कुंडली में संपत्ति विवाद के लिए ज्योतिष समाधान -property disputes solutions in astrology

संपत्ति विवाद

इस विषय के ज्योतिषीय समाधान का पता लगाने से पहले आपको सामान्य कारणों के बारे में जान लेना चाहिए। जीवन के एक मोड़ पर हर व्यक्ति अपने लिए संपत्ति खरीदने की इच्छा रखता है। चाहे वह निजी कार्य के लिए हो या फिर औद्योगिक कार्यों के लिए। चाहे आप किसी भी कारणवश संपत्ति को खरीदे, उसमें निवेश की मात्रा अधिक होती है। नौकरशाही, खामियों और अस्पष्ट नियमों की वजह से आपके निवेश डूबने की आशंका सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। यदि आपको संपत्ति को लेकर कोई विवाद होता भी है, तो इसका समाधान भी आस पास ही मिलेगा। इस स्थिति में आप कानून का सहारा भी ले सकते हैं। एक शोध के अनुसार, 50% मामले जो अदालत में अभी चल रहे हैं वह संपत्ति से जुड़े मामले हैं।

कुंडली में संपत्ति/रियल एस्टेट के विवाद के ज्योतिषीय कारण/Astrological reasons for Disputes in Property/Real Estate

हमारी जन्म कुंडली/birth chart के आकलन से संपत्ति के विवाद के ज्योतिषीय कारणों/Astrological reasons का पता लगाया जा सकता है। जमीन से जुड़े विवादों के प्राथमिक कारण इंसान के दिमाग का लालच और धोखा देने वाला व्यवहार है। लेकिन सवाल यह उठता है कि इसका आपकी कुंडली/birth chart से कैसे पता चलेगा? एक ज्ञानी ज्योतिषी आपकी कुंडली/birth chart के चौथे भाव/Fourth House को देखकर इस विषय में योग का पता लगा सकते हैं। कुंडली में चौथा भाव/Fourth House, संपत्ति को दर्शाता है। यदि यह भाव किसी नकारात्मक प्रभाव में हो, तो यह आपको किसी बड़ी समस्या में फंसने का संकेत दे सकता है। हो सकता है कि आपको कोर्ट के चक्कर भी लगाना पड़े। इस विषय में बहुत सारे कारक है, और हर एक आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चौथे भाव/Fourth House और चतुरमेश की आपके कुंडली/Natal Chart में मौजूदगी और इनपर ग्रहों का प्रभाव उन कारकों में से एक है।

कुंडली में संपत्ति/रियल एस्टेट के विवाद के ज्योतिषीय कारण/Astrological reasons for Disputes in Property/Real Estate

हमारी जन्म कुंडली/birth chart के आकलन से संपत्ति के विवाद के ज्योतिषीय कारणों/Astrological reasons का पता लगाया जा सकता है। जमीन से जुड़े विवादों के प्राथमिक कारण इंसान के दिमाग का लालच और धोखा देने वाला व्यवहार है। लेकिन सवाल यह उठता है कि इसका आपकी कुंडली/birth chart से कैसे पता चलेगा? एक ज्ञानी ज्योतिषी आपकी कुंडली/birth chart के चौथे भाव/Fourth House को देखकर इस विषय में योग का पता लगा सकते हैं। कुंडली में चौथा भाव/Fourth House, संपत्ति को दर्शाता है। यदि यह भाव किसी नकारात्मक प्रभाव में हो, तो यह आपको किसी बड़ी समस्या में फंसने का संकेत दे सकता है। हो सकता है कि आपको कोर्ट के चक्कर भी लगाना पड़े। इस विषय में बहुत सारे कारक है, और हर एक आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चौथे भाव/Fourth House और चतुरमेश की आपके कुंडली/Natal Chart में मौजूदगी और इनपर ग्रहों का प्रभाव उन कारकों में से एक है।

