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आर्द्रा नक्षत्र - सक्रियता का नक्षत्र

 

वैदिक ज्योतिष के कुल 27 नक्षत्रों में से आर्द्रा नक्षत्र / Ardra Nakshatra छठा नक्षत्र है।

 

आर्द्रा नक्षत्र क्या है? / What is Ardra Nakshatra?

आर्द्रा का अर्थ है- नम या गीला। इसका एक अर्थ ताजगी भी है। आर्द्रा नक्षत्र/ Ardra Nakshatra मन या सोचने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करने के कारण, मनुष्यों में सोचने की क्षमताओं की विशेषताओं को दर्शाता है।

 

आर्द्रा नक्षत्र 'रुद्र' (विनाशक तूफानों और गर्जन के देवता) या क्रोध का भी संकेतक है। यह नवीनीकरण और दुख दोनों का तारा होने के साथ ही, जंगली जानवरों और औषधियों का भी स्वामी है। "चित्रा" / "Chitra" "स्वाति" / "Swati" और आर्द्रा / ardra तीनों नक्षत्र, एकल सितारे हैं।

 

आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे लोग अत्यधिक स्वच्छंद होने के कारण पारिवारिक मूल्यों के विपरीत प्रवृत्ति वाले हो सकते हैं और आम धारणा से अलग सोचने की क्षमता रखते हैं।

 

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आर्द्रा नक्षत्र की पौराणिक कथाएं / Mythology of Ardra Nakshatra

आर्द्रा नक्षत्र से संबंधित तीन अलग-अलग पौराणिक कथाएं इस प्रकार हैं- 

 

पहली पौराणिक कथा / 1st Mythology

बाल रुद्र/ rudra के बिलख-बिलख कर रोने पर, ब्रह्मा जी ने  उसके रोने का कारण पूछा। जिस पर बच्चे ने उत्तर दिया कि उसका कोई नाम नहीं है। यह सुनकर ब्रह्मा जी उन्हें ईशान (उत्तर-पूर्व के स्वामी), पशुपतिनाथ (जंगली जानवरों के भगवान) आदि कई अन्य नाम देना शुरू करते हैं। बच्चे ने उन सभी आठ नामों को अस्वीकार कर दिया। तब ब्रह्मा जी ने उसे 'रुद्र' का सुझाव दिया, जिसे बच्चे ने स्वीकार कर लिया।

 

इस पौराणिक कथा का उपयोग कैसे करें? / How to use this Mythology?

  1. प्रबल आर्द्रा नक्षत्र/Ardra Nakshatra वाले लोगों को उनके जीवन में पहचाने जाने की समस्याएं होती हैं।
  2. यह गुमनामी वाला जीवन व्यतीत करते हैं।
  3. यह असामाजिक लोग होते हैं।
  4. नियत कार्यों में अत्यधिक योगदान देने पर भी, इनका अपना कोई नाम नहीं होता।

 

नोट: समझने की बात / Note: A point to understand

बालक या बाल रुद्र / rudra के आँसुओं ने तूफान पैदा किया जिससे आंसू भी रुद्राक्ष (रुद्र या शिव के आँसू) के दाने बन गए। इन दानों के अत्यधिक औषधीय गुण होते हैं लेकिन, इन्हें धारण करने से पहले व्यक्तियों को शराब, तंबाकू,  मांस, झूठ बोलना, दूसरों के बारे में गलत सोचना जैसे कई मूल्यों का पालन करना पड़ता है।

आर्द्रा नक्षत्र एक तीक्ष्ण नक्षत्र है। आर्द्रा नक्षत्र से प्रबल प्रभावी लोगों में कसाई जैसे अत्यधिक भौतिकवादी गुण से होते हैं। इस नक्षत्र के लोग ईमानदार और वफादार होते हैं।

 

आर्द्रा नक्षत्र की दूसरी पौराणिक कथा / 2nd Mythology of Ardra Nakshatra

रुद्र ने अपने बाण से प्रजापति का सिर काटकर अलग कर दिया था।

 

पौराणिक कथाओं का उपयोग कैसे करें? / How to use the Mythology?

