ज्योतिष के अनुसार जीवन की विस्तृत भविष्यवाणी

 जीवन की विस्तृत भविष्यवाणी

क्या आप अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से जीने की योजना बनाना चाहते हैं?

या

क्या आप अपनी चेतना का सामना करना चाहते हैं और उसके अनुसार अपने जीवन की योजना बनाना चाहते हैं?

या

क्या आप जानना चाहते हैं कि आपके अवचेतन मन को कौन प्रभावित करता है?

या

क्या आप इस अवचेतन स्तर का उपयोग कर्म उत्थान और मोक्ष के लिए करना चाहते हैं?

या

क्या आप पिछले जन्म से विरासत में मिली चीजों को प्राप्त करना चाहते हैं? अभी अति चेतन का विश्लेषण या अपने जीवन का विश्लेषण प्राप्त करें और हर चीज अपने अनुसार पाएं।

यदि आप वैदिक ज्योतिष/Vedic Astrology से सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तो आप एक दम सटीक स्थान पर आए हैं। यह पेज सभी ज्योतिष वेबसाइट का सबसे प्रीमियम पेज है, और यहां आपको वह सभी चीजें पढ़ने को मिलेंगी जिसके लिए प्राचीन ऋषि प्रसिद्ध थे।

आप इस लेख का सामान्य लेखों से तुलना ना करें क्योंकि इस लेख में प्राचीन ऋषियों का ज्ञान और वैदिक ज्योतिष का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मौजूद है।

इस लेख से आपको कुछ बातों का पता चल सकता है।

  1. आपके जन्म का मूल कारण,
  2. ईश्वर द्वारा आपको दिया गया कार्य जिसे आपको पूरा करना है,
  3. आपका आध्यात्मिक रूप
  4. पिछले जन्म में कर्म को लेकर कोई समस्या
  5. भौतिक गुणों को प्रभावित करने वाला अवचेतन मन
  6. जिन दुष्टात्माएँ ने आप से मित्रता की है वह आपको उद्धार के मार्ग से भटकाने का प्रयत्न भी कर रहे हैं उनका भी पता चल सकता है।
  7. सच्चे दोस्त जिन्हें आप नजरअंदाज कर रहे हैं।
  8. अति चेतन स्तर का आकलन और विश्लेषण
  9. और अति जागरूक आकलन और विश्लेषण

जन्मतिथि के आधार पर पूर्ण जीवन का विश्लेषण/Full life readings by date of birth

वैदिक ज्योतिष के निर्माता ऋषि पराशर ने कुंडली या डिविजनल चार्ट/Divisional के माध्यम से जीवन विस्तृत भविष्यवाणियों के लिए जन्मतिथि के आधार पर पूर्ण जीवन के विश्लेषण का सुझाव दिया था। उनकी शिक्षा और समझ के आधार पर, मैं आपके पूरे जीवन की भविष्यवाणी को वैदिक ज्योतिष के आधार पर पांच श्रेणियों और स्वरूपों में वर्गीकृत कर सकता हूं। आप अपनी कुंडली और प्रासंगिकता के आधार पर अपनी जन्मतिथि के अनुसार किसी भी श्रेणी को चुन सकते हैं। इन सभी प्रक्रियाओं में आपके जन्म के समय को ठीक करने का भी प्रावधान है। लेकिन आपको यह तभी चुनना चाहिए जब आपको अपनी सटीक जन्मतिथि का ना पता हो। आगे पढ कर आप इस विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आगे आप जानेंगे कि इन पांच श्रेणियों के संपूर्ण जीवन विश्लेषण/Full life analysis का क्या अर्थ है और इसमें क्या क्या शामिल है।

