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Expected negative effects of Saturn

negative effects of Saturn

Focus and get set to rewrite your story

To read this in Hindi, please go to the bottom. 

Last Sunday, my awakening call on the shifting of Saturn from Sagittarius to Capricorn left many curious. My office phone continued to buzz, and most were curious to know the change they could face due to this change of house of Saturn. And why shouldn't it be, Saturn, the planet related to Karma, troubles, sickness, distress, anger, servants, evil, cruelty, foreign travels, battle, fear, thefts, distress, and death is going to shift to a new house and therefore this Saturn transit is to change its ways of giving results. I met many and cleared their doubts and thoughts on this aspect of Saturn. But I would like to share a question I was asked to answer a couple of days back.

A common anxiety for all

There were two brothers and their father who all had the same Rashi (Moon Sign), Scorpio, and were under the last phase of Shani Ki Sade Sati, which is going to end on 23rd of January 2020. All three were in different professions. As per them, for the last two years, the elder among the brothers was having a miserable time; the younger of the two was having a terrific time, whereas the father had a reasonable time. As their Rashis were the same, then why the time for them was not the same was their obvious question.

My answer to them was based on their horoscopes and was thus very specific. Still, for a general understanding, the transit of Saturn not only provokes the moon sign (Rashi), which was same for all three but also activated the Ascendant( Lagna), the tenth house, the Seventh house and the other divisional charts which were very different for all three of them. So, do not err to estimate your future based on just the Moon Sign. Presently, the sign Sagittarius is inflicted with Saturn and Ketu, whereas some respite is bestowed by Jupiter, which has graced this sign recently.

The Nadi principles talk a lot about the phase of time when these three planets sit together. It is said that when this happens, then the father's hard work goes waste, the Guru's Gyan does not come as a savior, elders do not do justice to their juniors, Gurus or leaders do the opposite to what they preach, and the servants are forced to toil more. Do not take these phrases just as it is, as they have a deeper meaning in them, which helps in enabling to unlock the mysteries to success. So, even if one thinks that he is on the right track, he can get run over if he takes the situation lightly. Make the natal planets and those circling the horoscope dance to tune you want.

Saturn can be both malefic & benefic.

Negative planets can give positive results also.

HINDI TRANSLATION 

अपनी कहानी को फिर से लिखने के लिए तैयार हो जाएं

मेरे पिछले रविवार के  लेख में  धनु से मकर राशि में शनि के गोचर पर  लोगो के मन में  कई उत्सुकताओं ने अनेक प्रकार के प्रश्न उत्पन्न कर दिए । उनके जवाब जानने के मेरे  कार्यालय के फ़ोन लगातार गूंजते रहे ! और अधिकांश लोग  शनि के इस परिवर्तन के कारण होने वाले प्रभाव को जानने के लिए उत्सुक थे। और ऐसा होता भी क्यों नहीं , आखिर शनि एक नए  बदलाव के  घर में जा रहा है ,जिसका प्रभाव  , कर्म से संबंधित  भाव , परेशानियां, बीमारी, संकट, क्रोध, नौकर, बुराई, क्रूरता, विदेश यात्रा, लड़ाई, भय, चोरी, संकट, और मृत्यु से  होता है  ! और इसलिए यह शनि का गोचर अपने परिणाम देने के अपने तरीकों को बदलेगा । मैंने कई लोगों से मुलाकात की और शनि के इस पहलू पर उनके संदेह और विचारों को दिशा दी । लेकिन मैं एक सवाल साझा करना चाहूंगा जो मुझे कुछ दिनों पहले जवाब देने के लिए कहा गया था।

सभी के लिए एक आम चिंता

दो भाई और उनके पिता थे, जिन सभी की चंद्र  राशी ( moon sign ) वृश्चिक थी ! और तीनो शनि की साढ़े साती के अंतिम चरण के तहत थे, जो 23 जनवरी 2020 को समाप्त होने जा रहा है। तीनों अलग-अलग व्यवसायों में थे। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों से, भाइयों के बीच बड़े वाले के लिए ये समय  एक दुखी समय था; छोटे वाले भाई के लिए ये समय बहुत उत्कर्ष था , जबकि पिता के लिए ये समय आमतौर पर सही सही था!  अब यद्यपि उन तीनो की  राशियां समान थीं, फिर उनके लिए ये  समय सामान्य या एक जैसा क्यों नहीं था, यह उनका स्पष्ट और स्वाभाविक प्रश्न था।

उनके लिए मेरा जवाब उनकी कुंडली पर आधारित था और इस तरह बहुत विशिष्ट था। फिर भी, एक सामान्य समझ के लिए, शनि का पारगमन न केवल चंद्र राशिMoon Sign को उकसाता है, जो तीनों के लिए समान था, बल्कि दसवें घर, सातवें घर और अन्य .divisional चार्टों को भी सक्रिय करता है जो कि उन तीनों के लिए बहुत अलग थे । इसलिए, केवल चंद्र राशि Moon Sign  के आधार पर अपने भविष्य का अनुमान लगाने की गलती न करें। वर्तमान में, धनु राशि पर  शनि और केतु का अप्रिय प्रभाव है जबकि कुछ राहत बृहस्पति द्वारा दी गई है, जिसने हाल ही में इस राशि  को अनुग्रहित bless / grace किया है।

नाडी सिद्धांत उस समय के चरण के बारे में  बहुत उल्लेख करते  हैं जब ये तीन ग्रह एक साथ बैठते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जब ऐसा होता है, तब पिता की मेहनत बेकार चली जाती है, गुरु का ज्ञान उद्धारकर्ता के रूप में नहीं आता है, बुजुर्ग अपने कनिष्ठों के साथ न्याय नहीं करते हैं, गुरु या नेता जो करते हैं उसके विपरीत करते हैं, और सेवक अधिक से अधिक परिश्रम करने  के लिए मजबूर होता है । इन वाक्यांशों को केवल किताबी रूप में न लें, बल्कि उनके गहरे अर्थों को समझने की कोशिश करें ! जो कि उन रहस्यों की जानकारी देकर आपको सफलता के पद के लिए सक्षम बनाते । इसलिए, यहां तक ​​कि अगर कोई सोचता है कि वह सही रास्ते पर है, तब भी उसको इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए । जन्म राशि के ग्रहों और उसके आस पास की स्तिथियों को अपने लाभ के अनुसार इस्तेमाल करें ! 

शनि हानिकारकऔर लाभकारी दोनों हो सकते हैं।

नकारात्मक ग्रह सकारात्मक परिणाम भी दे सकते हैं।