1

BASANT PANCHAMI

Basant Panchami

वसंत पंचमी / सरस्वती पूजा 

वसंत पंचमी या श्री पंचमी हिन्दुओं के पवित्र त्यौहारों में से एक है। जिसे पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती जी की पूजा की जाती है।

भक्त गण ज्ञान की प्राप्ति, सुस्ती, आलस्य और अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिए इस दिन देवी सरस्वती की उपासना करते है। कुछ प्रदेशों में इस दिन शिशुओं को पहला अक्षर लिखना पढ़ना सिखाया जाता है। वसंत पंचमी को विद्या शुरू करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। आज के दिन सभी विद्यालयों में सुबह माँ सरस्वती की पूजा की जाती है।

ज्योतिष विद्या में पारन्गत व्यक्तियों के अनुसार वसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये उपयुक्त माना जाता है। इसी कारण से वसन्त पञ्चमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है और नवीन कार्यों की शुरुआत के लिये उत्तम माना जाता है।

वसंत पंचमी के दिन किसी भी समय सरस्वती पूजा की जा सकती है परन्तु पूर्वाह्न का समय पूजा के लिये श्रेष्ठ माना जाता है। सभी विद्यालयों और शिक्षा केन्द्रों में पूर्वाह्न के समय ही सरस्वती पूजा कर माता सरस्वती का आशीर्वाद ग्रहण किया जाता है।

वसंत पंचमी के दिन लोग विशेष कर पीले वस्त्र पहन कर पूजा करते है | हिन्दू धर्म में वासंती रंग (पीले) को शुभ माना गया है। वासंती रंग शुद्ध और सात्विक प्रवृत्ति का परिचायक है। यह सादगी और निर्मलता का भी प्रतीक है। वसंत पंचमी के दिन वासंती यानी पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए |