जन्मतिथि के अनुसार तलाक के कारण और समाधान | Divorce prediction as per birth date

तलाक और अलगाव

नमस्कार! यदि आप इसे पढ़ रहे हैं तो हो सकता है कि आपके विवाह में कोई समस्या आ रही हो। यदि आपका इसका समाधान की खोज में यहां तक आए हैं तो आपको आपके सभी प्रश्नों का उत्तर यहां से मिल जाएगा। विवाह में सबसे भायावह स्थिति तलाक होती है।

तलाक जैसी गंभीर समस्या से निपटने में ज्योतिष कारगर साबित हो सकता है और पिछले कुछ समय से कारगर साबित होते आया है। लेकिन कुछ भी जानने से पहले आपको ज्योतिषीय तलाक कैलकुलेटर/Astrology Divorce calculator का उपयोग करना चाहिए जो आपकी जन्म तिथि के अनुसार आपके तलाक की स्थिति का पता लगा सकता है।

तलाक की संभावना के लिए कैलकुलेटर

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उपरोक्त ज्योतिषीय तलाक कैलकुलेटर/Astrology Divorce calculator का उपयोग करके आपको जो भी परिणाम मिले होंगे, वह मात्र एक संकेतक है जिसके बाद आपको अपने परिणाम की पुष्टी के लिए एक ज्ञानी ज्योतिषी से जरूर मिलना चाहिए।

उपरोक्त ज्योतिषीय तलाक कैलकुलेटर/Astrology Divorce calculator का उपयोग करके आपको जो भी परिणाम मिले होंगे, वह मात्र एक संकेतक है जिसके बाद आपको अपने परिणाम की पुष्टी के लिए एक ज्ञानी ज्योतिषी से जरूर मिलना चाहिए।

जो भी परिणाम आपको मिले होंगे, यहां आपको ज्योतिष के माध्यम से तलाक की समस्या का निश्चित समाधान मिलना तय है। आइए आपको बताते हैं कि ज्योतिष में तलाक की भविष्यवाणी/divorce prediction astrology क्या है:

  • वैदिक ज्योतिष/Vedic Astrology कुंडली में तलाक की भविष्यवाणी करने में सक्षम है।
  • अगर कुंडली में तलाक का योग है तो ज्योतिष तलाक का समय बता सकते हैं।
  • व्यक्ति की कुंडली में तलाक योग होने पर ही ज्योतिष इस स्थिति में परिस्थिति आपके अनुकूल करने में सहायता कर सकते हैं या उस समय आपके लिए क्या उत्तम है इसका सुझाव दे सकते हैं।
  • ज्योतिष द्वारा तलाक की समस्या का समाधान भी आफके जीवन को सकारात्मक रूप में परिवर्तित कर सकता है। इसकी सहायता से तलाक को भी टाला जा सकता है और आपके विवाह को भी बचाया जा सकता है।

इसलिए, जिन लोगों के विवाह में कुछ समस्याएं आ रही हैं और वह अलगाव जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं या अदालती मामलों में उलझे हुए हैं, तो उन्हें ज्योतिष में तलाक के संकेत के लिए अपनी कुंडली की जांच करवानी चाहिए।

इससे उन्हें ज्योतिष द्वारा तलाक की समस्या का सही समाधान निकालने में मदद मिलेगी|

ज्योतिष के अनुसार तलाक के कारण/Reasons for divorce as per Astrology

क्या आपने विवाह करने का निर्णय अपने और अपने साथी की कुंडली के व्यापक मिलान के बाद लिया था। यदि लिया होता तो इस बात की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती कि आप इस लेख को कभी नहीं पढ़ते। यदि आप यहां आ गए हैं और आपने ज्योतिषीय तलाक कैलकुलेटर/astrology divorce calculator का प्रयोग किया है तो आपको ज्योतिष में तलाक के कारणों/ Astrological reasons for Divorce का भी पता चल गया होगा। उनमें से कुछ को नीचे दिया गया है।

ज्योतिष के अनुसार तलाक के कारण/Reasons for divorce as per Astrology

क्या आपने विवाह करने का निर्णय अपने और अपने साथी की कुंडली के व्यापक मिलान के बाद लिया था। यदि लिया होता तो इस बात की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती कि आप इस लेख को कभी नहीं पढ़ते। यदि आप यहां आ गए हैं और आपने ज्योतिषीय तलाक कैलकुलेटर/astrology divorce calculator का प्रयोग किया है तो आपको ज्योतिष में तलाक के कारणों/ Astrological reasons for Divorce का भी पता चल गया होगा। उनमें से कुछ को नीचे दिया गया है।

  • पीड़ित सप्तम भाव/ Blemished 7th house : जब सातवां भाव या उसके स्वामी/Seventh house or seventh house lord पर पीडित ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव पड़े तो सप्तम भाव दोषपूर्ण हो जाता है। यदि कोई सकारात्मक प्रभाव इस नकारात्मक प्रभाव की पुष्टि नहीं करता है, तो यह स्थायी अलगाव का कारण बन सकता है। यह ज्योतिष में तलाक के संकेतों में से एक है।
  • कलंकित चतुर्थ भाव/ Tarnished 4th house: यदि चतुर्थ भाव या उसके स्वामी पर अशुभ प्रभाव हो तो आपका  रिश्ता संकट में आ सकता है। इस कलंकित चौथे घर में किसी भी शुभ प्रभाव की कमी से स्थिति और खराब हो जाती है। इस योग को ज्योतिष में तलाक कहा जाता है।
  • अशुभ दूसरा भाव/ Malefic 2nd house: अशुभ दूसरा भाव तलाक का संकेत देता है। 
  • केपी ज्योतिष/ KP astrology के अनुसार कुंडली में तलाक योग का अध्ययन करने के लिए पहले/First house, छठे/Sixth house, दसवें/ tenth House, आठवें/eighth house और बारहवें भाव/twelfth house की जांच की जाती है।
  • दोषपूर्ण बारहवां भाव/ Blemished twelfth house: बारहवें भाव पर तब प्रभाव पड़ता है जब घर या उसके स्वामी पर पाप ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह गंभीर शारीरिक या यौन सुख की समस्या का कारण बन सकता है। यदि कोई सकारात्मक प्रभाव इस नकारात्मक प्रभाव की पुष्टि नहीं करता है, तो आपकी कुंडली में तलाक का योग/Divorce yoga बनता है।
  • शुक्र कारक की शत्रुतापूर्ण स्थिति/ Hostile placement of the Karaka Venus: शुक्र सातवें भाव का कारक या कर्ता है; यदि यह नकारात्मक रूप से सातवें, आठवें, बारहवें, दूसरे या छठे भाव में सकारात्मक प्रभाव के बिना स्थित है, तो वैवाहिक जीवन प्रभावित रहता है, जिससे अलगाव की स्थिति बन सकती है। इस संयोग को कुंडली में तलाक योग कहा जा सकता है।
  • बृहस्पति कारक की शत्रुतापूर्ण स्थिति/ Hostile placement of the Karaka Jupiter: बृहस्पति सातवें भाव का कारक या कर्ता है। एक अच्छा संयोजन विवाह की लंबी उम्र की गारंटी देता है। यदि इसे सकारात्मक प्रभाव के बिना सातवें, आठवें, बारहवें या छठे भाव में नकारात्मक रूप से हो, तो वैवाहिक जीवन प्रभावित रहता है, जिससे अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कुंडली में यह तलाक के योग को दर्शाता है।

ऊपर कुछ ज्योतिषीय संकेत दिए गए हैं जिसे आपकी कुंडली में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। लेकिन आपकी कुंडली/Birth chart कुंडली में तलाक की भविष्यवाणी के लिए व्यापक अध्ययन के लिए लग्न चार्ट के साथ नक्षत्र, डी-9 (नवांश), डी -7 (सप्तांश चार्ट)), डी -30 (त्रिमांश चार्ट) और डी -60 (शास्टंसा चार्ट) के आंकलन की आवश्यकता होती है|

तलाक के वह कारण जिन्हें कुंडली से पढ़े जा सकता है/ Reasons of Divorce that can be read from the horoscope or kundali

ज्योतिष में तलाक के कारणों/ divorce prediction astrology reasons से इस विषय में बहुत सहायता प्राप्त हो सकती है। ज्योतिष के माध्यम से तलाक के कारणों का पता कभी भी लगाया जा सकता है। विवाह से पूर्व या पश्चात कभी भी आप अपने विवाह में आने वाली समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। इसका मतलब यह है कि आप इस उपकरण का प्रयोग या तो अपने विश्वास को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं या अपने साथी के बारे में गलत धारणा से बाहर निकलने के लिए कर सकते हैं। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण कारण नीचे दिए गए हैं:

तलाक के वह कारण जिन्हें कुंडली से पढ़े जा सकता है/ Reasons of Divorce that can be read from the horoscope or kundali

ज्योतिष में तलाक के कारणों/ divorce prediction astrology reasons से इस विषय में बहुत सहायता प्राप्त हो सकती है। ज्योतिष के माध्यम से तलाक के कारणों का पता कभी भी लगाया जा सकता है। विवाह से पूर्व या पश्चात कभी भी आप अपने विवाह में आने वाली समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। इसका मतलब यह है कि आप इस उपकरण का प्रयोग या तो अपने विश्वास को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं या अपने साथी के बारे में गलत धारणा से बाहर निकलने के लिए कर सकते हैं। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण कारण नीचे दिए गए हैं:

बेवफाई/infidelity: बेवफाई अलगाव या तलाक का सबसे आम कारण है। ध्यान देने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कुंडली का मिलान करते समय बेवफाई के विषय पर अवश्य विचार किया जाना चाहिए। इसे आप जब चाहें अपनी कुंडली में देख सकते हैं। यदि आप अपने जीवनसाथी की बेवफाई के कारण रिश्ता तोड़ रहे हैं, तो आप किसी ज्ञानी ज्योतिषी से मिल कर अपने संदेह को खत्म कर हकीकत को जानें। जिन्हें ज्योतिषीय संयोजन की परवाह है; एक उग्र मंगल दोषयुक्त शुक्र व्यभिचार के लिए जिम्मेदार हो सकता है। एक दोषपूर्ण ग्यारहवां भाव भी व्यभिचारी का कारण बन सकता है।

घरेलू हिंसा या क्रूरता – घरेलू हिंसा या क्रूरता तलाक का एक और बड़ा कारण है जिसे आपकी कुंडली से देखा जा सकता है। आपकी कुंडली से देखकर इस बात का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है कि आपका होने वाला जीवन साथी आपके साथ घरेलू हिंसा या क्रूरता करेगा या नहीं। चंद्रमा को प्रभावित करने वाला एक दोषपूर्ण शनि इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। जन्म कुंडली/Natal chart में मंगल दोषयुक्त शनि के साथ क्रूरता का संकेत दे सकता है।

मानसिक प्रताड़ना : विवाह में मानसिक प्रताडना का मामले अकसर आते रहते हैं।दहेज के नाम पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करना इनमे से सबसे मुख्य कारण है और इसके चलते मानसिक स्वास्थ्य में समस्या उत्पन्न होती रहती है। इस अनूठी समस्या को जन्म कुंडली से देखा जा सकता है। आपको ग्रहों के विशिष्ट विन्यास को समझना होगा और इसके अनुसार आपको किसी उपचार की आवश्यकता है तो उसे तुरंत करना होगा।

उपरोक्त कारणों के अलावा और भी कई कारण हो सकते हैं जैसे कि पति या पत्नी द्वारा परित्याग, धर्म परिवर्तन, विकृत मन जैसे पागलपन, दीर्घकालिक मानसिक विकार (सिज़ोफ्रेनिया), विषाणुजनित रोग आदि तलाक का कारण बन सकते हैं। उपरोक्त सभी कारणों से तलाक की ज्योतिषीय भविष्यवाणी/Divorce astrology prediction की जा सकती है और तलाक की समस्या का समाधान भी मिल सकता है। ज्योतिष में एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपकरण है जो ज्योतिष में अलगाव और पुनर्मिलन का संकेत देता है। वह ज्योतिष में तलाक के समय का पता लगा सकता है। यह पढ़ना उन सभी को लाभान्वित करता है जिनके कुंडली में तलाक योग होता है|

क्या ज्योतिष से तलाक को रोका जा सकता है?/ Can Astrology stop Divorce?

यदि आप तलाक को रोकना या टालना चाहते हैं तो आप कर्म सुधारक ज्योतिषी/Karma correction astrologer के साथ विवाह के बाद परामर्श/post marriage counseling के लिए सत्र बुक करवा सकते हैं। उनके लिए तलाक के लिए जिम्मेदार ग्रहों और भावों का सह-संबंध बनाना आसान है। लेकिन सभी ज्योतिषी तलाक के बाद किसी व्यक्ति के जीवन के फायदे और नुकसान की व्याख्या नहीं कर सकते हैं। एक नौसिखिए ज्योतिषी न तो इसका अनुमान लगा सकता है और न ही आपको इस विषय में कुछ भी समझा सकता है। यदि किसी भी कारणवश आप अदालती मामलों में फंस जाए तो नौसिखिए ज्योतिषी के अधूरे ज्ञान के कारण आपके जीतने की संभावना बहुत कम हो जाएगी और सभी उपाय आपके विरुद्ध कार्य करने लगते हैं।

क्या ज्योतिष से तलाक को रोका जा सकता है?/ Can Astrology stop Divorce?

यदि आप तलाक को रोकना या टालना चाहते हैं तो आप कर्म सुधारक ज्योतिषी/Karma correction astrologer के साथ विवाह के बाद परामर्श/post marriage counseling के लिए सत्र बुक करवा सकते हैं। उनके लिए तलाक के लिए जिम्मेदार ग्रहों और भावों का सह-संबंध बनाना आसान है। लेकिन सभी ज्योतिषी तलाक के बाद किसी व्यक्ति के जीवन के फायदे और नुकसान की व्याख्या नहीं कर सकते हैं। एक नौसिखिए ज्योतिषी न तो इसका अनुमान लगा सकता है और न ही आपको इस विषय में कुछ भी समझा सकता है। यदि किसी भी कारणवश आप अदालती मामलों में फंस जाए तो नौसिखिए ज्योतिषी के अधूरे ज्ञान के कारण आपके जीतने की संभावना बहुत कम हो जाएगी और सभी उपाय आपके विरुद्ध कार्य करने लगते हैं।

आर्थिक और सामाजिक स्थिति के संदर्भ में तलाक के बाद की संभावनाएं और जीवन एक और बड़ी समस्या है जो सभी ज्योतिषी ना ही पढ़ सकते हैं और ना ही इसे सुलझा सकते हैं।

विवाह के बाद परामर्श किसी व्यक्ति के जीवन में तलाक/अलगाव से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है, जहां जोड़ों के बीच मतभेदों के बिंदुओं की पहचान की जाती है, चर्चा की जाती है और उनमें से अधिकतर को कम करने का प्रयास भी किया जाता है। यह प्रक्रिया एक व्यक्ति को अलग होने से पहले और बाद के जीवन की तुलना करने के लिए भी बनाई जाती है और व्यक्ति को एक गणनात्मक निर्णय लेने में मदद करती है। मैंने ऐसी सैकड़ों विवाह को होने से रोका है जिनका तलाक होना तय था।

अदालत में आपके मुकदमे के जीतने की संभावना/ Your Chances in Court of Law

इस बात की दो ही संभावना है कि या आपने या फिर आपके साथी ने अदालत में मुकदमा दायर किया होगा। 

दोनों ही मामलों में आपकी कुंडली आपके जीतने की संभावना को बता सकते हैं। जब अदालती मामले से संबंधित तलाक ज्योतिष भविष्यवाणी की बात आती है तो कुंडली को निम्नलिखित बातों के लिए पढ़ा जा सकता है:

  • अदालती मुकदमे का नतीजे को जाना जा सकता है।

  • बच्चों की कस्टडी किसको मिलगी, इसकी संभावना भी ज्योतिष से पता चल सकती है।

  • ज्योतिष शास्त्र में तलाक के समय की गणना की जा सकती है।

  • संभावित लाभ और हानि के बारे में बताया जा सकता है।

  • गुजारा भत्ता के संदर्भ में जीत की भविष्यवाणी की जा सकती है।

एक अनुभवी ज्योतिषी जिन्हे पति पत्नी तलाक समस्या/Husband-wife divroce problem समाधान में विशेषता हासिल है, वह उपरोक्त बिंदुओं के संबंध में आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं|

तलाक के बाद का जीवन और अगले विवाह की संभावनाएं/ Life after divorce and next marriage prospects

अब तलाक एक गंभीर समस्या बन कर उत्पन्न हो रही है। तलाक की समस्याओं के सभी समाधान आपको आपके विवाह संबंध को टूटने से नहीं बचा सकते। यह आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं यदि आप भी तलाक के बाद अपनी कुंडली ज्योतिषीय आंकलन करवा लें। यदि आप फिर से विवाह करना चाहते हैं, तो विवाह के बाद की गुणवत्ता के लिए कुंडली का आंकलन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है और यह आपके लिए बेहद लाभकारी भी साबित हो सकता है। कृपया निम्नलिखित बातों का ध्यान अवश्य रखें:

तलाक के बाद का जीवन और अगले विवाह की संभावनाएं/ Life after divorce and next marriage prospects

अब तलाक एक गंभीर समस्या बन कर उत्पन्न हो रही है। तलाक की समस्याओं के सभी समाधान आपको आपके विवाह संबंध को टूटने से नहीं बचा सकते। यह आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं यदि आप भी तलाक के बाद अपनी कुंडली ज्योतिषीय आंकलन करवा लें। यदि आप फिर से विवाह करना चाहते हैं, तो विवाह के बाद की गुणवत्ता के लिए कुंडली का आंकलन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है और यह आपके लिए बेहद लाभकारी भी साबित हो सकता है। कृपया निम्नलिखित बातों का ध्यान अवश्य रखें:

  1. आपने जिस विवाह की जो गाँठ तोड़ी थी, उसे बांधने से पहले आपने अपनी कुंडली मिलान की परवाह नहीं की थी या आप यूं कह सकते हैं विवाह के पहले आपने कुंडली मिलान को महत्व नहीं दी थी। इस बार सुनिश्चित करें कि आप इस प्रक्रिया को करवाएं। आप अपनी कुंडली का आंकलन अवश्य करवाएं क्योंकि आपकी कुंडली में जो अलगाव या तलाक का योग है वह अब सक्रिय हो गया है। यह आपको फिर से परेशान कर सकता है। ऐसा न होने दें।

  2. तलाक के मूल्यांकन के बाद जीवन की गुणवत्ता सुधर सकती है। अब आपको देखना होगा कि आप चीजों को किस प्रकार मैनेज कर सकते हैं।

  3. ऊपर मौजूद तलाक के लिए कैलकुलेटर आपके लिए एक गाइड की तरह काम करता है। यह तलाक ज्योतिष भविष्यवाणी/ divorce astrology prediction आपके लिए निःशुल्क है। इसका अधिकतम लाभ उठाएं और इसे अंतिम परिणाम ना समझें क्योंकि यह एक संकेतक है।

  4. आपको अपने भावी जीवनसाथी और कर्म सुधार/Karma correction के बारे में भी पता होना चाहिए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

यदि आपकी कुंडली में तलाक का योग है तो आपको तलाक की स्थिति को तुरंत टालना होगा क्योंकि पिछले जन्म के बुरे कर्म आपके पीछे हैं और यदि इसका समाधान नहीं किया गया तो अगले जन्म तक यह आपके साथ रहेंगे।

जीवन का आनंद लेने के लिए हर व्यक्ति विवाह करता है। दोनों जीवनसाथी की जन्म कुंडली/Birth chart में विवाह अनुकूलता कारकों की जाँच के बाद विवाह करना बेहतर होता है।

लेकिन कभी-कभी जानबूझकर या अनजाने में पति-पत्नी में से कोई भी तलाक या अलगाव के लिए अपना कदम उठाता है। अपने उपरोक्त कथन में, मैंने समझाया था कि तलाक के अधिकांश कारणों को जन्म कुंडली/Natal chart से देखा जा सकता है। विवाह के बाद अलगाव के ऐसे लक्षण विवाह के समय या उससे पहले देखे जाने पर तलाक की संभावना कम हो जाती है। लेकिन फिर भी अगर कोई विवाह के बाद अलगाव के लिए पहुंचता है, तो उसे कानून का सहारा लेना पड़ता है। वहाँ भी ज्योतिष आपको अपनी जन्म कुंडली से तलाक का मामला जीतने की संभावनाओं को तौलने में मदद कर सकता है। तलाक और ग्रहों की युति के लिए जिम्मेदार विभिन्न भावों और ग्रहों का सावधानीपूर्वक अध्ययन आपको तलाक के लिए अदालती मामलों को जीतने में मदद कर सकता है। आप सभी तलाक से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझसे परामर्श कर सकते।

आप यह भी पढ़ सकते हैं कि कैसे ज्योतिष वैवाहिक जीवन की समस्याओं में आपकी मदद कैसे करता है?

देखिए कृतिका नक्षत्र में शुक्र किस प्रकार सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

आप यह भी पढ़ सकते हैं कि ज्योतिष शास्त्र किस प्रकार कोर्ट-कचहरी के मामलों में आपकी मदद करता है और जन्म तिथि के अनुसार दूसरे विवाह में सहायक साबित हो सकता है।

'मेरी शादीशुदा ज़िंदगी कैसी होगी?' पर OUTLOOK INDIA द्वारा समर्थित मेरा नवीनतम साक्षात्कार पढ़ें। आप इसे हमारे समाचार अनुभाग में: नवीनतम ज्योतिष समाचार: डॉ विनय बजरंगी से भी पढ़ सकते हैं।

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