तुला राशि में बुध | Mercury in Libra Sign

वैदिक ज्योतिष में, सूर्य का निकटतम ग्रह बुध अत्यधिक महत्व रखता है जिसका हिंदी में अर्थ है- ज्ञान। ये भाग्य का अग्र-दूत भी माना जाता है जो हास्य, वाक्-पटुता और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। बुध के तुला राशि में प्रवेश करने पर, इसका प्रभाव व्यक्ति को श्रेष्ठ बौद्धिक क्षमता प्रदान करता है। वहीं, तुला राशि में बुध का नकारात्मक प्रभाव, व्यक्ति की बुद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के साथ ही, त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याओं को जन्म देता है।

 

तुला राशि में बुध लोगों को कैसे प्रभावित करता है?/ How Does Mercury in Libra Affect the Natives?

तुला राशि में बुध से प्रभावित व्यक्ति, कठोर और धनवान होते हैं तथा परिवार से जुड़े रहते हैं। बड़े बिजनेस के मालिक ये व्यक्ति, दूसरों की मदद करने वाले होते हैं और स्पष्ट नैतिकता के साथ महिला संगठनों की तलाश करते हैं। इस राशि में बुध का संबंध सूर्य से होने पर, बाहरी लोगों या दूसरे क्षेत्र के व्यक्तियों के संपर्कों द्वारा, इन व्यक्तियों का विवाह होने की संभावनाएं रहती हैं। बुध, मकर और सिंह लग्न वालों को उत्तम परिणाम देता है तथा लग्न सिंह वालों के लिए, इसका उप-काल या प्रमुख अवधि लाभकारी रहेगी। इसके अलावा, बुध पर बृहस्पति या चंद्रमा की दृष्टि व्यक्ति को उत्तम परिणाम देगी और शुक्र की बुध के साथ युति, उन्हें प्रभावशाली बनाएगी क्योंकि शुक्र और बुध की यह मित्रतापूर्ण स्थिति, बुध के लिए एक शुभ स्थिति होती है जो व्यक्ति को श्रेष्ठ संचार-कौशल प्रदान करती है।

 

भूमि तत्व वाला ग्रह माना जाने वाला बुध निष्पक्ष राशि तुला राशि में स्थित होने पर, व्यक्ति को विभिन्न कलाओं के ज्ञान से संपन्न बनाता है जिससे इन लोगों में कलात्मक और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति झुकाव बना रहता है। बुध संचार को नियंत्रित करता है, और शुक्र का प्रभाव इनकी वाक्पटुता में सुधार करता है जो इन्हें विनम्र और मृदुभाषी बनाता है जिससे इन लोगों में, दूसरों को समझाने की अच्छी क्षमता होती है। तुला राशि में बुध वाले लोग उदार, संबंधों से प्रेरित और स्त्रियों के शौकीन होते हैं। इसके अलावा, बौद्धिक मानसिकता और अच्छे व्यवहार वाले इन लोगों का,  जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण होता है तथा अपने कार्यों में व्यवहार कुशल होने के कारण, अच्छी तरह अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए उदार, दयालु और मिलनसार बन जाते हैं। साथ ही, ये सुंदरता के प्रति आकर्षित और वास्तुकला, विलासिता और आलीशान घर के प्रति झुकाव रखते हैं।

 

तुला राशि में स्थित बुध, हमेशा ही सुखद स्थिति में होता है, जिससे व्यक्ति मधुर वाणी, हंसमुख स्वभाव और संगीत में गहरी रुचि रखने वाला होता है। जहां, तुला एक संतुलित राशि है वहीं, बुध बुद्धि का कारक ग्रह है इसलिए व्यक्ति कोई भी निर्णय करने से पहले प्रत्येक चीज का अच्छी तरह विश्लेषण करता है जिससे ये व्यक्ति, बुद्धि का उपयोग करके व्यावसायिक योजनाएँ बनाने और जीवन में प्रगति करने में समर्थ होते हैं।  

 

तुला राशि में बुध का प्रतिकूल प्रभाव/ Retrograde Effects of Mercury in Libra

चूंकि, इस संपूर्ण जगत में कुछ भी पूर्ण रूप से लाभप्रद नहीं है इसलिए तुला राशि में बुध का प्रभाव भी कोई अपवाद नहीं है। तुला राशि में बुध का प्रतिकूल प्रभाव, इन व्यक्तियों को जीवनरेखा कहे जाने वाले महत्वपूर्ण लोगों से दूर कर सकता है तथा फोन, सोशल मीडिया आदि विभिन्न माध्यमों के अपूर्ण रहने के कारण, वैकल्पिक तरीकों द्वारा संपर्क में रहने की कोशिश करनी पड़ सकती है। साथ ही, सभी प्रकार की वार्ता बंद हो जाने पर, इन्हें विवाह पर ध्यान देना चाहिए।

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