इसके साथ-साथ, यहां कुछ और भी तत्व हैं जो संपत्ति के विवाद के ज्योतिषीय कारणों का पता लगाने में सहायता कर सकते हैं। जैसे कि हम पहले आपको बता चुके हैं – किसी भी व्यक्ति का लालच और धोखा देने की आदत संपत्ति के विवाद का प्राथमिक कारण है। वहीं दूसरी तरफ आपकी कुंडली के आकलन से विशेष लक्षणों का आसानी से पता लगाया जा सकता है। आप यह भी कह सकते हैं कि यदि आपकी कुंडली/Natal Chart में पीड़ित ग्रहों की मौजूदगी होगी, तो यह इन विवादों को बढ़ावा दे सकते हैं। इसके बारे में आपको इस लेख से पता चल सकता है।

आपको इस बात को समझना चाहिए कि, यदि कोई समस्या है, तो उसका समाधान भी होगा। आपकी कुंडली में संपत्ति के विवाद के ज्योतिषीय समाधान/astrological solutions for property disputes in horoscope उपचार से ज्यादा सावधानी पर ध्यान देता है। आप ज्यादातर विवादों को सावधान रहकर सुलझा सकते हैं, या यूं कहें कि सावधान रहकर उन्हें अपने पास आने ही नहीं देते। आपकी कुंडली से सतर्कता का आभास हो सकता है। साथ में इसके आकलन से संघर्ष के समय और उससे जुड़े नुकसान के बारे में भी पता चल सकता है। चलिए उन ग्रहों और भावों के बारे में विस्तार से  जानते हैं जो इन विवादों का कारण बन सकते हैं। चलिए इससे पहले संपत्ति के अलग अलग प्रकार के विवादों और उनके ज्योतिषीय कारण का पता लगाते हैं।

जमीन और धन संपत्ति के विवाद में कौन से ग्रह और भाव जिम्मेदार होते हैं।

जैसे कि हम जानते हैं कि संपत्ति के विवाद के बहुत सारे कारण हो सकते हैं। चलिए उन ग्रहों और भावों के बारे में जानते हैं जो इन विवादों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। नीचे संपत्ति के विवाद के उन पांच कारणों और संकेतों के बारे में दिया गया है जो इस विवाद के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं और इन सभी को आपकी कुंडली से पढ़ कर पता लगाया जा सकता है। डॉ विनय बजरंगी के अनुसार, कुंडली/Natal Chart के शनि और मंगल की दूसरे/Second House और चौथे भाव/Fourth House में मौजूदगी इन समस्याओं में वृद्धि कर सकते हैं। इसके परिणाम स्वरूप, यह आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है और वह अपने जीवन के कुछ महत्वपूर्ण साल के साथ साथ बहुत सारा धन इन विवादों में गवां देते हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि इस विषय में कोई भी निर्णय लेने से पहले एक अच्छे ज्योतिषी से संपर्क करें। वह आपको आपकी कुंडली के आधार पर उत्तम निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं और साथ में उस निर्णय को लागू करने के उत्तम समय के बारे में भी बता सकते हैं। वह आपकी कुंडली के वर्तमान ग्रह दशा को देखकर आपको भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से सूचित कर सकते हैं।

जमीन और धन संपत्ति के विवाद में कौन से ग्रह और भाव जिम्मेदार होते हैं।

जैसे कि हम जानते हैं कि संपत्ति के विवाद के बहुत सारे कारण हो सकते हैं। चलिए उन ग्रहों और भावों के बारे में जानते हैं जो इन विवादों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। नीचे संपत्ति के विवाद के उन पांच कारणों और संकेतों के बारे में दिया गया है जो इस विवाद के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं और इन सभी को आपकी कुंडली से पढ़ कर पता लगाया जा सकता है। डॉ विनय बजरंगी के अनुसार, कुंडली/Natal Chart के शनि और मंगल की दूसरे/Second House और चौथे भाव/Fourth House में मौजूदगी इन समस्याओं में वृद्धि कर सकते हैं। इसके परिणाम स्वरूप, यह आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है और वह अपने जीवन के कुछ महत्वपूर्ण साल के साथ साथ बहुत सारा धन इन विवादों में गवां देते हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि इस विषय में कोई भी निर्णय लेने से पहले एक अच्छे ज्योतिषी से संपर्क करें। वह आपको आपकी कुंडली के आधार पर उत्तम निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं और साथ में उस निर्णय को लागू करने के उत्तम समय के बारे में भी बता सकते हैं। वह आपकी कुंडली के वर्तमान ग्रह दशा को देखकर आपको भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से सूचित कर सकते हैं।