1. षडवर्ग आकलन / Shadvargas Reading

इस प्रक्रिया के दौरान मैं नीचे दिए गए चार्टों का आकलन करता हूं।

  • लग्न चार्ट (डी-1):- मैं डी-1 चार्ट का आकलन करता हूं, जो सभी तरह के चार्टों में उत्तम माना जाता है। आपके जीवन की हर घटना को इस चार्ट के माध्यम से पढ़ा जा सकता है और बाद में उसे उन्हीं के डिविजनल चार्ट के जरिए पुष्टि की जाती है।
  • होरा चार्ट (डी-2):- मैं इस चार्ट का आकलन आपके दूसरे घर के महत्व के संबंध में करता हूं। जिससे धन, समृद्धि, सुख, बुद्धि, भेद करने की शक्ति, परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संबंध के बारे में पता चल सकता हैI व्यक्ति के भौतिक गुणों का पता लगाने के लिए चेतना के पहले स्तर में यह एक महत्वपूर्ण विश्लेषण साबित हो सकता है।
  • डिकैन्टर चार्ट (डी-3):- तीसरा भाव/Third House उपचया भाव या विकास का भाव माना जाता है। तृप्ति के इस घर को डेक्कनटर या द्रेक्काना या द्रेशकाण के माध्यम से सूक्ष्मता से पढ़ा जाता है। आपकी दीक्षा, उद्यम शक्ति, भाई-बहनों के साथ संबंध, साहस, संचार और छोटी यात्रा को इस चार्ट के माध्यम से पढ़ा और ठीक किया जाता है।
  • नवमांश चार्ट (डी-9):- आपका भाग्य किस कारक पर निर्भर है और इसे संशोधित करने के लिए किन प्रयासों की आवश्यकता है, इस चार्ट के माध्यम से उन सभी बातों को देखा और सुधारा जा सकता है। इस चार्ट के गहन अध्ययन से आपके चरित्र और आध्यात्मिक शक्ति का पता चलता है।
  • द्वादसंसा चार्ट (डी-12):- द्वादशांश या सूर्यमशा शारीरिक जागरूकता का पहले चक्र का आखरी भाग है। आपके पूर्ववर्तियों, उनकी लंबी उम्र, आराम, आपको उनसे मिलने वाले सुख और आपकी कर्म सिद्धि में उनकी भूमिका इस चार्ट के माध्यम से देखी जा सकती है। इस आकलन का आवश्यक रूप से किया जाना चाहिए।
  • त्रिशमसा चार्ट (डी-30):- त्रिशम्सा एक चिन्ह के तीस भागों का एक अनिवार्य आकलन है। सभी रोगों और बुराइयों, आंतरिक रोगों, भाधकों (बाधाओं) को समझने के लिए इस चार्ट को पढ़ना बेहद महत्वपूर्ण होता है, पिछले कर्मों के कारण होने वाली कमजोरी भी यहां से पता चल सकता है। यह चार्ट तीसरे चक्र का छठा चार्ट है, जिसे अवचेतन तल के चक्र के रूप में भी जाना जाता है। यदि आप शादबाला का पाठ करते हैं, तो आपको इन छह महत्वपूर्ण चार्टों में ग्रहों की ताकत या बल (शक्ति) का पता चलता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि षडवर्ग/ SHADVARGAS का आकलन करते समय जन्म काल का संशोधन हो जाता है।

यदि आप इस प्रक्रिया का चुनाव करते हैं तो आपको मेरे साथ कम से कम डेढे घंटे का सत्र लेना होगा।

2. सप्तवर्ग विश्लेषण / Saptvarga Reading:

यदि आप षडवर्ग (ऊपर दिया है), तो आपको ऊपर दी गई सेवाओं के बाद सप्तमशा चार्ट का भी विश्लेषण मिल जाएगा।

सप्तमशा चार्ट (डी-7): यह सातवें भाव का भाग है जिसका पांचवे भाव की क्रिया पर ध्यान केंद्रित रहता है जो संतान है। इस आकलन से हर व्यक्ति के जीवन भविष्य के बारे में पता चल सकता है। आपको इस बात की सलाह दी जाती है कि आप इस चार्ट का आकलन अवश्य करवाएं।

यदि आप इस सेवा का चुनाव करते हैं तो आपको इस सत्र के लिए मेरे साथ परामर्श के लिए दो घंटे का समय लाना होगा।

3. दशवर्ग विश्लेषण / Dasavarga Reading

इस आकलन में वर्तमान, भूत और भविष्य के दस चार्ट के समूह को पढ़ा जाता है। ऊपर वर्णित अनुसार सप्तवर्ग पाठों में जो चार्ट जोड़े गए हैं उनके बारे में नीचे दिया गया है:

  • दसमसा चार्ट (डी -10) – इस चार्ट के जरिए जातक के पेशेवर जीवन के बारे में पता चल सकता है। इसके जरिए जातक के पेशेवर जीवन के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकती है – जैसे सेवाएं, बिजनेस, राजनीतिक, सामाजिक कार्य, या नया उभरता हुआ पेशा। यह चार्ट समाज में प्रतिष्ठा, शक्ति और महत्व का भी मूल्यांकन करता है। इस आकलन के माध्यम से, मैं किसी के पेशे या गतिविधि के क्षेत्र के लिए झुकाव या योग्यता का निष्पक्ष रूप से न्याय कर सकता हूं जो जातक की किस्मत बदल सकता है।
  • षोडसंशा चार्ट (डी-16) - यह चौथे घर का दूसरा हार्मोनिक्स है जो मन के माध्यम से हर्ष की तरफ ध्यान केंद्रित करता है। यह धन को संचय या इकट्ठा करने के बजाय संचित धन के आनंद पर जोर देता है। मानसिक धीरज को षोडशांश या कलमशा या निरुपमांशा के माध्यम से देखा जा सकता है।
  • षष्टियंसा चार्ट/ Shashtiamsha chart (डी-60) – षष्टियंसा चार्ट/ Shashtiamsha chart का आकलन एक बहुत ही महत्वपूर्ण आकलन साबित हो सकता है क्योंकि यह जातक के जीवन के संचित अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर सामान्य रूप से जातक के सुख और दुख का मूल्यांकन करता है।

