मलकुंड/Septic tank हेतु सही वास्तु

मलकुंड(Septic Tank) वास्तु/ Vastu for Septic Tank ने गत समय में अत्यधिक महत्व प्राप्त किया है। बढ़ती आबादी और निर्माण मलकुंड(Septic Tank)  निर्माण को ऐच्छिक मुद्दे से एक आवश्यकता बना दिया है।

सही मलकुंड वास्तु का महत्व/The importance of Correct Septic Tank Vastu

मलकुंड (Septic Tank) को भूमिगत खोदने हेतु एक गड्ढे की आवश्यकता होती है। यह वही स्थान है जहां सभी मानव अपशिष्ट, मल आदि को एकत्र और उसका निवारण किया जाता है।

सही मलकुंड वास्तु का महत्व/The importance of Correct Septic Tank Vastu

मलकुंड (Septic Tank) को भूमिगत खोदने हेतु एक गड्ढे की आवश्यकता होती है। यह वही स्थान है जहां सभी मानव अपशिष्ट, मल आदि को एकत्र और उसका निवारण किया जाता है।

बाथरूम, शौचालय, रसोई से सारा अपशिष्ट जल  मलकुंड(Septic Tank) में बहता है। ठोस पदार्थ तल पर रह जाते हैं और पानी भूमि में चला जाता है। अपशिष्ट जल में अवायवीय जीवाणु की उपस्थिति के कारण, ठोस पदार्थ कीचड़ और गैस में परिवर्तित हो जाते है।

एक दोषपूर्ण मलकुंड(Septic Tank) पर्यावरण के साथ-साथ ही उस स्थान की  ऊर्जा को विकृत कर सकता है जहाँ पर वह गलत तरीके से बनाया गया है।

क्योंकि मलकुंड(Septic Tank) में अपशिष्ट जल भूमिगत है, यह धरती पर नकारात्मक विकिरण के भंवर को सकता है। जब उस स्थान के निवासी इस विकिरण के नियमित संपर्क में आते हैं, तो गलत तरीके से निर्मित मलकुंड( Septic Tank)  के प्रभाव वह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं। 

मलकुंड(Septic Tank) को 'निपटान के स्थान' के रूप में बेहतर समझा जा सकता है। लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि वह उस क्षेत्र की ऊर्जा को  प्रभावी ढंग से निकासी करते हैं जिसमें वह स्थित है। इस प्रकार, एक गलत स्थान पर निर्मित मलकुंड (Septic Tank)  क्षेत्रीय ऊर्जा  को काफी हद तक कम कर सकता है और बड़ी समस्याओं को आपके समक्ष ला सकता है।

जैसा की पहले बताया गया है, एक गलत तरीके से निर्मित मलकुंड(Septic Tank)  घर की ऊर्जा को विकृत कर सकता है और इसके चलते , रोग , हानियों और तनावों को जन्म देता है।

पूर्व के दक्षिण पूर्व हेतु वास्तु के अनुसार मलकुंड/ Septic tank as per vastu for East of South East

मलकुंड(Septic Tank) को निर्मित करने के लिए दक्षिण पूर्व की पूर्व दिशा एक उत्तम स्थान है। यह वह क्षेत्र है जहां शौचालय का निर्माण करने हेतु भी अनुकूल है

पूर्व के दक्षिण पूर्व हेतु वास्तु के अनुसार मलकुंड/ Septic tank as per vastu for East of South East

मलकुंड(Septic Tank) को निर्मित करने के लिए दक्षिण पूर्व की पूर्व दिशा एक उत्तम स्थान है। यह वह क्षेत्र है जहां शौचालय का निर्माण करने हेतु भी अनुकूल है

इस स्थान पर निर्मित मलकुंड(Septic Tank) मन के अधिक मंथन को कम करता है और निवासियों की अति विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति को सीमित करता है। यह चिंता और घबराहट से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है।

दक्षिण पश्चिम के दक्षिण हेतु दिशा वास्तु के अनुसार मलकुंड/ Septic tank as per vastu for South of South West 

मलकुंड(Septic Tank) रखने के लिए यह शायद सबसे बेहतर स्थान है। निपटान का क्षेत्र होने की वजह से - इस क्षेत्र की ऊर्जाएं हमारे जीवन के सभी अपशिष्ट सामानों को निपटाने में स्वाभाविक तौर पर सक्षम हैं। मानव अपशिष्ट हो, भावनात्मक या मानसिक बर्बादी हो या बेकार रिश्ते- हमारे लिए जो कुछ भी बेकार है उसे निपटाने के लिए यह एक सर्वाधिक उत्तम क्षेत्र है

