जन्म कुंडली के अनुसार संपत्ति को खरीदना एवं बेचना

कुंडली के अनुसार संपत्ति को खरीदना

जैसे ही कोई व्यक्त अपने करियर में थोडा बहुत स्थिर होता है, वह सबसे पहले अपने लिए किसी संपत्ति को अपनी जन्मतिथि के आधार पर खरीदने/Buying property as per birth date की इच्छा व्यक्त करता है। वर्तमान समय में जब पुरुष और महिला दोनों अच्छा धन कमा रहे हैं जिसके कारण दोनों में ही संपत्ति को खरीदने की इच्छा में वृद्धि हुई है। आज कल एक बात बहुत ही आम हो गई है। जो लोग तिस या चालीस साल के आस पास हो जाते हैं, वह किराए पर रहने के बजाय किस्तों पर अपना घर लेने पर जोर डालते हैं। कुछ लोग इस उम्र सीमा से पहले ही संपत्ति के खरीद और बेच में शामिल हो जाते हैं।

संपत्ति के खरीद और बिक्री जीवन की सामान्य घटना नहीं है, क्योंकि इसमें बहुत धन का निवेश होता है। इस प्रक्रिया में आपकी पूरी धन संपत्ति भी लग सकती है, इसलिए इस कदम पर कोई निर्णय लेने से पहले आपको किसी अनुभवी ज्योतिषी Experience Astrologer से परामर्श लेना चाहिए। वह आपको आपकी जन्म कुंडली/Birth Chart के आकलन करके आपकी समस्या का समाधान बता सकते हैं। वह आपकी कुंडली/Birth Chart के कुछ ग्रहों के संयोजन को देखकर संपत्ति के खरीद और बिक्री के उत्त्म योग के बारे में बता सकते हैं।

जन्म कुंडली और संपत्ति के मामले/Birth chart and Property Matters

चलिए संपत्ति और जन्म कुंडली/Birth Chart के संबंध के बारे में जानते हैं – 

जन्म कुंडली और संपत्ति के मामले/Birth chart and Property Matters

चलिए संपत्ति और जन्म कुंडली/Birth Chart के संबंध के बारे में जानते हैं – 

वैदिक ज्योतिष/Vedic Astrology के अनुसार, संपत्ति का खरीद और बिक्री एक गंभीर मुद्दा है और इसका हल सिर्फ कुंडली/Birth Chart के आकलन से ही मिल सकता है। इस कार्य को सही दिशा में पूरा करने के लिए सटीक योजना की आवश्यकता पड़ती है। आपको इस बात की पुष्टि कर लेनी चाहिए कि आपको इस कार्य की प्रक्रिया में कहीं भी परेशानी ना हो। एक गलत कदम आपका धन तो डूबेगा ही साथ साथ इसके कारण आप किसी कानूनी मामले में फंस सकते हैं। हालांकि, जब तक आप एक ही समय में दो कर्ज उठाने के लिए आर्थिक रूप से सुरक्षित नहीं होते हैं, तब तक आपको संपत्ति में निवेश के बारे में नहीं सोचना चाहिए। यदि आपकी कुंडली/Birth Chart में संपत्ति का योग नहीं है या फिर आपकी कुंडली/Birth Chart के अनुसार इस प्रक्रिया के लिए यह उत्तम समय नहीं है तो आप किसी बहुत बड़ी परेशानी में फंस सकते हैं। इस स्थिति में आपको अपनी जन्म कुंडली/Birth Chart के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपके किसी भी परेशानी में फंसने की संभावना बहुत कम हो जाएगी और आप मानसिक बिमारियों से भी दूर रहेंगे।

बदकिस्मती से बहुत सारे लोग ज्योतिष का संपत्ति के विषय में महत्व से अनजान हैं। वह इस विषय के ज्योतिषीय पहलुओं से अंजान है। 

संपत्ति को खरीदने और बेचने के समय इन कारकों का ध्यान दें

ज्योतिष में बहुत सारे कारक है जिनका ध्यान देना आपके लिए बहुत जरूरी साबित हो सकता है। आपको उनमें से ज्यादातर कारकों का ध्यान संपत्ति के लेन-देन में रखना चाहिए। आपकी कुंडली/Birth Chart के अनुसार संपत्ति के खरीद और बेचने के लिए बहुत सारे तरीके हैं। -