यदि आप इस प्रक्रिया के जरिए जीवन का विश्लेषण करवाना चाहते हैं तो आपके मेरे साथ 3 घंटे का सत्र लेना होगा।

4. षोडशवर्ग का आकलन/ Shodasavarga Reading

इस प्रक्रिया के दौरान आपको सोलह चार्ट का आकलन करता हूं, जिनमें से ऊपर दस दिए गए हैं। इसका साथ साथ छः चार्ट और हैं जिनके बारे में नीचे बताया गया है। 

  • चतुर्थामसा चार्ट (डी-4):- चतुर्तमशा चार्ट या तुर्यंशा या पदमशा चार्ट। इस चार्ट के माध्यम से भाग्य और देनदारियों/कर्ज का आकलन किया जाता है। इस चार्ट के माध्यम से पारिवारिक सुख, बचपन और संतोष का भी आकलन संभव है।
  • विसंशा चार्ट (डी-20) – यह चार्ट चेतन मानसिक विमान से निपटने वाले वर्गास के दूसरे चक्र में आता है। यहाँ मैं आपके अस्तित्व को आपके भौतिक शरीर से अलग देखकर पढ़ूंगा। यह चार्ट आपके पिछले जन्म में आपके द्वारा प्राप्त आध्यात्मिक खोज का एक स्पष्ट विचार देता है और यह भी बता सकता है कि क्या आप इस जन्म में उसे आगे बढ़ाएंगे कि नहीं।
  • चतुर्विंसंशा चार्ट (डी-24): मैं इस चार्ट का आकलन आपके अपने बड़ों से मिलने वाले ज्ञान की प्रक्रिया को समझने के लिए करता हूं। यह आठ सिद्धियों, अनिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्रप्त, प्राकम्य, इशिता और वाक्विता का मूल्यांकन करने के लिए सिद्धम चार्ट भी है।
  • भांशा चार्ट (डी -27):- विभिन्न प्रकार के तनावों से निपटने की क्षमता का मूल्यांकन सप्तविशांश द्वारा किया जाता है। आप शारीरिक, भावनात्मक या मानसिक आघातों को झेलने में कितने सक्षम हैं, यह इस चार्ट को पढ़ने के बाद पता चल सकता है।
  • खवेदांशा चार्ट (डी-40):- मैं इस प्रक्रिया से आपके घर और कार्यस्थल के बीच सामंजस्य का अध्ययन करता हूं। यह अति चेतन मन का चार्ट है जिसके माध्यम आपके पसंद या नापसंद का पता चल सकता है। पिछले जन्मों की सभी खराब ग्रह गोचर जिन्होंने आपको एक विशिष्ट प्रकृति प्रदान की है, उसे इस चार्ट के माध्यम से पढ़ा जा सकता है।
  • अक्षवेदांश चार्ट (डी-45):- इस चार्ट के माध्यम से आपका आंतरिक चरित्र और पिछले जन्मों के संचित कर्म को पढ़ा जाता है। उन सभी कर्मों में पैतृक वंश के लाभ शामिल हैं।

यदि आप इसका आकलन करते हैं, तो आपको मेरे साथ कम से कम साढ़े चार घंटे का सत्र करना होगा।

5. षडविमशतिहि वर्ग आकलन/ Shadvimshatihi Varga Reading

शाद्विमशस्ति चार्ट विश्लेषण में षोडसवर्ग का पठन और दस अन्य चार्ट शामिल हैं जैसे नीचे वर्णित किया गया है -

