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आठवें भाव में शनि | Saturn in 8th house

शनि के लिए, यह एक मिश्रित स्थिति है जो मंगल, सूर्य, राहु, हर्शेल और वरुण जैसे अन्य कठोर ग्रहों के लिए आठवें भाव में शनि के सकारात्मक और बुरे परिणामों को कम करती है। आय के स्रोतों के संदर्भ में, ये कठोर ग्रह लाभ तो प्रदान करते हैं लेकिन अपनी महादशा या अंतर्दशा होने पर, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी देते हैं।

 

आठवें भाव में शनि का प्रभाव/ Effect of Saturn in the Eighth House

आठवें भाव का शनि, उच्च आमदनी देकर पुराने ऋणों और बकाया राशि की वसूली में मददगार होने के साथ ही, औद्योगिक उद्यमों या अन्य आय के स्रोतों के विस्तार की जगह प्रदान करता है। वहीं, बृहस्पति के छठे या बारहवें भाव में होने पर, व्यक्ति पर कर चोरी, प्रत्यक्ष रूप से तस्करी या तस्करों को शरण, आवास, आर्थिक मदद जैसी अन्य आपूर्ति करने का आरोप लगने की संभावनाएं हो सकती हैं तथा यह स्थिति खोज, गिरफ्तारी, पूछताछ, सर्वेक्षण, जांच, यहां तक ​​कि व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही की गुंजाइश देती है। इसके अलावा, आठवें भाव में शनि के चौथे, सातवें या ग्यारहवें भाव का स्वामी होने पर, व्यक्ति पर बचपन में घर के अंदर छोटी-मोटी डकैती और वयस्क होने पर किसी बड़ी चोरी, गबन या किड़नेपिंग करने के आरोप लगाए जा सकते हैं। अतः, माता-पिता को संतान की जन्मकुण्डली में शनि की इस स्थिति के पता चलते ही अपने बच्चे को अच्छाई, ईमानदारी और सच्चाई की बातें सिखानी चाहिए तथा उसे किसी भी बुरी आदत जैसे धोखाधड़ी, गबन और चोरी के डर और खतरों के बारे में बताना चाहिए।

 

यह व्यक्ति, युद्धक्षेत्रों में हताहतों और घावों का सामना करते हुए जल्दी पीछे नहीं हटने वाले, बहादुर और सतर्क योद्धा साबित होने के साथ ही युद्ध, लड़ाईयों और सीमांत झड़पों के विशेषज्ञ और व्यावहारिक रणनीतिकार साबित होते हैं तथा आयुध से संबंधित मामलों में दूरदर्शी रणनीतिकार होते हैं। वहीं, यह लोग, रक्षा और पुलिस बलों की आपातकालीन परिस्थितियों में परिवहन उपकरणों को संभालने की क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा, यह लोग श्रम द्वारा उत्पन्न या व्यथित होने वाले, श्रम संबंधों और उनसे संबंधित विषयों में अच्छे होने के साथ ही नए उद्योग विकसित करने, बड़ी और छोटी मशीनों की खरीद, उत्पादन में मशीनों को स्थापित करना और चालू करने वाले प्रशिक्षित इंजीनियर होते हैं।

 

इसके अतिरिक्त, शनि के चौथे, आठवें या बारहवें भाव में गोचर करने या शनि अपनी महादशा में किसी ग्रह की अंतर्दशा के साथ 6:8 की अनुपात में होने या किसी अन्य नक्षत्र की महादशा के अंतर्गत शनि की अंतर्दशा होने पर, इन लोगों को ​​स्वास्थ्य के संबंध में हमेशा सतर्क रहना चाहिए। शनि सेप्टिक या गैंग्रीन घाव जैसी दीर्घकालिक बीमारियों की देने में सक्षम होता है। इसी तरह, हड्डियों के फ्रैक्चरों को ठीक होने में समय लग सकता है, जिसके परिणामस्वरूप, किसी तरह की विकलांगता और जलवायु संबंधी परिस्थितियों में परेशानियां हो सकती हैं। मंगल के दूसरे, सातवें या बारहवें भाव में या शुक्र के छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होने तथा मंगल या वरुण के मदद मांगने पर शनि क्षय, कैंसर, यौन आदि रोगों का कारण होने के साथ ही, शरीर के किसी भी अंग या हिस्से को अपंग या बेकार होने के लिए, मजबूर करने में सक्षम होता है। लेकिन, ध्यान रखने योग्य बात यह होती है कि आमतौर पर आठवें भाव का शनि, शरीर के किसी अंग या हिस्से या कार्य को अशक्त या अप्रभावी जैसी हानि देने के बावजूद, व्यक्ति को लंबी उम्र प्रदान करता है। 

 

आठवें भाव में शनि वाले लोगों को, स्वतंत्र मानसिकता वाले विपरीत लिंग वालों से दूर रहकर अनमेल और सुखद स्वास्थ्य के चलते, विवाहेतर संबंधों या अनौपचारिक संबंधों से बचना चाहिए। इसके अलावा, दोनों में से किसी पर परिवार का बोझ होने पर भी, व्यक्ति को साथी के प्रति क्रूर नहीं होना चाहिए, क्योंकि एक तो पुलिस या कानूनी कार्रवाई संबंधित मामले और  दूसरा, जीवनसाथी के जीवन और अंगों के लिए खतरे की भी गुंजाइश रहती है जो कि पति और पत्नी दोनों के संबद्ध में होती है। जहां, प्रिंट और विजुअल मीडिया अक्सर पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा पत्नी को प्रताड़ित करने की खबरों को प्रचारित करता है वहीं, पत्नी और उसके परिवार द्वारा पति या उसके परिवार पर दबाव बनाने, ब्लैकमेल और प्रताड़ित करने के समान रूप से गंभीर उदाहरण होते हैं, जिनकी मीडिया में कम ही खबरें आती हैं।

 

शनि, व्यक्ति को अपने अलावा किसी अन्य शहर, जिले, राज्य या राष्ट्र में भी बसने की व्यवस्था प्रदान करता है। हालांकि, व्यक्ति को विपरीत लिंग से दुर्व्यवहार से संबंधित किसी भी कानूनी मामले से दूर रहने के लिए सावधानीपूर्वक ध्यान देना चाहिए क्योंकि अभियोजन सहित पुलिस कार्रवाई की अधिक संभावनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा, किसी अन्य शहर या राष्ट्र में कमीशन और व्यक्ति की अनुपस्थित रहने के कारण, उच्च आय से संबंधित राजकीय मामलों में वहां के लोगों की तुलना में संपूर्ण और समान प्रतिफल सिद्ध नहीं होंगे। व्यक्ति को नुकसान पहुंचने की स्थिति में आगे आने वाले अच्छे और सच्चे विदेशी मित्र, व्यक्ति के खिलाफ किसी प्रकार की पुलिस या नागरिक कार्रवाई से संबंधित मामले में, शायद ही साथ या सहायता देने के लिए आगे आएंगे। जैसा कि पहले ही ऊपर बताया जा चुका है कि एक ज्योतिषी को जन्मकुण्डली या नवमांश कुण्डली में आठवें भाव में शनि की स्थिति का विश्लेषण करते समय, बृहस्पति और कभी-कभी मंगल की सामयिक स्थिति की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

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