संपत्ति को खरीदने और बेचने के समय इन कारकों का ध्यान दें

ज्योतिष में बहुत सारे कारक है जिनका ध्यान देना आपके लिए बहुत जरूरी साबित हो सकता है। आपको उनमें से ज्यादातर कारकों का ध्यान संपत्ति के लेन-देन में रखना चाहिए। आपकी कुंडली/Birth Chart के अनुसार संपत्ति के खरीद और बेचने के लिए बहुत सारे तरीके हैं। -

घर खरीदने से पहले बेचें

वर्तमान समय में यह एक सामान्य तरीका है, जिसे हर व्यक्ति अपनाता है। मकान मालिकों के लिए संपत्ति को खरीदने से पहले बेचना ज्यादा जरूरी होता, लेकिन ज्यादातर लोग इसी पड़ाव पर परेशान हो जाते हैं। ऐसा कई बार देखा गया है कि संपत्ति को बेचने के बाद भी आपके पास इतना धन इकट्ठा नहीं हो पाता कि आप दूसरी संपत्ति खरीद लें। हो सकता है कि लोन लेने के बाद भी आपके पास धन की कमी हो। इस स्थिति में जातक अपने नए घर के स्थान पर उन जगहों पर अपना धन लुटा देता है जहां पर उसकी जरूरत नहीं है।  

घर बेचने से पहले खरीदें

इस विकल्प को जमीन में निवेश के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस स्थिति में आपके पास संपत्ति खरीदते और बेचते समय विकल्प होते हैं, जिसके कारण आप जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेते। यदि आप इस विकल्प को चुनते हैं तो आपके ऊपर नए घर में जल्दी जाने के मानसिक दबाव नहीं होता। इसके साथ साथ आप नए घर में अपने अनुसार उस घर में कार्य करवा सकते हैं। इस स्थिति में जातक को फंड से जुडी समस्या से लड़ना पड़ सकता है क्योंकि उसे दो घरों के लिए वित्तीय लेन-देन संभालना पड़ता है। कभी-कभी संपत्ति को बेचने में भी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में जातक पूरी वित्तीय लेन-देन को ही निरस्त कर देता है, जिससे उसे वित्तीय घाटा सहना पड़ता है।

एक ही समय पर संपत्ति का खरीदना और बेचना

वर्तमान समय में संपत्ति में निवेश का यह सबसे बेहतरीन और सटीक तरीका है। कुछ लोग इस तरीके को जरूरत के लिए प्रयोग करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इस रास्ते का प्रयोग अपनी सहूलियत के लिए करते हैं। बहुत सारे लोग जमीन इसलिए नहीं खरीद पाते क्योंकि उनकी खुद की संपत्ति अभी बिकने की प्रक्रिया से गुजर रही होती है या फिर उन्हें इसके लिए कोई खरीदार नहीं मिलता। ऐसी स्थिति में लोग अपने घर को बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं और साथ में नए घर की तलाश भी उसी समय शुरू कर देते हैं। हर व्यक्ति वित्तीय लेन-देन के सभी कारक को नहीं सुलझा सकता, इसलिए हर व्यक्ति उसकी जन्म कुंडली/Birth Chart के आधार पर संपत्ति को खरीदने और बेचने के लिए एक दम उचित समय का पता लगा सकता है, जिसके वजह से गलती होने की संभावना कम हो जाती है। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो सब कुछ सही होने के बावजूद भी आपको संपत्ति के लेन-देन में कामयाबी नहीं मिलेगी।

ऐसे भी कई मामले हुए हैं जहां पर जातक नया घर खरीद तो लेता है लेकिन उनकी पुरानी संपत्ति किसी विवाद की वजह से बिक नहीं पाती। कभी कभी बाजार की स्थिति भी इस विषय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैसे – यदि बाजार में नए घर बहुत कम है लेकिन ग्राहक ज्यादा है तो आपको वहां पर नए घर को खरीदने में बहुत धन खर्च करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ जब बाजार में बहुत सारे घर बिकने के लिए तैयार हो तो आपको अपनी संपत्ति के विपरीत कम धन मिलता है।

