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अश्विनी नक्षत्र - गति और चंचलता का प्रतीक है

वैदिक ज्योतिष / Vedic astrology में कुल 27 नक्षत्रों में से अश्विनी नक्षत्र पहला नक्षत्र है, जिसे अश्विनी कुमारों के रूप में भी जाना जाता है। अश्विनी नक्षत्र/ Ashwini Nakshatra में जन्मे व्यक्तियों की सभी बुनियादी विशेषताओं, कमजोरियों, शक्तियों, लक्षणों और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों के बारे में नीचे बताया गया है:

 

अश्विना तेजसा चक्षुः प्राणेन सरस्वती वीर्यम।

वाचेंद्रों बलेनेन्द्राय दधुरिन्द्रियम।।

"याजकों का कल्याण करने के लिए दोनों अश्विनीकुमारों ने स्वतेज से नेत्र ज्योति, देवी सरस्वती ने प्राण के साथ पराक्रम और इन्द्रदेव ने वाणी की सामर्थ्य के साथ इन्द्रिय बल प्रदान किया।"

 

अश्विनी नक्षत्र क्या है? / What is Ashwini Nakshatra

अश्विनी शब्द का अर्थ है- महिला घुड़सवार या घोड़ी से उत्पन्न। घोड़े के रूप में विवस्वत नाम से जाने वाले, अश्विनी कुमारों की माता संजना और पिता सूर्य है। 

 

अश्विनी परिवहन का भी सितारा है। सूर्यदेव का रथ सात घोड़ों या इंद्रधनुष के सात रंगों द्वारा खींचे जाने के कारण, ऊर्जा या शक्ति या घोड़ों से संबंधित है, जिसे अश्व-शक्ति भी कहा जाता है। इस प्रकार अश्विनी नक्षत्र गति और चपलता से संबंधित होता है।

 

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अश्विनी नक्षत्र / Ashwini Nakshatra का प्रतिनिधित्व जुड़वां अश्विनी कुमारों द्वारा किया जाता है, जिन्हें नासत्य और दसर के नाम से जाना जाता है। यह अश्विनी कुमार सोने के बख्तरबंद हैं जो तीन सीटों वाले सुनहरे रथ पर सवार होते हैं। वेदों में, उन्हें इस सुनहरे रथ की सवारी करते हुए, भोर में उषा (प्रकाश की पहली किरण) का पीछा करने के रूप में वर्णित किया गया है।

 

जुड़वां अश्विनी कुमारों को परिवर्तन का प्रतीक और अंधकार और प्रकाश के बीच की सीमा माना जाता है। जिसका अर्थ है- अंधकार से प्रकाश की ओर आना या अंधकार से प्रकाश की ओर उषा (प्रकाश की पहली किरण) का पीछा करना। इसलिए, द्वयात्मकता का संबंध भी अश्विनी नक्षत्र से ही होता है। कुछ ग्रंथों में, उन्हें अभिजन या महासागरों से उत्पन्न भी कहा जाता है।

 

वह जड़ी-बूटियाँ उगाने वाले पहले कृषि विशेषज्ञ और आरोग्यकर ऊर्जाओं वाले ईश्वर के चिकित्सक भी हैं।‌  इन जुड़वां अश्विनी कुमारों ने, ऋषि दधीचि से अमरत्व देने वाले सोम रस के मिश्रण की गुप्त कला भी सीखी थी।

 

अश्विनी नक्षत्र के स्वामी / Ashwini Nakshatra Lord

अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है।

 

अश्विनी नक्षत्र की पौराणिक कथाएं / Mythologies of Ashwini Nakshatra

 

1. अश्विनी नक्षत्र की पहली पौराणिक कथा / First Mythology of Ashwini Nakshatra

ऋषि दधीचि ने सोमरस बनाने के रहस्य को साझा करने का अधिकार न होते हुए भी, अश्विनी कुमारों को  सोमरस बनाने का राज सिखाया था। इसलिए, इंद्रदेव ने ऋषि दधीचि का सिर काट दिया। चूंकि, अश्विनी कुमार लोगों का जीवन वापस लाने की कला भी जानते थे, इसलिए उन्होंने ऋषि को फिर से जीवित कर दिया।

 

इस पौराणिक कथा का प्रयोग कैसे करें / How to use this mythology

अश्विनी नक्षत्र की उपचार करने की विशुद्ध शक्तियों के कारण, इस नक्षत्र का कोई भी ग्रह स्वचालित रूप से लोगों को स्वस्थ कर सकता है। प्रश्न शास्त्र के अनुसार भी, इस नक्षत्र / Nakshatra से किसी अन्य ग्रह के संबंधित होने पर  यह माना जाता है कि यह व्यक्ति को पुनर्जीवन देने में मदद कर सकते हैं।

 

2. अश्विनी नक्षत्र की दूसरी पौराणिक कथा / Second Mythology of Ashwini Nakshatra

दूसरी पौराणिक कथा यह है कि, अश्विनी कुमारों ने च्यवन ऋषि के अंधे हो जाने पर, उनकी आंखों की रोशनी और जवानी लौटा दी थी। इसका प्रतिदान करने के लिए च्यवन ऋषि, अश्विनी कुमारों के सोम रसपान करने के अधिकार के लिए लड़े, जो केवल देवताओं के लिए ही अनिवार्य था।

 

इस पौराणिक कथा का प्रयोग कैसे करें / How to use this Mythology

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति लोगों में प्रभावशाली, कुलीन या समाज के शीर्ष पर स्थित व्यक्तियों के साथ बने रहने की प्रवृत्ति होने के कारण, प्रभावशाली लोगों के साथ घूमना पसंद करते हैं।

 

3. अश्विनी नक्षत्र की तीसरी पौराणिक कथा / Third Mythology of Ashwini Nakshatra

इस नक्षत्र / Nakshatra की तीसरी पौराणिक कथा महाभारत से संबंधित है। कहा जाता है कि पांडव नकुल और सहदेव, अश्विनी कुमारों के द्वारा जन्मे थे। इस कारण, जहां नकुल आदर्श घुड़सवार थे, वहीं सहदेव एक कुशल गणितज्ञ और उत्कृष्ट ज्योतिषी थे।

 

इन तीनों पुराणों का एक साथ उपयोग कैसे करें / How to use all these Three Mythologies together

इन तीनों पौराणिक कथाओं का एक साथ प्रयोग करके, यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि प्रमुख अश्विनी नक्षत्र वाले व्यक्ति अच्छा गणितज्ञ, खगोलशास्त्री या ज्योतिषी होने के साथ ही, इन व्यक्तियों में उत्कृष्ट उपचार क्षमताएं भी रखते हैं। यहां तक ​​​​कि इनकी उपस्थिति भी उपचार करने में सहायक हो सकती है।

 

इस नक्षत्र की कामना​ / Wish of this Nakshatra

प्रत्येक नक्षत्र का अपना एक विलक्षण मनोरथ होता है, जो कि इस नक्षत्र की कठिनाई से सुनने योग्य आवाज को सुनने की क्षमता रखता है। अर्थात अश्विनी नक्षत्र के प्रबल प्रभाव वाले व्यक्तियों में सुनने की एक अनोखी क्षमता होती है। हालांकि, इस नक्षत्र में कुछ अशुभ ग्रहों की युति हो जाने पर व्यक्ति बहरा, अंधा या लंगड़ा हो सकता है, जो उस ग्रह की स्थिति पर निर्भर करता है।  

 

हम अश्विनों में से एक की तुलना बुध से कर सकते हैं जो कि बुद्धि या ज्ञान से संबंध रखता है। इसके विपरीत, अन्य अश्विन की तुलना शुक्र या संजीवनी विद्या के जानकार दानवों के गुरु शुक्राचार्य से की जा सकती है। खगोलीय दृष्टि से, बुध और शुक्र सूर्य का अंश होने के कारण, सूर्य के पुत्र हो सकते हैं।

 

इस नक्षत्र में मंगल और केतु की ऊर्जाओं का योग है। (मेष राशि के स्वामी केतु ग्रह हैं) इस नक्षत्र का पुरुषार्थ धर्म है या वह धर्म के धारक हैं।

 

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों के लक्षण या विशेषताएँ/ Characteristics of Ashwini Nakshatra Natives

 

‘सुरूप: सुभगो दक्ष: स्थूलकायो महाधनी अश्विनीसम्भवो लोके जायते जनवल्लभ:’’

"अश्विनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति आकर्षक, भाग्यशाली, कार्य में कुशल, सुगठित शरीर, धनवान और प्रसिद्ध होते हैं।"

 

जब अश्विनी नक्षत्र / Ashwini Nakshatra किसी ग्रह या राशि को प्रभावित करता है, तो यह जीवन के निम्नलिखित क्षेत्रों को अपने प्रभावों से प्रभावित कर सकता है:

  1. इस नक्षत्र/Nakshatra में कोई भी ग्रह अमरता के किसी न किसी रूप को प्राप्त करने का संकेत दे सकता है या कुछ उपचारात्मक करके अमरता की ओर ले जाता है।
  2. यह तीव्र गति से चीजों को हासिल करने की शक्ति या लालसा भी देता है।
  3. यह तीव्र गति से चलने की प्रकृति देने वाला नक्षत्र है।  
  4. अश्विनी सभी प्रकार के तीव्र यात्रा वाले परिवहनों पर शासन करते हैं।
  5. अश्विनी कुमार की सवारी स्वर्ण रथ है।
  6. इस तारे का प्रभाव व्यक्तियों को सैनिक, अद्भुत आरोग्यकारी शक्तियों वाला चिकित्सक बना सकता है।
  7. इस तारे का अशुभ प्रभाव व्यक्तियों को बहरा और अंधा दोनों बना सकता है।

 

अश्वनी नक्षत्र से प्रभावित महिलाओं के लक्षण / Ashwini Nakshatra Female Characteristics

अश्विनी नक्षत्र में जन्म लेने वाली महिलाओं में विभिन्न विशेषताएं देखने को मिलती हैं

  1. करुणामय, दयालु, एवं मधुर वक्ता

  2. सामाजिक कार्यकर्ता और विलक्षण कार्य करने वाली

  3. सुखद आकर्षक और फैशनेबल

  4. सर्वश्रेष्ठ उपचारक और समस्या समाधानकर्ता

  5. स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और करियर उन्मुख

 

अश्वनी नक्षत्र से प्रभावित पुरुषों के लक्षण / Ashwini Nakshatra Male Characteristics

अश्विनी नक्षत्र में जन्में पुरुषों में विभिन्न विशेषताएं देखने को मिलती हैं

  1. सुंदर, स्थूल और मजबूत शरीर

  2. आकर्षक रंगरूप के साथ बड़ी आँखें और चौड़े ललाट वाले

  3. साहसी, निडर और असाधारण स्वभाव

  4. महान विचारों वाले, उद्यमी, गतिशील और ऊर्जावान

  5. महान सलाहकार, खोजकर्ता और समस्या समाधानकर्ता

 

अश्विनी नक्षत्र विवाह अनुकूलता / Ashwini Nakshatra Marriage Compatibility

विवाह ज्योतिष के अनुसार, जैसा की हम सभी जानते हैं अश्विनी नक्षत्र ज्योतिष शास्त्र में सबसे पहला और अहम माना जाता है। अश्विनी नक्षत्र में जन्में व्यक्ति बहुत ही बुद्धिमान और विद्वान होते हैं और उनमें बहुत सी विशेषताएं पाई जाती है। अश्विनी नक्षत्र के प्रभाव में आने वाले व्यक्ति अपने अंतर्निहित गुणों के आधार पर अपने जीवन साथी में निम्नलिखित गुणों की तलाश करते हैं:

  1. जीवन में ऊर्जा, जोश और उत्साह
  2. प्यार, अपनापन, नवाचार और रचनात्मकता
  3. आपसी समझ

 

अन्य नक्षत्रों के साथ अश्विनी नक्षत्र की विवाह अनुकूलता / Marriage Compatibility of Ashwini Nakshatra with other Nakshatras

  1. अश्विनी नक्षत्र के लिए सबसे अनुकूल नक्षत्र है भरणी नक्षत्र। भरणी नक्षत्र को अश्विनी नक्षत्र के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि दोनों में सामान स्तर की ऊर्जा, जुनून, भावनात्मक समर्थन और आपसी समझ होती है।

  2. अश्विनी नक्षत्र के लिए सबसे प्रतिकूल नक्षत्र है – हस्त नक्षत्र। हस्त नक्षत्र के सुस्त जुनून, अधिक अधिकार, अज्ञानता और भावनात्मक समर्थन में कमी के कारण इसे कम संगत/प्रतिकूल माना जाता है।

  3. अश्विनी नक्षत्र में जन्में पुरुषों के लिए सबसे उपयुक्त मिलान - अश्विनी नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र और श्रवण नक्षत्र की महिलाएं अश्विनी नक्षत्र के पुरुषों के लिए सर्वश्रेष्ठ मेल हैं। हालांकि, अश्विनी नक्षत्र में जन्में पुरुषों को मूल और शतभिक्षा नक्षत्र में जन्मीं महिलाओं से शादी करने से बचना चाहिए।

  4. अश्विनी नक्षत्र में जन्मी महिलाओं के लिए सबसे उपयुक्त मिलान - अश्विनी नक्षत्र की महिलाओं के लिए अश्विनी, स्वाति और रेवती नक्षत्र के तहत पैदा हुए पुरुष सबसे श्रेष्ठ मेल होते हैं। हालांकि, उन्हें उत्तराफाल्गुनी और पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में जन्में व्यक्तियों से शादी करने से बचना चाहिए।