कुंडली में मंगल का नकारात्मक दोष एक बार घटने वाली घटना नहीं है, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। इसका प्रभाव बहुत भारी हो सकता है। यदि इसका प्रभाव नियंत्रित रूप से पड़े, तो यह अखंड समराज्य योग (बहुत पवित्र योग) को गरीबी के योग में तब्दील कर सकता है। हर व्यक्ति की कुंडली/Horoscope में ग्रहों की मौजूदगी बताती है कि संपत्ति का उस व्यक्ति के जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ेगा – क्या उसे फायदा होगा, या फिर उसे नुकसान सहना पड़ सकता है। उस के बावजूद भी लोगों के मन में ऐसी संपत्ति खरीदने की इच्छा होती है जिसका मूल्य दिन प्रतिदिन बढ़ती रहता है।

मैं पहले ही आपको बता चुका हूं कि आपकी कुंडली के पूर्ण आकलन से संपत्ति से जुड़े मामलों को आसानी से पता लगाया जा सकता है। यदि आपको इस विषय में पहले से ही ज्ञात होगा, तो आपको किसी भी परेशानी से डरने की आवश्यकता नहीं है।

कुंडली में संपत्ति योग (Property yogas in the Kundali)

कुंडली में संपत्ति योग (Property yogas in the Kundali)

यदि आपकी कुंडली में असंख्या भूमि योग (बहुत सारे संपत्ति योग), भूमि सहायक योग (संपत्ति से आय का योग), स्वगृह योग (खुद के घर का योग), और सुख मंगल योग (शुभ मंगल का योग) हो, तो यह संपत्ति के शुभ योग की तरफ इशारा करता है। यदि यह योग जातक की कुंडली में हो, और यह लग्न (डी-1) और डी-60 चार्ट में मौजूद हो, तो यह जातक के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ, किसी की कुंडली में नकारात्मक संपत्ति योग के कारण उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिसके परिणामस्वरूप, आपकी अपनी संपत्ति होने के बावजूद भी आपको बहुत सारे विवादों का सामना कर सकते हैं।  

यह सभी कारण हर मामले में एक दूसरे से अलग होते हैं। लेकिन हर परिस्थिति में कुंडली के भावें में ग्रहों की मौजूदगी से विवाद के कारण और इसके समाधान का पता लगाया जा सकता है। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण ग्रहों के संयोजन को हम ऊपर ही समझ चुके हैं। जैसे संपत्ति के विवाद के बहुत सारे ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं, वैसे ही इसके बहुत सारे विवाद हो सकते हैं। चलिए इसके बारे में और विस्तार से उदाहरण के साथ समझते हैं।

संपत्ति में विवाद का कारण: संपत्ति में हिस्सेदारी का अनुपात (Reasons for property disputes)

जब किसी संपत्ति के दो हिस्से किए जाते हैं और उनमें "परस्पर" या "संयुक्त रूप से" जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है तो दोनों साथियों के बीच भ्रम या मतभेद की स्थिति बन सकती है। जिसके परिणाम स्वरूप संपत्ति में विवाद बढ़ जाता है, क्योंकि किसी को अपनी हिस्सेदारी का पता नहीं होता है। ऐसा अक्सर तब देखा जाता है जब नई जमीन के मालिक ज्यादा पढ़े-लिखे ना हो; या फिर उनकी सेहत खराब हो, और किसी तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप हो जाए। एक ज्ञानी ज्योतिषी (Learned Astrologer) आपको इस विषय में पहले से ही सूचित कर सकते हैं ताकि आप इसके लिए पहले से तैयार हो सके।