एक ऐसा घर ढूंढना बहुत मुश्किल है जो आपकी हर जरूरतों को पूरा कर दे। इसके लिए सबसे उत्तम समाधान यह है कि आप संपत्ति को खरीदने या बेचने से पहले आपकी कुंडली/Birth Chart में संपत्ति के योग का आकलन करवा लें। एक ज्ञानी ज्योतिष आपकी कुंडली/Horoscope के ग्रहों के ज्योतिषीय संयोजन को देखकर संपत्ति खरीदने और बेचने के उत्तम योग के बारे में बता सकते हैं। इस योग के साथ साथ ज्योतिष कुछ उपायों के बारे में बता सकते हैं जो इस विषय में आपकी सहायता कर सकते हैं।

उस संपत्ति में फंसा हुआ धन जो किसी कारणवश नहीं बिक पाया/Money stuck in Property that does not Sale

यदि आप इस स्थिति में फंसे हुए हैं तो नीचे कुछ सामाधान दिए गए हैं जिनकी सहायता से आप इस स्थिति से बाहर निकल सकते हैं।

उस संपत्ति में फंसा हुआ धन जो किसी कारणवश नहीं बिक पाया/Money stuck in Property that does not Sale

यदि आप इस स्थिति में फंसे हुए हैं तो नीचे कुछ सामाधान दिए गए हैं जिनकी सहायता से आप इस स्थिति से बाहर निकल सकते हैं।

बने रहे

यदि आप अपने ही घर में रह रहे हैं, लेकिन फिर भी आप दूसरे संपत्ति में वित्तीय घाटा हो रहा है तो आपको अपने योजनाओं पर कुछ समय के लिए रोक लगा देनी चाहिए। ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी बेहतर जगह पर जाना चाह रहे हों, लेकिन आपकी कुंडली/Birth Chart में इसका योग नहीं है। इस स्थिति में आप चाह कर भी नए जगह पर नहीं जा सकते। जब तक आपके पास फंड/धन की कमी ना हो, तब तक आपको अपनी योजनाओं पर बने रहना चाहिए। हमेशा आपातकाल स्थिति में लड़ने के लिए तैयार रहे। आप अपने दूसरे साधनों का भी प्रयोग कर सकते हैं। कोशिश करें कि जल्दबाजी में कोई निर्णय ना लें। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको कोई बड़ा वित्तीय घाटा सहना पड़ सकता है। इसके बदले में आप रिवर्स मॉर्टगेज सिस्टम का भी सहारा ले सकते हैं।

किराए पर दे दें

यदि आप किसी घर को बेचना चाहते हैं और खरीदार नहीं मिल रहा है, तो आप उस घर को किसी और को किराए पर दे सकते हैं। ऐसा करने की स्थिति में आपको नया घर खरीदने की धन राशि में मदद मिल सकती है और साथ मे आप उस घर को जल्द से जल्द बेचने के तनाव से भी बच सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही आपको अपने घर के मासिक अनुरक्षण लागत/Monthly Maintenance cost को भी ध्यान रखना होगा। थोड़े समय के लिए किराएदार रखना इस स्थिति में आपके लिए सबसे उत्तम साबित हो सकता है। क्योंकि आपको अपना घर जल्द से जल्द बेचना है। आप उन्हें पहले ही बता दें कि आपको यह घर कुछ समय के लिए ही किराए पर दिया जा रहा है, जैसे ही आपको कोई अच्छा खरीदार मिल जाएगा, आप उस घर को तुरंत बेच देंगे। यह प्रक्रिया तब ज्यादा मुश्किल हो जाएगी, जब आप किसी को लंबे समय के लिए घर किराए पर दे दें।

अपनी योजनाओं पर फिर से काम करें

जब हम वित्तीय लेन-देन की बात करते हैं, तो ज्यादातर लोग इसे अपनी सुख सुविधा के अनुसार ही करना पसंद करते हैं। यह ज्यादातर मामलों में सही भी साबित होता है, लेकिन हर बार ऐसा करना आपके वित्त के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। संपत्ति का भाव प्राथमिक रूप से बाहरी कारक की वजह से बदलता है, इसलिए आपको अपनी योजनाओं में समय और स्थिति के अनुसार बदलाव करने की आवश्यकता पड़ती है। इसी कारणवश आपको वित्तीय घाटा सहना पड़ सकता है। यदि आप कुछ समय रुक कर अपनी योजनाओं पर काम करें। योजनाओं पर काम करते समय उस वक्त की बाजार की स्थिति का भी आकलन करना चाहिए। जैसे ही आप इन सबके बारे में सोचेंगे, उसी समय आपके पास एक अच्छी योजना तैयार हो जाएगी।

ऊपर दिए गए सभी विकल्पों को आपकी कुंडली/Birth Chart से देखा जा सकता है। इस कार्य के लिए आप एक ज्ञानी ज्योतिषी से संपर्क कर सकते हैं। वह आपको आपकी कुंडली/Birth Chart के आधार पर उन ग्रहों और भावों के संयोजन के बारे में बताते हैं जो आपको संपत्ति को खरीदने और बेचने में आपकी मदद कर सकते हैं। इनसे साथ साथ वह आपको कुछ उपाय भी बता सकते हैं जिनकी सहायता से आपको बहुत सहायता मिल सकती है।

यदि आप इस विषय में और जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप हमारे कैलकुलेटर का प्रयोग कर सकते हैं।

ज्योतिष में संपत्ति का योग/Property Yoga in Astrology)

हम सभी ने कभी ना कभी अपने जीवन में खुद की संपत्ति खरीदने की इच्छा व्यक्त की होगी। क्या आपको पता है कि संपत्ति के योग को ज्योतिष की सहायता से पता लगाया जा सकता है। इस बात को कोई नहीं बदल सकता कि किसी अच्छी जमीन को खरीदने के लिए जातक की किस्मत अच्छी होनी चाहिए। इस बात का पता आपकी कुंडली/Birth Chart के ग्रहों और भावों के संयोजन से लग सकता है। किसी संपत्ति को खरीदना, उसे बेचने से ज्यादा सामान्य घटना है। फिर भी ऐसे मामले सामने आते हैं जहां पर जिनके पास अपना घर होता है फिर भी वह संपत्ति को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में शामिल होता है, वहां बहुत सारे लोगों के पास खुद का घर भी नहीं होता है। कुछ लोगों के लिए कभी कभी संपत्ति को खरीदना और बेचना किसी बुरे सपने से कम नहीं होता। यह सभी पूरी तरह से आपकी कुंडली/Birth Chart के संपत्ति योग के ऊपर निर्भर करता है।

ज्योतिष में संपत्ति का योग/Property Yoga in Astrology)

हम सभी ने कभी ना कभी अपने जीवन में खुद की संपत्ति खरीदने की इच्छा व्यक्त की होगी। क्या आपको पता है कि संपत्ति के योग को ज्योतिष की सहायता से पता लगाया जा सकता है। इस बात को कोई नहीं बदल सकता कि किसी अच्छी जमीन को खरीदने के लिए जातक की किस्मत अच्छी होनी चाहिए। इस बात का पता आपकी कुंडली/Birth Chart के ग्रहों और भावों के संयोजन से लग सकता है। किसी संपत्ति को खरीदना, उसे बेचने से ज्यादा सामान्य घटना है। फिर भी ऐसे मामले सामने आते हैं जहां पर जिनके पास अपना घर होता है फिर भी वह संपत्ति को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में शामिल होता है, वहां बहुत सारे लोगों के पास खुद का घर भी नहीं होता है। कुछ लोगों के लिए कभी कभी संपत्ति को खरीदना और बेचना किसी बुरे सपने से कम नहीं होता। यह सभी पूरी तरह से आपकी कुंडली/Birth Chart के संपत्ति योग के ऊपर निर्भर करता है।

एक कुंडली/Birth Chart के पूर्ण आकलन से संपत्ति के योग के संकेतों को सरलता से पता लगाया जा सकता है। कुंडली/Birth Chart में चौथा भाव/Fourth House जातक के खुद के घर का संकेत देता है। इसलिए यह संपत्ति के योग का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और साथ में यह भी बताते हैं के किस समय संपत्ति में निवेश करना उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। एक बात सभी को समझनी पड़ेगी कि संपत्ति का योग सकारात्मक या नकारात्मक दोनों हो सकते हैं। चलिए इस विषय को और गंभीरता से समझते हैं।

