शुक्र का सिंह राशि में होना | Venus in Leo Sign

शुक्र ग्रह का सिंह राशि में जाना काफी महत्वपूर्ण होता है। मान सम्मान, आर्थिक संपन्नता, विजय प्राप्ति की इच्छा, ऎश्वर्य और भौतिक वस्तुओं को प्रदान करने वाला होता है। सिंह राशि में शुक्र की  स्थिति कई कारणों से खास होती है, जिसमें एक महत्वपूर्ण कारण सिंह राशि का अग्नि तत्व होना और शुक्र का शीतल होना। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है जो स्वयं अग्नि का स्त्रोत है और ऐसे में प्रेम, यौवन, भावनाओं के कारक शुक्र के इस स्थान पर होने से मिले जुले फल अधिक दिखाई देते हैं। शुक्र ग्रह और सिंह राशि में जो राजसिक गुण हैं वह दोनों के एक साथ होने पर विस्तार पाते हैं। जिसके फलस्वरूप व्यक्ति को धन धान्य एवं साधन संपन्नता प्राप्त होती है। व्यक्ति में अभिमान का भाव भी दिखाई देता जीवन को बेहतर तरीके से संपन्न रुप से जीने की इच्छा भी होती है। 

 

सिंह राशि का स्वामी सूर्य और शुक्र ग्रह के संबंधों में कुछ कमजोर पक्ष भी दिखाई देता है, लेकिन यह नकारात्मक पक्ष विशेष रूप से तब अधिक लक्षित होता है जब डिग्रियों में समीपता होती है, अन्यथा सिंह में शुक्र का होना कई मामलों में अच्छे फलों को देने में सक्षम बनता है। सिंह राशि में अभिमान, अहम या गर्व का भाव अधिक रहता ही है लेकिन शुक्र एक कोमल शालीनता पुर्ण ग्रह है तो स्वाभाविक रुप से यहां व्यक्ति के गुण में सज्जन, सौम्यता, शालीनता मिलनसार होने का गुण भी आता है। व्यक्ति के भीतर जोश भी होता है और चीजों को लेकर आश्वासन भी रहता है। अपने पहनावे और रहन सहन के प्रति भी ध्यान देने वाला होता है। 

 

स्वाभिमान और ओज से भरपूर व्यक्तित्व पाते इस ग्रह योग वाले व्यक्ति

सिंह राशि आत्मसम्मान से भरपूर राशि है। इसमें स्वयं को दिखाने की प्रवृत्ति भी होती है। भीड़ से अलग हटकर चलना और नेतृत्व का गुण इसके भीतर गहराई तक होता है, इसलिए शुक्र के यहां होने पर अब वह आत्म-अभिव्यक्ति भी तीव्र होने लगती है। एकाकीपन से अलग हटते हुए अपने को स्थापित करने का गुण इसी में विकसित होता है। यहां ऊर्जाओं का योग व्यक्ति को चमक देता है, निखारता है। कोमलता और कठोरता का अद्भुत संगम होने पर चीजें अलग रुप में दिखाई देती है। इन दोनों का योग एक प्रखर और समृद्धशाली व्यक्तित्व को प्रदान करने में सहायक बनता है। सिंह का आत्मविश्वास शुक्र की रचनात्मक ऊर्जा को पर खिलने लगता है। यहां सृजन का अलग रंग दिखाई दे सकता है। समाज को प्रभावित एवं आकर्षित करने का गुण भी प्राप्त होता है। एक शोमैन की भूमिका भी यहां मिलती है। 

 

जब शुक्र ग्रह जो प्रेम और इच्छाओं के साथ सिंह राशि के साहस एवं ऊर्जा के साथ जुड़ता है तो जीवन में उमंग एवं लास्य मौजूद होता है। सिंह राशि दिल और दिमाग पर राज करने वाली राशि होती है, इसलिए शुक्र का का होना इसे कई मायनों में बेहतरीन चीजों को दिखाने वाला होता है। शुक्र एक सकारात्मक ग्रह है और सिंह एक सकारात्मक राशि है, इसलिए दोनों का एक साथ आना अच्छी अनुभूति को उत्पन्न करने में सहायक बनता है। अतीत पर रुकने के बजाय आगे बढ़ना इनका लक्ष्य होता है। आनंद को अधिक रोमांचक और आशावादी होकर महसूस की कोशिश भी करते हैं।  