आर्द्रा नक्षत्र वाले लोग झूठ बर्दाश्त नहीं कर पाने के कारण, अपने साथ झूठ बोलने वाले लोगों को नुकसान पहुंचाने में सबसे आगे होते हैं।

 

आर्द्रा नक्षत्र की तीसरी पौराणिक कथा (मूल कार्य को समझें) / 3rd Mythology of Ardra Nakshatra (understand the basic function)

रुद्र / Rudra का जन्म विश्व देवों के क्रोध से हुआ था, और विश्व देवों ने जन्म के तुरंत बाद रूद्र को त्याग दिया था। जहां यज्ञ होता, वहां रूद्र को बैठने भी नहीं दिया जाता था।  इस कारण, रुद्र ने अपने जनक यानी विश्व देवों के प्रति एक अनोखी नापसंदगी बनाए रखी। इस कारण, रुद्र एकांत प्रिय थे और उन्होंने समुदाय को ना पसंद आने वाले काम किए थे।

 

यह सब कथाएं इस नक्षत्र के संबंध में कुछ बातों से अवगत कराती है जैसे - 

  1. प्रबल आर्द्रा नक्षत्र वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार होता है।
  2. कठिन बाल्यावस्था।
  3. माता-पिता के साथ वैचारिक मतभेद।
  4. इसके अलावा पारंपरिक मूल्यों की अवहेलना
  5. यह लोग अपनी स्वच्छंदता और स्वतंत्रता से प्रेम करते हैं।

 

आर्द्रा नक्षत्र की विशेषताएं / Characterstics of Ardra Nakshatra

आर्द्रा नक्षत्र वाले लोगों को, अपने माता-पिता से समस्या होती है। आमतौर पर, बेटे को अपने पिता के साथ जबकि बेटी को अपनी माँ के साथ समस्या हो सकती है। आर्द्रा नक्षत्र / Ardra Nakshatra में जन्मे व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण स्थायी होते हैं-

  1. अनुपयुक्त होने का भाव।
  2. जन्म के समय विनाशकारी जटिलताएं।
  3. यह काफी हद तक अविवाहित होते हैं, और एकांत में रहने की चेष्टा रखते हैं।
  4. पशु प्रेमी
  5. कभी भी हार नहीं मानने वाले व्यवहार की कोशिश करते हैं। 
  6. इनको झुकाना मुश्किल होता है क्योंकि यह अत्यधिक दबाव में भी नहीं झुकते।
  7. आर्द्रा नक्षत्र के कुछ और नकारात्मक प्रभावों होने पर  यह व्यक्ति अत्यधिक असामाजिक और यहां तक ​​कि हत्यारे भी हो सकते हैं।

 

आर्द्रा नक्षत्र में जन्मी कुछ प्रसिद्ध हस्तियां / Some Famous Personalities Born in Ardra Nakshatra

आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे बहुत से लोग ऊपर वर्णित कुछ या अन्य लक्षणों के साथ विश्व प्रसिद्ध हुए हैं। उनमें से कुछ नाम इस प्रकार हैं: 

बी. ओ. डेरेक, डॉ. भीमराव अम्बेडकर (संविधान की भारतीय किंवदंती), सत्य श्री साईं बाबा, प्रिंस विलियम्स आदि ‌

 

नाड़ी के अनुसार आर्द्रा नक्षत्र का सक्रिय होना / Activation of Ardra Nakshatra as per Nadis

ग्रह कहीं भी स्थित हों, आर्द्रा नक्षत्र अलग-अलग समय पर सक्रिय हो जाता है। नाडी के अनुसार, सक्रियता निम्नानुसार होती है:

  1. 15वें वर्ष में, आर्द्रा नक्षत्र में स्थित ग्रह सक्रिय हो जाते हैं और साथ ही, कुंडली के छठे भाव को भी सक्रिय कर देते हैं।
  2. 24 वें वर्ष में, छठा भाव सक्रिय होता है, या राहु (धोखा या पीठ काटने) संबंधी घटनाएं होती हैं।
  3. 37 वें वर्ष में, आर्द्रा नक्षत्र में स्थित ग्रह सक्रिय हो जाते हैं।

 

हमारे द्वारा, रुद्र द्वारा शासित आर्द्रा नक्षत्र के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की गई है, जिनका बहुत विवेकपूर्ण तरीके से जन्म कुंडली / Birth chart में प्रयोग करना चाहिए और इनके वास्तविक प्रभावों को समझने के लिए किसी अच्छे ज्योतिषी / Astrologer से सलाह लेने का सुझाव दिया जाता है। 

 

आर्द्रा नक्षत्र के जातको के लिए कोर्ट केस या मुकदमा के लिए शुभ होता है। इस नक्षत्र में कोर्ट कचहरी से संबंद्धित कार्य में सफलता मिलने की ज़ादा मौका होता है तथा कोर्ट केस मुकदमेबाज़ी में विजय दिलाता है।

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