संपत्ति में फायदे का योग/Yogas for profit of Property

चलिए आपकी कुंडली/Birth Chart में संपत्ति में फायदे के योग के बारे में समझते हैं। वैदिक ज्योतिष में कुछ ऐसे योग होते हैं जो जातक की संपत्ति की स्थिति का निर्धारण करते हैं। जैसी कि पहले आपको बताया गया है कि चौथा भाव/Fourth House को संपत्ति के विषय में प्राथमिक भाव के रूप देखा जाता है जो जातक के संपत्ति का संकेत देता है। लेकिन अन्य भाव भी संपत्ति के योग के लिए उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। ब्रिहत पराशर होरा शास्त्र/BPHS को वैदिक ज्योतिष का धर्म ग्रंथ माना गया है। इस किताब में बहुत सारे संपत्ति के योग का ज़िक्र है जो दर्शाते हैं कि किस समय आपको संपत्ति में निवेश करना चाहिए या कब उसे बेचना चाहिए।

कुंडली/Birth Chart में चौथा भाव/Fourth House संपत्ति, मन की शांति, माँ, गृह जीवन, संदेश, खुद और पैतृक गुणों के बारे में, सामान्य खुशी, और इसी तरह का प्रतीक है। लेकिन मूल रूप से इसे संपत्ति का घर कहा जाता है, इसलिए इस भाव का प्रयोग अलग अलग योग का पता करने के लिए किया जाता है। आइए हम सब जानते हैं कि इनका गठन कैसे होता है –

  1. यदि चतुर्थेश/Fourth House Lord लग्नेश/Lord of first house के साथ युति में हो और वह लाभकारी भाव में हो, तो जातक की कुंडली/Birth Chart में बहुत सारे घर का योग होता है।

  2. जब बुध पराक्रम भाव/Third House और चतुर्थेश/Fourth House Lord में हो तो जातक को एक नए और खूबसूरत घर के मिलने की संभावना होती है।

  3. नवमांश चार्ट में, यदि चतुर्थेश में सिर्फ यही भाव हो और वह उत्तम अवस्था में हो, तो उस स्थिति में जातक का आलीशान घर मिलने की संभावना होती है।

  4. यदि कोई ग्रह चौथे भाव/Fourth House में हो और वह उत्तम स्थिति में हो, तो यह संयोजन जातक को उत्तम संपत्ति दिलवाने में सहायता करती है। इस स्थिति में जातक कि अपनी संपत्ति होगी।

  5. यदि चतुर्थेश/Fourth House Lord अपने मित्र ग्रहों में से किसी एक के भाव में स्थित हो, या उनकी उच्च अवस्था में स्थित हो, या नवमांश चार्ट, नेटल चार्ट, या दोनों में अपने घर में ही हो: तो इस स्थिति में भी, कोई व्यक्ति संपत्ति से लाभ प्राप्त कर सकता है।

  6. यदि नवमांश चार्ट/Lord of ninth house कोणीय भावों/Angular Houses में स्थित हो और चतुर्थेश अपने अनुकूल ग्रहों में स्थित हो, तो जातक को एक खूबसूरत घर की प्राप्ति होगी।

  7. जब चतुर्थेश/Fourth House Lord मंगल, शनि या शुक्र में से किसी भी ग्रह के साथ युती में आ जाए तो वह संयोजन जातक को वरदान के रूप में एक सुंदर घर दिलाता है।

  8. मंगल, शुक्र और बृहस्पति की महादशा के दौरान हर व्यक्ति संपत्ति को खरीदने के लिए पहला कदम ले सकता है।

संपत्ति में नुकसान के योग/Yogas for Loss of Property

जहां पर संपत्ति में फायदे के योग हैं, वहां पर संपत्ति के नुकसान के भी योग हैं। चलिए आपको उनमें से कुछ के बारे में बताते हैं –

  1. जब चतुर्थेश/Fourth House Lord तीसरे भाव में आ जाए, तो जातक के लिए संपत्ति में नुकसान के योग बनते हैं।

  2. यदि चतुर्थेश/Fourth House Lord दुर्बल अवस्था में हो, तो यह जातक के लिए नकारात्मक योग लेकर आता है।

  3. यदि चौथे भाव के स्वामी में कोई भाव त्रिकोण भाव {छठा भाव /Sixth House, आठवां भाव/Eighth House), और बारहवां भाव/Twelfth House} से हो तो जातक को अधिक मात्रा में नुकसान होने की संभावना होती है।