 

करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में पाते हैं कई उपलब्धियां 

शुक्र कला, सौंदर्य और रचनाओं का प्रतिनिधित्व करता है सिंह भी रचनात्मकता के गुण रखती है। इन दोनों का साथ होने पर व्यक्ति का में रचनात्मक कार्यों को करने का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। व्यक्ति साज सज्जा के कार्यों से जुड़ सकता है। कलात्मक कृतियों को बनाने का काम कर सकते हैं। एक बेहतरीन शैफ का काम भी ये लोग अच्छे से कर सकते हैं। होटल इंडस्ट्री, एडवाइजर, प्रबंधक, रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में अच्छा कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अपने सहकर्मियों, दोस्तों के साथ अच्छे सहयोगी के रूप में रहकर काम करना पसंद करते हैं। अपने काम में अनुशासन और निष्ठा भी पूर्ण रूप से दिखाते हैं। सामाजिक क्षेत्र में भी कई कार्यों को करके मान सम्मान भी पाते हैं। 

 

अपने कार्यक्षेत्र में ये लोग काफी उच्च स्तर तक जाने वाले होते हैं। अपने जीवन में पद प्राप्त कर पाते हैं। इनके काम की पहचान दूर तक देखने को मिल सकती है। अपने काम में गरिमा और प्रतिष्ठा का विशेष ध्यान रखते हैं। सरकारी क्षेत्र में सफलता पाते हैं। न्याय एवं सुरक्षा से संबंधित कामों में आगे रह सकते हैं। भीड़ में भी अलग दिखने का इनका गुण इन्हें छोटे से काम में भी जल्द सफलता दिलाने वाला हो सकता है। किसी संस्थापक के रूप में अपने बिजनेस और कंपनी को शुरू कर सकते हैं। साहस और फैसलों को निडरता के साथ लेने में सक्षम होते हैं। 

 

प्रेम और विवाह संबंध होता है घनिष्ठ 

सिंह राशि में शुक्र का होना प्यार और रोमांस के मामले में भिन्न भिन्न रंग दिखा सकता है। प्यार इनके लिए खास होता है। प्रेमी के प्रति काफी लगाव भी अनुभव करते हैं। प्यार इन्हें खुशी देता है और प्यार में होने का एहसास इनके लिए रोमांच से भरपूर होता है। अपने प्रेमी को हर ओर से सुरक्षा देने की इच्छा भी इनके भीतर होती है। अपने साथी को खुश रखने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहेंगे। प्यार में शालीनता और नैतिकता का भी इन्हें अच्छे से पता होती है। 

 

व्यक्ति के प्रेम में जो शिष्टता और उत्साह दिखाई देता है वह काफी लगाव को दर्शाता है। अपने प्रेम एवं वैवाहिक संबंधों में एक वफादार साथी के रूप में स्थित होते हैं। इन सब बातों के बावजूद कुछ चीजों का अलग पहलू भी होता है। व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता और नेतृत्व करने की भूमिका में कमी को पसंद नहीं करना चाहेगा तथा रिश्ते में भी इस चीज को जरूर पसंद करता है। विवाह संबंधों में भी वह अपने साथी के समक्ष आगे रह कर चीजों को करने की इच्छा रख सकता है। कुछ मामलों में चीजें जिद और क्रोध की स्थिति में परेशानी का सबब भी बन सकती हैं। इसके बावजूद अपने प्यार को जताने में भी कई सारी युक्तियों का उपयोग करते हैं साथी को रिझाने में और अपने प्रेम को अभिव्यक्त करने में इनकी प्रतिभा काफी निखर कर सामने आती है। 

आप हमारी वेबसाइट से सभी भावों में शुक्र के प्रभावग्रहों के गोचर के बारे में भी पढ़ सकते हैं।

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