चौथे भाव में मंगल

ज्योतिष में तोथा भाव मातृ प्रेम, हृदय संबंधी मामलों, यात्रा और संपत्ति उत्तराधिकार से संबंधित रखता है और जब इसमें मंगल देव विराजमान/Mars in 4th house हो जाते हैं तो इसमें कुछ अलग परिणाम देखने को मिलते हैं। चलिए जानते हैं कि इस ग्रह योग का आपके जीवन पर किस प्रकार परिणाम पड़ता है।

 

चौथे भाव में मंगल का व्यक्ति पर प्रभाव/ Impact of Mars in the Fourth House on Native

इस भाव में मंगल के परिणामों को, राशि के साथ रखकर जाना जा सकता है। किसी राशि के मंगल, सूर्य या बृहस्पति द्वारा शासित होने पर, व्यक्ति का माँ के साथ गहरा संबंध और खुशहाल बचपन होता है तथा स्कूली शिक्षा और पढ़ाई से संबंधित मामलों में मां का गहरा प्रभाव रहता है।

 

माता-पिता द्वारा संपत्ति का उत्तराधिकार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। विरासत में मिली संपत्ति के साथ ही, जो भविष्य में जीवन को और अधिक आरामदायक बना सकती है। हालांकि, उत्तराधिकार पितृों द्वारा में मिली संपत्तियों के साथ साथ आप स्वयं की संपत्ति जोड़ने में भी सफल हो पाएंगे। 

 

ऐसे व्यक्तियों को नशा करने से बचना चाहिए नहीं तो, स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। जहां, मंगल द्वारा अधिकृत राशि या भाव से सातवें भाव पर पड़ने वाली मंगल की पूर्ण दृष्टि, इन व्यक्तियों को सत्ता और पद की प्राप्ति कराती है वहीं, चौथे भाव में स्थित मंगल की दसवें भाव पर पड़ने वाली पूर्ण दृष्टि करियर में वृद्धि, बिजनेस में स्थिरता, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा को नियंत्रित करती है।

 

चौथे भाव का मंगल व्यक्ति को स्मार्ट, साहसी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के योग्य बनाता है तथा मदद करने वाले ये लोग, ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, लेकिन पदानुक्रम, बेईमानी और अनुशासन की कमी को सहन नहीं कर पाते हैं तथा अपने दृष्टिकोणों के प्रति अत्यधिक स्पष्टवादी होने के साथ ही, बिजनेस में एक सैनिक के समान सफल होते हैं। इसके अलावा, यह लोग गलत कार्य करने वालों को अपनी ग़लती स्वीकार कर लेने के बाद, माफ कर देते हैं। संपत्ति की बिक्री से संबंधित मामलों में कोई समझौता नहीं करने वाले ये लोग, ईमानदार होने के कारण, किसी भी धोखेबाजी ऐसे किसी भा कार्य में लिप्त नहीं होते हैं लेकिन मंगल का स्वामित्व शनि, शुक्र, बुध या चंद्रमा द्वारा होने पर हार न मानते हुए, वह पैतृक संपत्ति को ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं। इसके साथ ही, इससे संबंधित अन्य दावेदारों का हिस्सा छीनने का इरादा भी रखते हैं। वहीं, मकर राशि के चौथे भाव में होने पर, ये लोग सत्ता के उच्च पदों पर पहुंचते हैं।

 

इसके अतिरिक्त, इन्हें सड़क दुर्घटनाओं, हृदय और रक्त कोशिकाओं से संबंधित समस्याओं से दूर रहने की आवश्यकता है‌ तथा रक्तस्राव संबंधी चोटों से वजन में भारी कमी आ सकती है। इस तरह, चौथे भाव में स्थित मंगल, बाल्यावस्था और किशोरावस्था के दौरान अत्यधिक रक्त संबंधी चोटों का कारण बनता है।

 

जहां, चौथे भाव में मंगल तथा नौवें या दसवें भाव में सूर्य या चंद्रमा के स्थित होने पर, दत्तक माता-पिता की विरासत मिलने की संभावनाएं रहती हैं। वहीं, मेष, सिंह या मकर राशि में मंगल केवल स्थित होने पर, व्यक्ति दत्तक होता है तथा मंगल के वृषभ, वृश्चिक या मीन राशि में स्थित होने पर, संयुक्त परिवार में दत्तक संतान (Adopted child) होती है।

 

इसके अलावा, चौथे भाव का मंगल माता और जीवनसाथी के बीच विवाद उत्पन्न करता है तथा इससे व्यक्ति का वैवाहिक जीवन इतना अशांत हो जाता है, जिसकी तीव्रता को मापा नहीं जा सकता।

हमारी वेबसाइट से सभी भावों में मंगल के प्रभावग्रहों के गोचर और उसके प्रभावों के बारे में भी पढ़ सकते हैं।

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