  4. यदि कुंडली/Birth Chart में चतुर्थेश/Fourth House Lord दुर्बल अवस्था में हो और शनि और मंगल भी कुंडली/Birth Chart और नवमांश चार्ट में अपनी दुर्बल अवस्था में हो, तो जातक को संपत्ति में नुकसान होने की अधिक संभावना होती है।

  5. यदि कोई पीड़ित ग्रह चौथे भाव या उसके स्वामी/Fourth House or its lord पर प्रभाव डाले, तो जातक को नुकसान सहना पड़ सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि महादशा के दौरान भी उन्हें इसके फायदे के विपरीत नुकसान ही मिले।

एक पढ़ा लिखा ज्योतिषी आपकी कुंडली/Birth Chart के छिपे हुए संयोजन को देखकर आपके लिए उत्तम संपत्ति के योग के बारे में बता सकता है। चलिए आपकी कुंडली/Birth Chart के अलग अलग कारकों को देखते हैं जो संपत्ति के खरीदने और बेचने के लिए जिम्मेदार साबित हो सकते हैं।

संपत्ति मामले में जिम्मेदार ग्रह

आपकी कुंडली/Birth Chart में एक अनुभवी ज्योतिषी हमेशा उन ग्रहों को सबसे पहले देखेगा जो संपत्ति के लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उसके आकलन के बाद ही वह एकदम सटीक उपाय बता सकते हैं। इससे ऊपर के विभाग में आपने पढ़ा होगा कि कौन से संयोजन संपत्ति के लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब आप कोई संपत्ति खरीदते हैं तो उसमें भी भारी मात्रा में वित्त शामिल होता है, इसलिए एक अनुभवी ज्योतिषी से कुंडली/Birth Chart के आकलन की सलाह दी जाती है। ज्योतिषी आपकी कुंडली/Birth Chart का आकलन बारीकी से करेंगे, फिर वह उन ग्रहों के साथ साथ उन कारणों को बताएंगे जो इस निवेश में अहम किरदार अदा करती है। चलिए कुछ ग्रहों के बारे में जानते हैं जो संपत्ति के निवेश या खरीदने और बेचने में अहम भूमिका निभाती है।

संपत्ति मामले में जिम्मेदार ग्रह

आपकी कुंडली/Birth Chart में एक अनुभवी ज्योतिषी हमेशा उन ग्रहों को सबसे पहले देखेगा जो संपत्ति के लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उसके आकलन के बाद ही वह एकदम सटीक उपाय बता सकते हैं। इससे ऊपर के विभाग में आपने पढ़ा होगा कि कौन से संयोजन संपत्ति के लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब आप कोई संपत्ति खरीदते हैं तो उसमें भी भारी मात्रा में वित्त शामिल होता है, इसलिए एक अनुभवी ज्योतिषी से कुंडली/Birth Chart के आकलन की सलाह दी जाती है। ज्योतिषी आपकी कुंडली/Birth Chart का आकलन बारीकी से करेंगे, फिर वह उन ग्रहों के साथ साथ उन कारणों को बताएंगे जो इस निवेश में अहम किरदार अदा करती है। चलिए कुछ ग्रहों के बारे में जानते हैं जो संपत्ति के निवेश या खरीदने और बेचने में अहम भूमिका निभाती है।

मंगल

मंगल कुंडली/Birth Chart में अचल संपत्ति का प्रतीक है। यह कारक ग्रह जातक को उत्तम निवास स्थान देने के लिए जिम्मेदार है।

शनि

शनि ग्रह या शनि देव, जातक के लिए जमीन और पुराने घर (किसी और से खरीदी हुई घर) की तरफ संकेत देता है।

शुक्र

शुक्र ग्रह और सुंदरता की देवी जातक को खूबसूरत और आलीशान घर दिलवा सकती है।

स्वयं के घर/संपत्ति मामलों के लिए जन्म कुंडली/Birth Chart में भाव

इस विषय में एक ज्ञानी ज्योतिषी पहले/Lagna, दूसरे/Second House, चौथे/Fourth House, और ग्यारहवें भाव/Eleventh House का आकलन करते हैं। चलिए इनके बारे में और जानकारी प्राप्त करते हैं।