 

अश्विनी नक्षत्र महिला विवाहित जीवन / Ashwini Nakshatra Female Married Life

  1. आम तौर पर अश्विनी नक्षत्र की महिलाएं अपने दयालु हृदय और मधुर वाणी के कारण एक अच्छे वैवाहिक जीवन का आनंद लेती हैं।

  2. वे शायद ही कभी अपने ससुराल पक्ष या जीवनसाथी को नाराज करती हैं।

  3. वे अपने रिश्तों में आश्वस्त और संतुलित होती हैं और इसलिए अपने संबंधों में बराबरी का दर्जा चाहती हैं।

  4. वे वित्तीय स्थिरता की सराहना करती हैं और अपने भागीदारों के लिए प्रेरक स्तंभ के रूप में कार्य करती हैं।

 

अश्विनी नक्षत्र पुरुष विवाहित जीवन / Ashwini Nakshatra Male Married Life

  1. अश्विनी नक्षत्र में जन्में व्यक्ति अत्यधिक ऊर्जावान और चंचल होते हैं। वे अपने नक्षत्र प्रतीक घोड़े के समान ही तेज, ऊर्जावान और गतिशील होते हैं।

  2. वह आम तौर पर ज्यादातर समय असंतुष्ट रहते हैं और उन्हें कुछ न कुछ नया सीखना होता है।

  3. अश्विनी नक्षत्र में जन्में व्यक्ति का अपने जीवनसाथी के साथ मजबूत जुड़ाव होता है और वह अपने जीवनसाथी को सबसे ज्यादा प्यार करने वाले साबित होते हैं।

  4. यह अपने रिश्ते में आपसी समझ को ज्यादा तवज्जो देते हैं।

  5. इन्हें अपने लिए एक बुद्धिमान, दयालु और धैर्यवान जीवनसाथी की तलाश होती है।

 

अश्विनी नक्षत्र पद / Ashwini Nakshatra Pada

अश्विनी नक्षत्र की राशि मेष है। प्रत्येक नक्षत्र में 4 पद होते हैं और अश्विनी नक्षत्र के सभी चरण मेष राशि में ही स्थित होते हैं। प्रत्येक पद 3 डिग्री 20 मिनट के लिए होता है। नीचे अश्विनी नक्षत्र के 4 चरणों का विवरण दिया गया है।

 

अश्विनी पद 1 (मेष नवांश – 0 डिग्री से 3 डिग्री 20 मिनट)

अश्विनी नक्षत्र के पहले पद में जन्में लोगों का चेहरा अंडाकार, मध्यम रूप, पतले हाथ-पैर और औसत शरीर होता है। वे प्रभुत्व और प्रशंसा की कामना करते हैं। वह अंतर्जातीय विवाह कर सकते हैं और अपने बच्चों के लिए हमेशा चिंतित रहते हैं।

 

अश्विनी पद 2 (वृषभ नवांश – 3 डिग्री 20 मिनट से 6 डिग्री 40 मिनट)

अश्विनी नक्षत्र के दूसरे पद में जन्में लोग गोरे रंग के होते हैं। वे सुंदर होते हैं और त्वरित कार्रवाई करते हैं। उन्हें विलासिता का शौक होता है। वे अत्यधिक महत्वाकांक्षी होते हैं और अपनी दिनचर्या में मस्त रहते हैं।

 

अश्विनी पद 3 (मिथुन नवांश – 6 डिग्री 40 मिनट से 10 डिग्री 0 मिनट)

अश्विनी नक्षत्र के तीसरे पद में जन्में लोग बहुत ही मिलनसार और मनोरंजक होते हैं। उनका अग्नि या प्रकाश से कुछ संबंध होता है। वे महान विद्वान या साहित्यकार बन सकते हैं।

 

अश्विनी पद 4 (कर्क नवांश – 10 डिग्री 0 मिनट से 13 डिग्री 20 मिनट)

अश्विनी नक्षत्र के चौथे पद में जन्में लोग आमतौर पर उदास और आक्रामक स्वभाव के होते हैं। उनके पास उपचार क्षमता, सहानुभूति प्रकृति और सुखदायक उपस्थिति होती है।

 

अश्विनी नक्षत्र में जन्में व्यक्ति में होती है ये खास बात / Ashwini Nakshatra Native's Strength

  1. अश्विनी नक्षत्र को देवताओं के चिकित्सक के रूप में जाना जाता है इसलिए इसके अंतर्गत जन्म लेने वाले जातक जड़ी-बूटियों और औषधियों का बहुत ज्ञान रखते हैं।
  2. इनके पास शारीरिक और मानसिक कष्टों को दूर करने की दैवीय शक्ति होती है।
  3. एक टीम के रूप में काम करने की क्षमता और कड़ी मेहनत इनकी विशेषता मानी जाती है।
  4. अपने कार्यों में निपुण, तत्पर और आज्ञाकारी होते हैं।
  5. महान सलाहकार और समस्या निवारक।

 

अश्विनी नक्षत्र में जन्में व्यक्ति में होती हैं ये कमजोरियां / Ashwini Nakshatra Native’s Weakness

  1. क्रोध, कठोर और अडिग
  2. चंचल मन और लालची
  3. खर्चालु
  4. अस्थिर करियर
  5. संतान होने में समस्या

 

अश्विनी नक्षत्र प्रतीक / Ashwini Nakshatra Symbol

अश्विनी नक्षत्र में तीन प्रमुख तारे मिलकर एक घोड़े के सिर की आकृति बनाते हैं। प्रमुख सितारों को बीटा एरियेटिस और अल्फा एरियेटिस के रूप में जाना जाता है। अश्विनी नक्षत्र जुड़वां घोड़ों के सिर जैसा दिखता है। घोड़े के सिर को अश्विनी नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह माना जाता है जो इस नक्षत्र को घोड़े के बहुत से गुणों से जोड़ता है। अश्विनी नक्षत्र वाले व्यक्ति बेहद महत्वाकांक्षी और बेचैन प्रकृति के होते हैं। यह हर काम जल्दबाजी में करना चाहते हैं और नतीजे भी जल्दी से जल्दी चाहते हैं। इनका दांपत्य जीवन अच्छा होता है और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।

 

अश्विनी नक्षत्र प्रतीक

 

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे प्रसिद्ध हस्तियां / Famous Personalities Born in Ashwini Nakshatra

इस नक्षत्र / Nakshatra में जन्म लेने वाले कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के नाम इस प्रकार हैं: 

पामेला डी. एंडरसन, ब्रूस ली, युक्ता मुखी (मिस वर्ल्ड ताज वाली भारतीय महिला), सानिया मिर्ज़ा, सेलेना गोमेज़ आदि।

 

अश्विनी नक्षत्र की सक्रियता : नाडी नियम / Activation of Ashwini Nakshatra: Nadi Rule

  1. 24 वें वर्ष में, यह सक्रिय होता है और पूर्व जन्म से संबंधित जानवर या स्वास्थ्य समस्याओं को भी उसी समय सक्रिय करता है। 
  2. 46 वें वर्ष में, स्वास्थ्य, नौकरी और अदालती मामले।
  3. 62 वें वर्ष में, यह स्वयं को लागू करता है।

 

उपरोक्त वर्णन से अश्विनी नक्षत्र के बारे में प्राप्त कई नई जानकारियों से संबंधित असाधारण परिणाम प्राप्त करने के लिए, कुंडली/ horoscope में उपरोक्त नियमों को उपयुक्त रूप से लागू किया जा सकता है। ये वैदिक ज्योतिष / Vedic Astrology के सामान्यीकृत सिद्धांत हैं। हालांकि, अश्विनी नक्षत्र के सटीक प्रभाव और प्रभावों को जानने के लिए, एक योग्य ज्योतिषी से परामर्श करना हमेशा बेहतर हो सकता है।

 

अश्विनी नक्षत्र विशेष विवरण / Ashwini Nakshatra Specifications

  1. नक्षत्र – अश्विनी
  2. प्रकृति – महत्वाकांक्षी और बेचैन
  3. वर्ग – व्यापारी
  4. तत्व – पृथ्वी
  5. लिंग – पुरुष
  6. प्रकार – प्रगतिशील, पारंपरिक तथा आधुनिक

 

अश्विनी नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार हैं जिन्हें देवताओं का चिकित्सक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार अश्विनी कुमारों को जुड़वां भाई माना जाता है और उन्होंने अपनी चिकित्सा के माध्यम से देवताओं को ठीक किया और उन्हें स्वास्थ्य प्रदान किया। इसलिए अश्विनी नक्षत्र में किसी भी रोग से मुक्ति के लिए औषधि का सेवन करना शुभ माना जाता है. क्योंकि अश्विनी नक्षत्र स्वास्थ्य ज्योतिष से संबंधित है इसलिए अश्विनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत सफल हो सकते हैं।

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