BRICS देशों को धमकी: डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रपति अवधि में BRICS देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका) को कई बार कड़ी चेतावनी दी। उनका मानना था कि ये देश अमेरिकी हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं और इन देशों से व्यापार में अमेरिका को बहुत नुकसान हो रहा है। उन्होंने इन देशों के साथ अपनी आर्थिक नीतियों को फिर से परिभाषित करने की कोशिश की। ट्रंप का यह कदम ज्योतिषीय दृष्टिकोण से उनके मंगल और शनि के प्रभाव से प्रेरित था, जो उन्हें सख्त और निर्णायक कदम उठाने की प्रेरणा देता है। उनका यह दृष्टिकोण अमेरिका के वैश्विक प्रभुत्व को बनाए रखने की ओर था, और यही कारण है कि उन्होंने BRICS देशों के साथ अपने रिश्तों को पुनः परिभाषित किया। WHO से बाहर निकलना: COVID-19 महामारी के दौरान, ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमेरिका को बाहर कर दिया। उनका कहना था कि WHO ने चीन के पक्ष में काम किया और सही समय पर महामारी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उनके इस कदम से विश्व में राजनीतिक हलचल मच गई थी, और इसका असर वैश्विक स्वास्थ्य नीति पर पड़ा। राहू और शनि की स्थिति ट्रंप की कुंडली में एक मजबूत प्रभाव डालती है, जिससे उनका दृष्टिकोण हमेशा स्पष्ट और कट्टर होता था। उनका यह निर्णय अमेरिका के लिए एक आत्मनिर्भर स्वास्थ्य नीति बनाने के उद्देश्य से था, और इसे उनके नेतृत्व का एक प्रमुख कदम माना गया। थर्ड जेंडर के मुद्दे पर सख्त निर्णय: ट्रंप प्रशासन ने थर्ड जेंडर के मुद्दे पर भी अपनी नीति बनाई, जो बहुत ही विवादास्पद था। उन्होंने सरकारी नीतियों में बदलाव किया, जिसमें थर्ड जेंडर की पहचान को लेकर कठोर दिशा-निर्देश दिए गए। ट्रंप का यह कदम उनकी कुंडली के शनि और केतु के प्रभाव से था, जो उन्हें कठोर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं। इस फैसले ने अमेरिका में लैंगिक समानता के मुद्दे पर व्यापक बहस को जन्म दिया, लेकिन ट्रंप ने कभी भी अपने फैसले से पीछे नहीं हटे। Read more - Planets in a straight line - What does January 25, 2025 have for your birth chart इमिग्रेशन पर कड़े फैसले: ट्रंप ने इमिग्रेशन पर बेहद कड़े कदम उठाए। उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले इमिग्रेंट्स के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी और अमेरिकी सीमा सुरक्षा को सख्त किया। उनके इमिग्रेशन फैसले अक्सर आलोचनाओं के शिकार होते थे, लेकिन उन्होंने अपनी नीतियों को लागू किया और इसे अमेरिकी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रक्षा के रूप में प्रस्तुत किया। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, ट्रंप की कुंडली में मंगल और शनि के ग्रहों का प्रभाव उन्हें सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता था। उनके यह कड़े फैसले अमेरिकी समाज और दुनिया भर में इमिग्रेशन को लेकर नए विवादों को जन्म देने वाले थे। व्यापार युद्ध और टैरिफ़: ट्रंप ने चीन और अन्य देशों के खिलाफ व्यापार युद्ध शुरू किया, जिससे वैश्विक व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने कई देशों के उत्पादों पर उच्च टैरिफ़ लगाए, जिससे अमेरिका की अर्थव्यवस्था को लाभ होता दिखाई दिया। उनका यह कदम बुध और मंगल की स्थिति से प्रेरित था, जो व्यापारिक फैसलों को प्रभावी बनाने और शक्ति को बढ़ाने के लिए ट्रंप को प्रेरित करता है। इस व्यापार युद्ध ने वैश्विक बाजार में अस्थिरता पैदा की, लेकिन अमेरिका के लिए यह लाभकारी रहा। पारिस्थितिकी और पर्यावरण नीति: ट्रंप