स्वयं के घर/संपत्ति मामलों के लिए जन्म कुंडली/Birth Chart में भाव

इस विषय में एक ज्ञानी ज्योतिषी पहले/Lagna, दूसरे/Second House, चौथे/Fourth House, और ग्यारहवें भाव/Eleventh House का आकलन करते हैं। चलिए इनके बारे में और जानकारी प्राप्त करते हैं।

पहला भाव/लग्न

कुंडली/Birth Chart में पहला भाव खुद को दर्शाता है। इसलिए यह बताता है कि जातक के पास खुद की संपत्ति होगी कि नहीं।

दूसरा भाव/Second House

कुंडली/Birth Chart में दूसरा भाव/Second House धन और बैंक में जमा राशि के बारे में बताता है। यदि आप किसी संपत्ति को खरीदने की चाह रखते हैं और यह भाव आपके अनुकूल ना हो तो आपके चाहने के बावजूद भी आप संपत्ति प्राप्त नहीं कर सकते।

चौथा भाव (Fourth House)

आपका चौथा भाव/Fourth House गृह, जमीन, संपत्ति, खुशी और वाहन का संकेत देता है। इसे सुख स्थान भी कह सकते हैं और संपत्ति के योग को जानने के लिए इस भाव का आकलन करना बेहद अनिवार्य है। ज्योतिष कुंडली/Birth Chart का आकलन करते समय इस भाव का आकलन प्राथमिकता से करते हैं, क्योंकि संपत्ति के विषय में सभी जानकारी इस भाव से मिल सकती है।

ग्यारहवां भाव/Eleventh House

इस भाव को लाभ के भाव के नाम से भी जाना जाता है। यह भाव मुनाफे, लाभ, और अपनी इच्छाओं की पूर्ति का संकेत देता है। इसलिए चौथे भाव के साथ साथ इस भाव का भी आकलन करना महत्वपूर्ण साबित हो सकते है। इस भाव से आपको नए घर से मिलने वाली खुशी के बारे में पता लगाया जा सकता है।

जन्म कुंडली/Birth Chart के आधार पर संपत्ति खरीदने का उत्तम समय/right time to buy sell property per my birth chart

संपत्ति के खरीदने से पहले जातक को सोच विचार कर लेना चाहिए। ज्यादातर जातकों के मन में अक्सर यह सवाल उत्पन्न होता है कि मेरे जन्म कुंडली/Birth Chart के अनुसार संपत्ति खरीदने का उत्तम समय कया है/right time to buy sell property per my birth chart जब हम किसी संपत्ति में निवेश करते हैं या फिर कोई संपत्ति खरीदने की चाह रखते हैं, तो उस स्थिति में महादशा एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में साथ देता है। विशेष रूप से, दूसरे/Second House lord, चौथे Fourth House lord, नौवें/Ninth House lord या ग्यारहवें घरों के स्वामी/eleventh house lord (द्वितीयेश, चतुर्थेश, नवमेश, एकादशेश) की महादशा, जातक को एक अच्छा घर दिलाने में अहम किरदार निभाता है। लेकिन फिर भी यह कुछ कारकों पर निर्भर करता है, जैसे – कुछ ग्रह संपत्ति के मामले  जिम्मेदार होते हैं, और कौन से भाव से संपत्ति के विषय के बारे में पता चल सकता है। चलिए इस विषय को संक्षेप में समझाते हैं –

जन्म कुंडली/Birth Chart के आधार पर संपत्ति खरीदने का उत्तम समय/right time to buy sell property per my birth chart

संपत्ति के खरीदने से पहले जातक को सोच विचार कर लेना चाहिए। ज्यादातर जातकों के मन में अक्सर यह सवाल उत्पन्न होता है कि मेरे जन्म कुंडली/Birth Chart के अनुसार संपत्ति खरीदने का उत्तम समय कया है/right time to buy sell property per my birth chart जब हम किसी संपत्ति में निवेश करते हैं या फिर कोई संपत्ति खरीदने की चाह रखते हैं, तो उस स्थिति में महादशा एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में साथ देता है। विशेष रूप से, दूसरे/Second House lord, चौथे Fourth House lord, नौवें/Ninth House lord या ग्यारहवें घरों के स्वामी/eleventh house lord (द्वितीयेश, चतुर्थेश, नवमेश, एकादशेश) की महादशा, जातक को एक अच्छा घर दिलाने में अहम किरदार निभाता है। लेकिन फिर भी यह कुछ कारकों पर निर्भर करता है, जैसे – कुछ ग्रह संपत्ति के मामले  जिम्मेदार होते हैं, और कौन से भाव से संपत्ति के विषय के बारे में पता चल सकता है। चलिए इस विषय को संक्षेप में समझाते हैं –

