र नामावली का पाठ करें |

तुला राशि -

तुला राशि के लिए शुक्र चतुर्थ स्थान पर उपस्थित होगा | शुक्र यहां चतुर्थ भाव में मकर राशि का होकर दशम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखेगा | अत: शुक्र के इस गोचर काल में जातक को धन की प्राप्ति होगी | जातक की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी | आत्मविश्वास में वृद्धि होगी | मित्रों एवं परिजनों का भरपूर सहयोग रहेगा | तथा कोई नया  वाहन आदि खरीदने की सम्भावना है |उपाय हेतु अपने नित्य के भोजन में से गौ ग्रास निकालें |

वृश्चिक राशि -

वृश्चिक राशि की जन्म कुंडली में शुक्र तृतीय स्थान पर होगा | जब शुक्र जन्मराशि से तृतीय भाव में गोचरवश आता है तो शत्रुओं का शमन होता है | जातक के मान - प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है | धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी | जातक को पिता व भाई - बहनों का सम्पूर्ण सहयोग प्राप्त होता है | उपाय हेतु शुक्रवार को खटाई का परित्याग करें |

धनु राशि -

धनु राशि के लिए शुक्र द्वितीय भाव में उपस्थित होगा | द्वितीय भाव में गोचरवश जब शुक्र आता है तो जातक का शरीर स्वस्थ रहता है | गुप्त शत्रुओं का नाश होता है | व्यवसाय में वृद्धि होती है धन का लाभ होता है | संतान की ओर से मन शांत रहता है |  सौंदर्य में निखार आता है | उपाय हेतु आलू व दही का दान करें |

मकर राशि -

मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र प्रथम भाव  में उपस्थित रहेगा | मकर राशि में शुक्र पंचमेश एवं राज्येश होने के कारण राजयोगकारक है | शुक्र लग्नेश शनि का मित्र है अत: शुक्र मकर राशि के जातकों के लिए शुभ फल देगा | मकर राशि के जातकों के विवाह के योग भी बनते हैं | जो छात्र विद्याध्ययन कर रहें हैं , उन्हें शुक्र के इस गोचर काल में सफलता प्राप्त होगी | स्त्रियों के लिए वस्त्र एवं आभूषणों का लाभ होगा |उपाय हेतु चमकीले स्फटिक की माला पहनें , लाभ होगा |

कुम्भ राशि -

कुम्भ राशि के जातकों के लिए शुक्र द्वादश भाव में उपस्थित होगा | कुम्भ राशि में शुक्र चतुर्थेश एवं भाग्येश है | शुक्र चंद्र लग्न से बारहवें भाव में जब गोचरवश आता है तो जातक को धन की प्राप्ति होती है | मित्रों एवं परिजनों का सहयोग प्राप्त होता है | लेकिन कुम्भ राशि के जातकों को इस समय अपनी माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए | उपाय हेतु शुक्र कवच का नित्य पाठ करें |

मीन राशि -

मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र जन्मकुंडली के एकादश भाव में प्रवेश करेगा | मीन राशि में शुक्र पराक्रमेश एवं अष्टमेश है |  जब शुक्र गोचरवश एकादश भाव में आता है तो सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है | जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता बढ़ती है | जातक के मान-सम्मान में वृद्धि होती है | उपाय हेतु मीन राशि के जातक सरसों के तेल का दान करें दुर्घटनाओं से बचाव होगा |

कैसा रहेगा वर्ष 2019  राशिवार जानने के लिए -यहाँ क्लिक कीजिये |