ने पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने अमेरिका के हित में यह कदम उठाया और यह कहा कि पेरिस समझौते से अमेरिका को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ज्योतिष के दृष्टिकोण से यह निर्णय शनि और केतु के प्रभाव से था, जो ट्रंप को ठोस और व्यावसायिक निर्णय लेने की प्रेरणा देते हैं। हालांकि, इस फैसले ने अमेरिका के पर्यावरणीय लक्ष्यों को एक नए दिशा में बदल दिया, लेकिन दुनिया भर में इस पर विवाद हुआ। मिडिल ईस्ट में सैनिकों की वापसी: ट्रंप ने मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का निर्णय लिया, जो अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इस फैसले के पीछे राहू और मंगल का प्रभाव देखा जाता है, जो ट्रंप को युद्ध की समाप्ति और शांति की दिशा में निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका यह कदम अमेरिका को और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से था, जिससे उसकी मिडिल ईस्ट की राजनीति में भूमिका कम हुई। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी: अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी ट्रंप के प्रशासन के दौरान हुआ, जो एक और प्रमुख कड़ा कदम था। यह निर्णय अमेरिकी सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है। इस फैसले ने अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर नई बहसें पैदा कीं, लेकिन ट्रंप ने इसे अपनी विदेश नीति का हिस्सा माना। नॉर्थ कोरिया से बातचीत: ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन से ऐतिहासिक मुलाकात की, जो अब तक के सबसे अनोखे और अप्रत्याशित फैसलों में से एक था। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, यह कदम सूर्य और बुध के प्रभाव से था, जो कूटनीतिक वार्ता और समझौतों को बढ़ावा देता है। नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना और समझौते की दिशा में बढ़ना ट्रंप के नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण उदाहरण था। इजराइल और अरब देशों के बीच शांति समझौते: ट्रंप ने इजराइल और अरब देशों के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे अब्राहम समझौता कहा जाता है। यह कदम उनकी राहू और शनि की स्थिति का प्रभाव था, जो उन्हें विश्व राजनीति में अहम और मजबूत कदम उठाने के लिए प्रेरित करते हैं। इस समझौते ने मध्य-पूर्व में शांति प्रक्रिया को एक नई दिशा दी और इजराइल और अरब देशों के बीच संबंधों को नया रूप दिया। डॉ. विनय बजरंगी का विश्लेषण: ज्योतिषाचार्य डॉ. विनय बजरंगी के अनुसार, ट्रंप की कुंडली में मंगल और शनि की स्थितियाँ उन्हें कड़े, निर्णायक और साहसिक निर्णय लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके ये फैसले अक्सर एकतरफा, लेकिन प्रभावशाली होते थे, जो कभी न कभी वैश्विक राजनीति में बदलाव लाते थे। डॉ. बजरंगी बताते हैं कि जब भी ट्रंप ने कोई कड़ा निर्णय लिया, उसके पीछे उनकी कुंडली का मजबूत ग्रहणीय प्रभाव था, जिसने उन्हें हर स्थिति में दृढ़ और आत्मविश्वासी बनाए रखा। निष्कर्ष: डोनाल्ड ट्रंप के फैसले हमेशा वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ने वाले रहे। उनकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति ने उनके फैसलों को प्रेरित किया और उनका नेतृत्व हमेशा साहसिक, लेकिन विवादास्पद रहा। चाहे वह BRICS देशों को धमकी हो, WHO से बाहर जाना, या इमिग्रेशन पर कड़े कदम उठाना—ट्रंप ने हर मुद्दे पर अपना स्पष्ट और मजबूत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जो उनकी राजनीतिक पहचान को और भी मजबूत बनाता है।