वाणिज्यिक के लिए वास्तु

वास्तु वास्तुकला विज्ञान/ Science of Architecture की सबसे उत्तम खोज है। वर्तमान समय में लोग इसकी बहुत बात करते हैं, लेकिन आपको यह जान लेना चाहिए कि कि वास्तु पौराणिक समय से ही लोगों की सहायता कर रहा है और इसे भारत ने ही दुनिया को दिया था। यदि आपको इस बात पर भरोसा नहीं है तो आप घर के चुनाव के लिए वास्तु/ Vastu for home section पर मेरे द्वारा लिखा लेख भी पढ़ सकते हैं। इस उपकरण का प्रयोग तब भी हुआ था जब पटना (बिहार) में नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ था। इस लेख को पढ़ कर आप वास्तु शास्त्र/Vastu Shastra के बारे में बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आप आउटलुक इंडिया / द वीक्स / हिंदुस्तान टाइम्स में वाणिज्यिक के लिए वास्तु पर मेरा नवीनतम साक्षात्कार नीचे हमारे समाचार अनुभाग से जा कर भी पढ़ सकते हैं।

वास्तु हालांकि किसी भी संरचना में प्राकृतिक और धार्मिक कारकों के लाभों को एकीकृत करने के विज्ञान से संबंध रखता है। लेकिन काफी हद तक यह उस उद्देश्य पर निर्भर करता है जिसके लिए वह संरचना बनाई जा रही है। इन उद्देश्यों को मोटे तौर पर दो वर्ग में बांटा गया है: घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग और व्यावसायिक उपयोग। संरचना के प्रकार इतने अधिक हैं कि मैंने उन्हें दो खंडों में विभाजित करने का विचार किया जिससे आपको समझने में भी आसानी होगी।

आप हमारे वेबसाइट पर मौजूद निःशुल्क कैलकुलेटर का प्रयोग करके भी बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वाणिज्यिक परिसर के लिए वास्तु/ Vastu for Commercial Premises

किसी भी संरचना को बनाने का कारण उसके निर्माण और वास्तु में अहम भूमिका निभाता है। अस्पताल के कमरे की बनावट अध्ययन कक्ष की बनावट से अलग होती है क्योंकि दोनों को बनाने का कारण भी अलग अलग होता है। इसलिए इसका वास्तु भी एक दूसरे से भिन्न होता है। इस बात से एक बात और साफ हो जाती है कि हर तरह के ढांचे का वास्तु एक जैसा रहना संभव नहीं है। इसलिए जब भी आप अपने लिए घर या किसी अन्य चीज का निर्माण करवाएं, सबसे पहले किसी ज्ञानी ज्योतिषी से वास्तु के संबंध में सलाह जरूर ले लेना चाहिए।

वाणिज्यिक परिसर के लिए वास्तु/ Vastu for Commercial Premises

किसी भी संरचना को बनाने का कारण उसके निर्माण और वास्तु में अहम भूमिका निभाता है। अस्पताल के कमरे की बनावट अध्ययन कक्ष की बनावट से अलग होती है क्योंकि दोनों को बनाने का कारण भी अलग अलग होता है। इसलिए इसका वास्तु भी एक दूसरे से भिन्न होता है। इस बात से एक बात और साफ हो जाती है कि हर तरह के ढांचे का वास्तु एक जैसा रहना संभव नहीं है। इसलिए जब भी आप अपने लिए घर या किसी अन्य चीज का निर्माण करवाएं, सबसे पहले किसी ज्ञानी ज्योतिषी से वास्तु के संबंध में सलाह जरूर ले लेना चाहिए।

यदि आप घर के लिए वास्तु/ Vastu for home की तलाश में इस पेज पर आ गए हैं तो आप अध्ययन कक्ष, रसोई घर, बैठक कक्ष, या अन्य निजी इस्तेमाल में आने वाले संरचना पर वास्तु के बारे में हमारी वेबसाइट पर मौजूद लेखों से पढ़ सकते हैं। आप इन लिंक पर भी क्लिक करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आप कार्यालयों, मॉल, होटल, अस्पताल, शोरूम, उपयोगिताओं, आदि के लिए वास्तु के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे अन्य पेज को पढ़ सकते हैं।

कारखाने के लिए वास्तु

दुकान/शोरूम के लिए वास्तु

कार्यालय के लिए वास्तु

भूखंडों के लिए वास्तु

फ्लैट और अपार्टमेंट के लिए वास्तु

अस्पताल के लिए वास्तु

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नवीनतम ज्योतिष समाचार: डॉ विनय बजरंगी

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