संपत्ति में विवाद का कारण: संपत्ति में हिस्सेदारी का अनुपात (Reasons for property disputes)

जब किसी संपत्ति के दो हिस्से किए जाते हैं और उनमें "परस्पर" या "संयुक्त रूप से" जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है तो दोनों साथियों के बीच भ्रम या मतभेद की स्थिति बन सकती है। जिसके परिणाम स्वरूप संपत्ति में विवाद बढ़ जाता है, क्योंकि किसी को अपनी हिस्सेदारी का पता नहीं होता है। ऐसा अक्सर तब देखा जाता है जब नई जमीन के मालिक ज्यादा पढ़े-लिखे ना हो; या फिर उनकी सेहत खराब हो, और किसी तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप हो जाए। एक ज्ञानी ज्योतिषी (Learned Astrologer) आपको इस विषय में पहले से ही सूचित कर सकते हैं ताकि आप इसके लिए पहले से तैयार हो सके।

संपत्ति के विवाद के कारण: किराए पर/लीज दी गई संपत्ति का दुरुपयोग/ Reasons of Property Disputes: Misuse of Rented/Leased Property

किराए पर/लीज दी गई संपत्ति पर विवाद भारत में बहुत ही आम है। यह विवाद मालिक और किराएदार, या फिर किरायेदार और स्थानीय कल्याण संघ के बीच में हो सकता है। इस विवाद को किराये /पट्टे के समझौते से सुलझाया जा सकता है। यदि इस समझौते में साफ साफ हर बात जैसे – रहने के नियम, रखरखाव के लिए धन राशि, किराया और इत्यादि, लिखा हो तो आप इस समस्या से बच सकते हैं। एक ज्ञानी ज्योतिषी (Learned Astrologer) संपत्ति से जुड़े विवाद को आसानी से सुलझा सकता है। यदि ड़ी-4 चार्ट को ड़ी-1 चार्ट के साथ पढ़ा जाए, तो किराए पर/लीज़ दी गई संपत्ति के दुरुपयोग के बारे में आसानी से पता लगाया जा सके।

संपत्ति में विवाद के कारण: अधिभोग प्रमाणपत्र का गैर प्रावधान (Reasons for property disputes - Non-provision of occupancy certificate)

अधिभोग प्रमाणपत्र का गैर प्रावधान संपत्ति विवाद सामान्य कारणों मे से एक है। ऐसे भी बहुत सारे मामले देखे गए हैं जहां पर खरीदारों ने संपत्ति खरीद ली है लेकिन वह उसमें रहने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। ऐसा तब होता है जब निर्माण करने वाला व्यक्ति इस घर के लिए अधिभोग प्रमाणपत्र पाने में असमर्थ हो जाता है। आमतौर पर, ऐसे मामले भी सामने आते हैं जब डेवलपर कुछ सामाजिक और न्यायिक मानदंडों की धज्जियां उड़ाते हैं, जिससे संपत्ति में विवाद बढ़ जाता है।

संपत्ति में विवाद के कारण: अधिभोग प्रमाणपत्र का गैर प्रावधान (Reasons for property disputes - Non-provision of occupancy certificate)

अधिभोग प्रमाणपत्र का गैर प्रावधान संपत्ति विवाद सामान्य कारणों मे से एक है। ऐसे भी बहुत सारे मामले देखे गए हैं जहां पर खरीदारों ने संपत्ति खरीद ली है लेकिन वह उसमें रहने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। ऐसा तब होता है जब निर्माण करने वाला व्यक्ति इस घर के लिए अधिभोग प्रमाणपत्र पाने में असमर्थ हो जाता है। आमतौर पर, ऐसे मामले भी सामने आते हैं जब डेवलपर कुछ सामाजिक और न्यायिक मानदंडों की धज्जियां उड़ाते हैं, जिससे संपत्ति में विवाद बढ़ जाता है।