  1. दो चमकदारी ग्रहों में से, सूर्य जातक के मध्य वर्षों के दौरान अच्छी संपत्ति दिलवाने के लिए जिम्मेदार होता है।

  2. वहीं दूसरी तरफ, चंद्रमा की महादशा जातक के शुरुआती वर्षों में संपत्ति में निवेश करने में सहायता कर सकता है।

  3. दोहरी ग्रह, बुध, जातक को उसके 32 से 36 वर्ष की आयु के दौरान भूमि खरीदने और खुद का घर खरीदने का अवसर प्रदान करता है।

  4. चंद्र देव के समान, बृहस्पति, शुक्र और राहु अपने महादशा में जातक के प्रारंभिक वर्षों में उसे संपत्ति के अच्छे योग दिलाता है।

  5. शनि और केतु के पास कुछ विशेष वर्षों है जिनमें जातक को उसका घर मिलता है। शनि देव की महादशा के दौरान, जातक जब 44 वर्ष का होगा, तभी उसकी कुंडली/Birth Chart में संपत्ति का अच्छा योग बनेगा, वहीं केतु की स्थिति में यह उम्र सीमा 52 वर्ष है।

इन सभी के साथ साथ, कुछ अन्य सहयोगी चार्ट हैं जिनका आकलन करना बेहद अनिवार्य है। सहयोगी चार्ट जैसे – डी-4, डी-12, और डी-60 चार्ट हैं। इन सब में से डी-60 चार्ट का आकलन ज़रूर करना चाहिए।

इस लेख के अंत में भी वही बात कहना चाहता हूं जो पहले से ही बोलता आ रहा हूं कि संपत्ति को खरीदना और बेचना, दोनों ही संवेदनशील मामले हैं। यदि आप किसी मुसीबत में फंसते हैं, तो स्थिति का आकलन करके ज्योतिष की सहायता से बाहर निकाला जा सकता है। इसके लिए आपको किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए।

निषकर्ष

एक नए घर की कामना करना और उसे खरीदने के लिए मेहनत करना एक आम बात है, इसमें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस प्रक्रिया में बहुत धन राशि लगती है, इसलिए इसमें जातक की पूरी कमाई या जमा धन राशि खतरे में पड़ सकती है। इसलिए कहा जाता है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह सोच विचार कर लें। सबसे पहले किसी अच्छे ज्योतिषी से अपनी कुंडली/Birth Chart का आकलन करवाएं। उनसे पूछें कि आपकी कुंडली/Birth Chart में संपत्ति को खरीदने या बेचने का योग है कि नहीं। जन्म कुंडली/Birth Chart में कौन सा भाव संपत्ति के मामलों के लिए देखा जाता है, और यह आपकी संपत्ति के संभावनाओं के बारे में क्या बताते हैं? संपत्ति के लिए कौन से ग्रह जिम्मेदार हैं, और क्या आपकी कुंडली/Birth Chart में संपत्ति खरीदने और बेचने के मामलों के लिए कोई ग्रह संयोजन है? इन सभी प्रश्नों के उत्तर जानने का प्रयास जरूर करे। एक प्रश्न का उत्तर ज़रूर ढूंढे – मेरी कुंडली/Birth Chart के आधार पर संपत्ति को खरीदने का उत्तम समय/Right time to buy property as per my birth chart कब है। आपके लिए संपत्ति के बारे में सबसे उत्तम योग का आपकी कुंडली/Birth Chart से पता लगाया जा सकता है। लेकिन ज्योतिषी कि मदद से आप इस समस्या को हल निकाल सकते हैं।

इस लेख को पढ़ने के बाद यदि आप इस विषय में और जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप नीचे लिखे तरीकों की सहायता ले सकते हैं।

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यदि आप संपत्ति के विवाद के लिए ज्योतिष समाधान या पैतृक संपत्ति के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप हमारे पेज पर इन विषयों पर लेख पढ़ सकते हैं।

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