उत्तर पश्चिम के पश्चिम के लिए वास्तु के अनुसार मलकुंड/ Septic tank as per vastu for West of North West 

वास्तु पर लिखे प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, यह वह क्षेत्र है जो हमारे मन में सभी अवरुद्ध भावनाओं को मुक्त करने के लिए उत्तरदायी है।

उत्तर पश्चिम के पश्चिम के लिए वास्तु के अनुसार मलकुंड/ Septic tank as per vastu for West of North West 

वास्तु पर लिखे प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, यह वह क्षेत्र है जो हमारे मन में सभी अवरुद्ध भावनाओं को मुक्त करने के लिए उत्तरदायी है।

यहां मलकुंड(Septic Tank) का निर्माण करना भी उचित है। ऐसा करने से निवासियों को अपने मन एवं दिल में सभी अवरुद्ध भावनाओं को त्यागने में मदद मिलेगी।

शरीर से नकारात्मक भावनाओं का निकलना मन और हृदय दोनों को ही  आराम देता है। और उसके पश्चात , भौतिक शरीर रोग मुक्त हो जाता है।

क्या करें और क्या न करें/ Important Do’s & Don’ts

  1. उत्तर, या उत्तर पूर्व दिशा में कभी भी मलकुंड(Septic Tank) का निर्माण ना करें। यह उस क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।
  2. मुख्य द्वार के सामने मलकुंड(Septic Tank) का निर्माण करने से बचें।
  3. वास्तु के अनुसार मलकुंड(Septic Tank)/Septic tank as per vastu के ठीक ऊपर  शयन कक्ष के निर्माण से बचें, भले ही वे ऊपर की मंजिलों पर हों।
  4. मलकुंड(Septic Tank) के ऊपर कोई पूजा कक्ष या रसोई का निर्माण भी नहीं होना चाहिए।
  5. सदा-सर्वदा यह सुनिश्चित करें कि मलकुंड(Septic Tank) भूखंड की चारदीवारी को नहीं छूता है। यह इससे कुछ फीट की दूरी पर होना चाहिए।
  6. मलकुंड (Septic Tank) का निर्माण घर के चबूतरे से कुछ दूरी पर होना चाहिए।
  7. मलकुंड(Septic Tank) स्तम्भ के स्तर से ऊंचा नहीं होना चाहिए।
  8. मलकुंड(Septic Tank) की निकासी उत्तर या पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
  9. दक्षिण दिशा में कोई भी निकासी नहीं होनी चाहिए।

निष्कर्ष/ Conclusion 

क्या करें और क्या न करें/ Important Do’s & Don’ts

  1. उत्तर, या उत्तर पूर्व दिशा में कभी भी मलकुंड(Septic Tank) का निर्माण ना करें। यह उस क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।
  2. मुख्य द्वार के सामने मलकुंड(Septic Tank) का निर्माण करने से बचें।
  3. वास्तु के अनुसार मलकुंड(Septic Tank)/Septic tank as per vastu के ठीक ऊपर  शयन कक्ष के निर्माण से बचें, भले ही वे ऊपर की मंजिलों पर हों।
  4. मलकुंड(Septic Tank) के ऊपर कोई पूजा कक्ष या रसोई का निर्माण भी नहीं होना चाहिए।
  5. सदा-सर्वदा यह सुनिश्चित करें कि मलकुंड(Septic Tank) भूखंड की चारदीवारी को नहीं छूता है। यह इससे कुछ फीट की दूरी पर होना चाहिए।
  6. मलकुंड (Septic Tank) का निर्माण घर के चबूतरे से कुछ दूरी पर होना चाहिए।
  7. मलकुंड(Septic Tank) स्तम्भ के स्तर से ऊंचा नहीं होना चाहिए।
  8. मलकुंड(Septic Tank) की निकासी उत्तर या पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
  9. दक्षिण दिशा में कोई भी निकासी नहीं होनी चाहिए।

निष्कर्ष/ Conclusion 

मलकुंड (Septic Tank) का निर्माण एक दुष्कर कार्य हो सकता है क्योंकि इस संदर्भ में  क्षेत्र के चुनाव में बहुत से विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि,  मलकुंड को सही ढंग से निर्मित करने में विफल होना एक आपदा साबित हो सकता है जिससे निश्चित रूप से हर किसी को बचना चाहिए।