इस विवाद से निपटने के लिए आपको संपत्ति के खरीद से पहले ही इसके हर पहलू को समझ और जान लेना चाहिए। यदि आपने संपत्ति खरीद ली है तो आपको हर कुछ समय में उसका निरीक्षण करना चाहिए। निरीक्षण के समय कुछ भी गलत पाने पर आपको तुरंत आवाज़ उठानी चाहिए। इसके साथ साथ आपको संपत्ति के खरीद के समय उस बिल्डर की सद्भावना पर भी नजर रखनी चाहिए। इसके साथ साथ, आप अपनी कुंडली में इस विवाद के संकेत को भी आसानी से पता कर सकते हैं। एक ज्ञानी ज्योतिषी किसी भी संपत्ति को खरीदने में एक अहम किरदार निभाता है। ज्यादातर मामलों में जातक की कुंडली संपत्ति के योग होता है, लेकिन उन्हें उनके लाभ सिर्फ किसी सीमित समय के बाद ही मिल पाता है। एक अनुभवी ज्योतिषी आपकी कुंडली के अनुसार, एकदम सटीक समय का पता लगा सकता है और इन विवादों से लड़ने के लिए उत्तम समाधान भी बता सकता है।

संपत्ति विवाद के कारण: बिल्डर्स/डेवलपर्स और खरीदारों के बीच/ Reasons of Property Disputes: Between Builders/Developers and Buyers

यह भी एक सामान्य कारणों में से एक है और यह एक खरिदार और बिल्डर/निर्माता के बीच में होता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि संपत्ति का लेनदेन दो लोगों के बीच समझौता होता है। इसलिए ऐसा होना संभव है कि बिल्डर/निर्माता/डेवलपर समझौते में अपने हिस्से के कार्य को पूरा करने में असमर्थ हो जाए। निर्माता इस समस्या का समाधान ना निकाल कर खरीदारों को बीच मझधार में छोड़ कर भी जा सकता है।

संपत्ति विवाद के कारण: बिल्डर्स/डेवलपर्स और खरीदारों के बीच/ Reasons of Property Disputes: Between Builders/Developers and Buyers

यह भी एक सामान्य कारणों में से एक है और यह एक खरिदार और बिल्डर/निर्माता के बीच में होता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि संपत्ति का लेनदेन दो लोगों के बीच समझौता होता है। इसलिए ऐसा होना संभव है कि बिल्डर/निर्माता/डेवलपर समझौते में अपने हिस्से के कार्य को पूरा करने में असमर्थ हो जाए। निर्माता इस समस्या का समाधान ना निकाल कर खरीदारों को बीच मझधार में छोड़ कर भी जा सकता है।

यदि आप इस स्थिति में नहीं फंसना चाहते, तो इसका सबसे अच्छा उदाहरण है कि आप किसी अच्छे और जाने माने व्यक्ति के साथ समझौता करें। ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी बिल्डर/निर्माता/डेवलपर को लेकर निश्चित नहीं कर पा रहे हो। इस स्थिति में आप बेझिझक किसी ज्योतिषी से सलाह ले सकते हैं। कुंडली के चौथे, छठे, और बारहवें भाव में संबंध, बिल्डर/निर्माता के साथ विवाद को दर्शाता है। एक ज्ञानी ज्योतिषी इस स्थिति के बारे में आपकी कुंडली से बता सकते हैं।

संपत्ति योग के लिए कैलकुलेटर/ Property Yoga Strength Calculator

यदि आप ऊपर के किसी भी परेशानी में फंसे हो या फिर किसी विवाद में फंसने वाले हो, तो आपको अपनी जन्म कुंडली का आकलन अवश्य करवाना चाहिए। हम आपकी जन्म कुंडली के आधार पर आपके संपत्ति के विवादों के संकेत दे सकते हैं। तब तक आप हमारे इस पेज पर मौजूद निःशुल्क संपत्ति योग के लिए कैलकुलेटर का प्रयोग कर सकते हैं।

इसका परिणाम आपके डी-1 और डी-4 चार्ट पर आधारित होगा।

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