स्वाति नक्षत्र | Swati Nakshatra | कैसा व्यवहार होता है इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति का

वैदिक ज्योतिष/ Vedic Astrology में स्वाति नक्षत्र/ Swati Nakshatra 27 नक्षत्रों में से 15वां है। स्वाति शब्द सु+अति  से मिलकर बना है जिसमें 'सु' का अर्थ है- 'बहुत अच्छा'। स्वाति का अर्थ है- बहुत अच्छा या स्वतंत्र। स्वाति नाम का एक अन्य अर्थ-धर्म शास्त्र में पारंगत पुजारी भी है। 

इस नक्षत्र के जातक, धर्म और ईश्वर से संबंधित विस्तृत और इधर-उधर फैली हुई ऊर्जाओं के बारे में ज्ञान प्राप्त  करने के इच्छुक होते हैं, इसी कारण यह नक्षत्र बदलावों को दर्शाता है।

इस नक्षत्र/Nakshatra के जातक, जीवन को अस्त-व्यस्तताओं के बीच प्रगति करने और आत्मनिर्भर होने के प्रबल इच्छुक होते हैं। मार्केटिंग अभियानों को शुरू करने के लिए यह एक श्रेष्ठ नक्षत्र है।

स्वाति नक्षत्र की प्रतीकविद्या/The Symbology of Swati Nakshatra

इस नक्षत्र के प्रतीकों में से एक, हवा में लहराते पौधे का एक अंकुर है, अर्थात इस नक्षत्र/ Nakshatra के लोगों के प्रारंभिक वर्ष तब अस्थिर रह सकते हैं और कुछ वर्ष बीत जाने के बाद ही स्थिरता आती है।  

स्वाति नक्षत्र का मुख्य विषय/The Key theme of Swati Nakshatra

१. प्रतीकविद्या के अनुसार, इस नक्षत्र के लोगों को शुरू में संबंधों धन आदि में उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ता है, जो इस नक्षत्र के भावों के स्वामी से प्रभावित होते हैं। 

२. स्वाति नक्षत्र/Swati Nakshatra, नीरस तुला राशि के मध्य में आता है।  स्वाति नक्षत्र का शासक राहु है और शुष्क ग्रह शनि का अष्टपदी नीरस ग्रह है। स्वाति नक्षत्र के देवता 'वायु या पवनदेव' हैं। जिनसे निम्नलिखित विषय प्रकट होते हैं:

• स्वाति नक्षत्र, सांस लेने के आवश्यक तत्वों प्राणायाम, योग और ध्यान से संबंधित लोगों के लिए श्रेष्ठ होता है। 

• इस नक्षत्र पर अशुभ ग्रह राहु के प्रभाव होने पर गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। 

महत्वपूर्ण बिंदु:  स्वाति नक्षत्र में जिन लोगों का द्वितीय स्वामी अशुभ रूप से प्रभावित होता है, उनकी सांसों से दुर्गंध आ सकती है।

स्वाति नक्षत्र के बारे में अधिक जानकारी/More insights into Swati Nakshatra

1. इस नक्षत्र में स्थित चंद्रमा के कारण, जातकों के मन में इधर-उधर के विचारों की अधिकता होती है। 

2. ये लोग निर्णय लेने के योग्य नहीं होते हैं। 

3. इन जातकों को अति दुर्बल समझा जाता है।

4. यह किसी भी तर्क-वितर्क में भागीदारी नहीं कर पाते हैं क्योंकि प्रभावशाली ही अपना पक्ष रख सकते हैैं।

5. संचार कौशल के कारण यह अच्छे व्यवसायी और व्यापारी होते हैं। 

6. यह प्रवाल भित्तियों से स्वचालित अत्यधिक स्वतंत्र नक्षत्र है। 

7. इस नक्षत्र/Nakshatra के जातकों में बहुत अधिक गंभीरता होती है। हालांकि, ये अपनी क्षमताओं को दिखाने में असमर्थ  होते हैं।

8. ये व्यक्ति अपने जीवन के बाद के दिनों में टिप्पणीकार, वक्ता और प्रचारक बन जाते हैं।

9. वायु के देवता होने के कारण, यह नक्षत्र हवा से संबंधित सभी वाद्य यंत्रों से संबंधित है। 

10. स्वाति नक्षत्र विद्या और ज्ञान की देवी सरस्वती से भी संबंधित होने के कारण, अध्ययन करने के लिए पावन और अच्छा है।

स्वाति नक्षत्र के जातकों के लिए उपाय/The Remedy for Swati Nakshatra Natives

स्वाति नक्षत्र को मजबूत बनाने के लिए, इस नक्षत्र के लोगों के लिए शंखनाद करना उत्तम उपाय हो सकता है। 

स्वाति नक्षत्र: परिवर्तन का संकेत/Swati Nakshatra: A Change Point

स्वाति नक्षत्र/Swati Nakshatra से पहले के सभी 14 नक्षत्र भौतिकवादी हैं, जबकि, इस नक्षत्र के बाद के सभी 13 नक्षत्र अध्यात्मवादी होते हैं। इसलिए, हमारे द्वारा इसे परिवर्तन का संकेत भी माना जाता है। 

इस नक्षत्र/Nakshatra के जातक जीवन के केंद्र-बिंदु से नहीं भटकते  हैं और घर से दूर रहकर उन्नति करते हैं।

स्वाति नक्षत्र के लोगों से संबंधित पेशे/Themes associated to Swati Nakshatra Natives

• समाजसेवी

• शिक्षण संस्थानों के संस्थापक

• यात्रा, पर्यटन और विमानन उद्योग से संबंधित 

• ताकत और स्वतंत्रता के लिए प्रयत्नशील

• संबंधों और साझेदारी में उतार-चढ़ाव।

स्वाति नक्षत्र में जन्मे कुछ प्रसिद्ध हस्तियां/Some famous personalities born in Swati Nakshatra

उपरोक्त लक्षणों ने कुछ लोगों को अपने व्यावसायिक क्षेत्रों में विश्व प्रसिद्ध बना दिया है। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं- 

"लिलियन बेटनकोर्ट (प्रसिद्ध फ्रांसीसी एल" ओरियल ब्रांड मालिक) किम कैंपबेल, शेख हसीना (बांग्लादेश पीएम) लेडी गागा, स्मिता पाटिल (भारतीय फिल्म अभिनेत्री) आदि।

नाड़ियों के अनुसार स्वाति नक्षत्र की सक्रियता/ Activation of Swati Nakshatra as per Nadis

नाड़ियों के नियमों के अनुसार, यह नक्षत्र जातकों की 3 अलग-अलग उम्रों में सक्रिय होता है : 

१. स्वाति नक्षत्र में स्थित ग्रहों की सक्रियता के कारण, सर्वप्रथम यह 22वें वर्ष की आयु में सक्रिय होता है। 

२. दूसरी बार, यह नक्षत्र ३० वें वर्ष की आयु में सक्रिय होता है और जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाता है।

३. यह नक्षत्र 55 वर्ष की आयु में पुनः सक्रिय हो जाता है।

वैदिक ज्योतिष/ Vedic Astrology के अनुसार, किसी व्यवसाय के नामकरण और बच्चे के नामकरण में नक्षत्र बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ज्योतिष/ Astrology में 27 नक्षत्र होते हैं। अन्य 26 नक्षत्रों की समान अंतर्दृष्टि के बारे में पढ़ने के लिए ज्योतिष में सभी नक्षत्रों पर क्लिक करें।

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