  • पंचमांश चार्ट/ Panchamsa chart (D-5):- इस भाव से आपके अधिकार का मूल्यांकन किया जाता है। मैं इस डिवीजनल चार्ट को देख कर मैं आपके विकास और प्रगति के पैटर्न को समझ सकता हूं।
  • शास्तामशा चार्ट (डी-6):- इस चार्ट के माध्यम से मैं आपके स्वास्थ्य का मूल रूप से आकलन करूंगा। मैं आपको किसी भी बीमारी से बचाने का प्रयास करूंगा। खास तौर पर मैं उन रोगों को ठीक करने का प्रयास करूंगा जिसने पिछले जन्म में आपके जीवन अवधि को कम कर दिया था।
  • अष्टांश चार्ट (डी-8):- आपके पिछले जन्म में मृत्यु का समय, परिस्थितियाँ, स्थान और कारण जो इस जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, उन्हें इस चार्ट के माध्यम से देखा जा सकता है। अचानक और गुप्त धन प्राप्त करने के लिए इस चार्ट का आकलन किया जा सकता है।
  • एकादशांश चार्ट (डी-11):- धन, योग्य या अयोग्य, आपके एकदशांश चार्ट के माध्यम से देखा जाता है। आपके इस चार्ट के माध्यम से काला धन, जुआ और सट्टा की संभावने का बारे में पता चल सकता है।
  • आस्था नवमांश चार्ट (डी-72):- यदि मैं आपके आठवें भाव/Eight House का सूक्ष्म विश्लेषण करूँ तो मुझे आपका आस्था नवमांश चार्ट का आकलन करना पड़ेगा। ज्यादातर यह भविष्य के जन्मों की भविष्यवाणियों और उन घटनाओं के लिए देखा जाता है जो इसे जन्म के अंत तक ले जा सकता है।
  • नव- नवमांश (डी - 81):- यह चार्ट विवाह के लिए महत्वपूर्ण होता है। जो चीजें आपको जन्म से सता रही हैं, उन्हें इस चार्ट से देखा और सुधारा जाता है।
  • नव-द्वादशांश चार्ट (डी - 108):- इसका उपयोग कुंडली के लिंग की जांच करने और यह देखने के लिए किया जाता है कि आप समलैंगिकता में फंसेंगे या नहीं। जन्म के समय को माइक्रो-सेकंड में सही करने के लिए यह चार्ट एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
  • द्वादशांश-द्वादशांश चार्ट (डी-144):- यह आपके पूर्वजों की कुंडली है। इसके माध्यम से, आप अगले जन्म और उनके द्वारा सह रहे कष्टों का मूल्यांकन कर सकते हैं। इस चार्ट को पढ़ने से उनका जीवन स्तर ऊपर उठ सकता है।
  • नाडी अम्शा चार्ट/ Nadi Amsha chart (डी-150):- नाडी अम्शा को चंद्र कला अम्शा/ Chandrakala Amsha के नाम से भी जाना जाता है। यह आपके भाग्य का बीज है। प्रत्येक राशि को 150 भागों में विभाजित किया गया है, और एक देवी प्रत्येक विभाजन का प्रतिनिधित्व करती है। इस चार्ट के माध्यम से हर ग्रह के बीज की गुणवत्ता देखी जाती है, और जरूरत पड़ने पर उचित उपचारात्मक उपायों का प्रचार भी किया जा सकता है।
  • अर्ध नाडी अमशा चार्ट (डी-300):- अर्ध नाड़ी अंश के माध्यम से ग्रह की गुणवत्ता की जांच की जाती है जिसमें प्रत्येक राशि के 300 भागों में विभाजित होता है। इस आकलन के माध्यम से रहस्योद्घाटन आपके अंदर के मूल व्यक्ति को बदल देता है।

यदि आप इस प्रक्रिया से गुजरना चाहते हैं तो आपको मेरे साथ आठ घंटे के लिए परामर्श सत्र में मौजूद रहना पड़ेगा। इस पूरे सत्र को चार चार घंटे के अंतराल में बदला जा सकता है लेकिन यह दोनों सत्र दो दिन के भीतर होंगे।

मैं आपको एक और बात बताना चाहता हूं –  किसी व्यक्ति की सभी भौतिक विशेषताओं को लग्न चार्ट के माध्यम से पढ़ा जा सकता है, लेकिन अधिक सटीक और बेहतर भविष्यवाणियों के लिए, डिवीजन चार्ट का मूल्यांकन करना हमेशा आवश्यक होता है। डिवीजनल चार्ट का अनिवार्य रूप से नीचे दिए कारणों की वजह से अध्ययन किया जाता है:

  1. किसी विशेष भाव के परिणामों की पुष्टि करने के लिए।
  2. किसी विशेष भाव के परिणामों को बदलने के लिए।
  3. किसी विशेष भाव के परिणामों का विस्तार करने के लिए।
  4. समय के सुधार के लिए
  5. पिछले जन्म को समझने और उन कर्मों को वर्तमान जीवन ठीक करने के लिए।
  6. लंबित कर्म को समझें और कर्म सुधार लागू करने के लिए।
  7. सचेत स्तर पढ़ें।
  8. अवचेतन स्तर को पढ़ें
  9. अति चेतन स्तर को पढ़ें
  10. अचेतन स्तर को पढ़ें।

अब आपके ऊपर है कि आप क्या चुनना चाहते हैं।