परशुराम जयंती 2025 में कब है?: इस वर्ष परशुराम जयंती 1 मई 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और अक्षय तृतीया के साथ संयोग बनाता है। यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, पुण्य कर्म और संकल्पों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पिता की आज्ञा और परशुराम जी का असाधारण निर्णय: यह प्रसंग जितना चौंकाने वाला है, उतना ही गूढ़ भी। परशुराम जी के पिता, ऋषि जमदग्नि, एक अत्यंत तेजस्वी व तपस्वी ब्राह्मण थे। उनकी पत्नी रेणुका अपने तप और शील के लिए जानी जाती थीं। एक दिन ऋषि जमदग्नि को रेणुका की चित्त चंचलता पर संदेह हुआ और उन्होंने क्रोध में आकर अपने पुत्रों को आदेश दिया कि वे अपनी माता का वध करें। अन्य सभी पुत्रों ने मना कर दिया, परंतु परशुराम जी ने पिता की आज्ञा को सर्वोपरि मानते हुए यह कड़ा कदम उठा लिया। उन्होंने न केवल अपनी मां का वध किया, बल्कि पिता के कहने पर भाइयों को भी मार डाला। प्रसन्न होकर, ऋषि जमदग्नि ने उन्हें वरदान दिया कि वे अपनी मां और भाइयों को पुनः जीवित कर सकते हैं। यह घटना केवल एक शारीरिक परीक्षा नहीं, बल्कि कर्म, निष्ठा और ब्रह्मचर्य की गहराई को दर्शाती है। परशुराम जयंती का ज्योतिषीय दृष्टिकोण: परशुराम जी की कुंडली एक विशिष्ट ब्राह्मण-योद्धा योग की प्रतीक रही होगी। यह योग उन लोगों में देखा जाता है जिनके भीतर एक साथ धार्मिक अनुशासन, तीव्र बुद्धि और पराक्रम होता है। परशुराम जयंती के दिन ग्रहों की स्थिति क्या कहती है? इस दिन सूर्य, चंद्रमा और शुक्र जैसे ग्रह शुभ स्थिति में रहते हैं। पितृ दोष, मंगल दोष, और ऋण योग से मुक्त होने के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी है। जिन लोगों की कुंडली में पिता से संबंधों में तनाव हो या जिनके जीवन में बार-बार धार्मिक आस्था में गिरावट महसूस होती हो, उनके लिए परशुराम जयंती विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण होती है। सोचने योग्य ज्योतिषीय प्रश्न:: 1. क्या आपकी कुंडली में पितृ दोष या कर्म ऋण का संकेत है? 2. क्या आपकी कुंडली में भी है परशुराम योग या धार्मिक योद्धा संयोग? 3. क्या आपको अक्सर पिता की आज्ञा या मार्गदर्शन का विरोध करना पड़ता है? 4. क्या भूमि विवाद, क्रोध या कानून से जुड़े मामले आपके जीवन में स्थायी रूप से मौजूद हैं? 5. क्या आपका मंगल दोष या कुण्डली का छठा/आठवां भाव अत्यधिक प्रभावी है? 6. क्या आपके भीतर ग़ुस्सा और धार्मिकता का टकराव बना रहता है? 7. क्या आप समझ नहीं पा रहे कि जीवन में कब धर्म का पालन करें और कब न्याय के लिए लड़ें? इन सभी सवालों का उत्तर आपकी कुंडली में छिपा है – और इस परशुराम जयंती पर यह जानना एक बड़ा आध्यात्मिक कदम हो सकता है। इस दिन करें विशेष पूजन और उपाय:: पितृ दोष निवारण पूजा मंगल ग्रह के उपाय ब्राह्मणों को भोजन और दान भगवान परशुराम के 108 नामों का जाप अपनी मां या पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना अगर आप अपने जीवन में बार-बार गुस्से, भूमि विवाद, पारिवारिक मतभेद, या धार्मिक भटकाव से जूझ रहे हैं, तो इस परशुराम जयंती पर अपने ग्रहों की स्थिति को जरूर जांचें। डॉ. विनय बजरंगी से कराएं व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण, और जानें आपके जीवन में कौन से ग्रह बना रहे हैं रुकावटें।