noscript

Magha Purnima Par Kya-Kya Daan Karna Hoga Shubh

Magh Purnima

माघ पूर्णिमा का महत्व
हिन्दू धर्म में माघ की पूर्णिमा का विशेष महत्व है | कहा जाता है माघ पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान करने से समस्त  पापों का नाश होता है एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है | मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान विष्णु क्षीर सागर में उपस्थित होते हैं और माँ गंगा क्षीर सागर का ही प्रत्यारूप हैं | 
माघ का माह अत्यंत पावन माना जाता है |  माघ के पूरे महीने ही गंगा स्नान का महत्व होता है , लेकिन जो व्यक्ति नित्य गंगा स्नान नहीं कर सकते वह ब्रह्ममहूर्त में उठकर पूरे माह स्नान करते हैं और पूर्णिमा के दिन गंगा जी में स्नान कर पुण्य प्राप्त करते हैं | कहा जाता है कि माघ स्नान करने वाले व्यक्ति पर भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर धन-धान्य, सुख-समृद्धि तथा संतान एवं मुक्ति प्रदान करते हैं। माघ पूर्णिमा पर स्नान के उपरांत दान हवन और जप आदि किया जाता है | गंगा घाट पर इस दिन पित्तरों के तर्पण हेतु श्राद्ध और दान का भी अत्यधिक महत्व है |

आइये जानते हैं कि राशिवार प्रत्येक व्यक्ति को क्या दान करने से होगी पुण्य की प्राप्ति :-

मेष राशि -

मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और मंगल के अधिपति भगवान श्री हनुमान जी हैं | इसलिए यदि इन राशि के जातकों पर किसी प्रकार का कोई कोर्ट केस आदि चल रहा है  तो वह जातक माघ पूर्णिमा  के दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर भगवान हनुमान के मंदिर जाकर वहां संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें और तत्पश्चात गरीबों को मसूर की दाल का दान करें |

वृषभ राशि -

वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और शुक्र ग्रह की स्वामी भगवान विष्णु की भार्या लक्ष्मी जी हैं | तो वृषभ राशि के जातक ब्रह्ममुहूर्त में स्नानोपरांत माता लक्ष्मी जी के मंदिर जाकर उनकी पूजा - अर्चना कर उन्हें खीर का भोग लगाएं | तत्पश्चात गरीबों  में खीर या किसी सफ़ेद मिठाई आदि का दान करें | इससे माँ लक्ष्मी प्रसंन्न होती है तथा सुख और समृद्धि प्रदान करती हैं  |

मिथुन राशि -

मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं | बुध के अधिपति भगवान गणेश हैं | मिथुन राशि के जातक स्नानोपरांत बुद्धि के प्रदाता भगवान गणेश जी की पूजा करें तत्पश्चात " गणपति अथर्वशीर्ष " का पाठ करें तत्पश्चात भगवान गणेश को मोदक से भोग लगाकर गरीबों में मोदक व हरी सब्जियों आदि का दान करें | इससे भगवान गणपति सभी विघ्नों का नाश करते हैं मोक्ष प्रदान करते हैं |

कर्क राशि -

कर्क राशि के शासक चन्द्रमा हैं और चन्द्रमा को भगवान शिव ने अपनी जटाओं में स्थान दिया है तो कर्क राशि के जातक भगवान शिव के मंदिर जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें एवं गरीबों को दूध व मिश्री का दान करें | इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तजनों को मानसिक शांति प्रदान करते हैं  |

सिंह राशि -

सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं और सिंह राशि के आदिदेव भगवान श्री विष्णु जी हैं | अत: सिंह राशि के जातक स्नानोपरांत अर्धोदित सूर्य को जल में गुड़ मिश्रित कर अर्घ्य दें एवं सूर्य आदित्यस्त्रोत का पाठ करें | तत्पश्चात गरीबों में गेंहूं आदि का दान करें | इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होकर मोक्ष प्राप्ति का वरदान देते हैं |

कन्या राशि -

कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं और बुध के अधिपति भगवान शिवपुत्र श्री  गणेश जी हैं | कन्या राशि के जातकों का यदि लम्बे समय से कोई कार्य रुका हुआ है तो माघपूर्णिमा के दिन विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन कर गणेश स्त्रोत का पाठ करें | तत्पश्चात गरीबों को हरी वस्तुओं का दान करें |  

तुला राशि -

तुला राशि का स्वामित्व शुक्र ग्रह के पास है | और शुक्र ग्रह की स्वामी संसार के संचालक भगवान विष्णु की पत्नी लक्ष्मी जी हैं | यदि तुला राशि के जातकों को नेत्रों से सम्बंधित कोई समस्या है तो स्नानादि के बाद माता लक्ष्मी जी के मंदिर में घी का दीप प्रजव्लित कर उन्हें कमल का पुष्प अर्पित करें | पूजा के उपरान्त गरीबों में सफ़ेद तिल से बनी वस्तुओं का दान करें | इससे माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है और समस्त समस्याओं का हरण करतीं हैं |

वृश्चिक राशि -

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं और मंगल ग्रह के आदिदेव भगवान हनुमान जी हैं | वृश्चिक राशि के जातक शत्रुओं पर विजय प्राप्ति हेतु या किसी कार्य में सफलता हेतु भगवान हनुमान को सिन्दूर अर्पित करें तथा गरीबों को लाल वस्तुओं का दान करें | इससे भगवान हनुमान प्रसन्न होकर अपने भक्तों को विजय प्राप्ति का आशीर्वाद देते हैं |

धनु राशि - 

धनु राशि के स्वामी ग्रह गुरु हैं और गुरु के आदिदेव भगवान विष्णु हैं | धनु राशि के जातक संतान से सम्बंधित किसी समस्या हेतु स्नानोपरांत भगवान विष्णु का पूजन कर विष्णु चालीसा का पाठ करें तदोपरांत केले के पौधे में जल अर्पित करें | दान हेतु यह जातक गरीबों में बेसन के लड्डुओं का दान करें |

मकर राशि -

मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं | शनि देव जो कि न्यायधीश के रूप में भी जाने जाते हैं | मकर राशि के जातक यदि किसी लम्बी बीमारी से पीड़ित हैं तो यह जातक माघ पूर्णिमा के दिन स्नानोपरांत काले तिल का दान करें तथा गरीबों व अपाहिजों को भोजन दान करें |  

कुम्भ राशि -

कुम्भ राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं और शनि देव को प्रसन्न करने हेतु कुम्भ राशि के जातक स्नानोपरांत शनिदेव के मंदिर जाकर वहां तेल अर्पित करें व पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें | तत्पश्चात गरीबों में काले रंग के कम्बल आदि का दान करें |

मीन राशि -

मीन राशि के स्वामी गुरु हैं और गुरु के अधिपति भगवान विष्णु जी हैं | यदि मीन राशि के जातकों को लम्बे समय से कोई समस्या चल रही हैं तो माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु का पूजन कर भगवान श्री सत्यनारायण जी की कथा अदि का आयोजन करें | तत्पश्चात ब्राह्मणों को भोजन कराएं |