काल सर्प दोष / KAAL SARP DOSHA

काल सर्प दोष/Kaal Sarp dosha (जैसा कि नाम से भी स्पष्ट है) का अर्थ है- मृत्यु (काल) और सर्प (सर्प)। यह एक ऐसा दोष है जो किसी के भी जीवन में बार बार आते रहता है इसलिए यह एक गलत धारणा है कि कोई भी उपाय एक बार करने पर, काल सर्प दोष को दूर किया जा सकता है। लेकिन संतुष्टि की बात यह है की कालसर्प दोष का उपाय इतना सरल है कि किसी के भी द्वारा उसे स्वयं किया जा सकता है। हमारे द्वारा नीचे दिए गए विवरण में कालसर्प दोष के विभिन्न पहलुओं को समझाने की कोशिश की गई है। 

काल सर्प दोष क्या है? / What is kaal sarp dosh?

जिस प्रकार सर्प अपने शिकार के चारों ओर कुंडली मारकर उसका गला घोंटता है, उसी प्रकार अजगर के सिर के समान राहु‌ और अजगर की पूंछ के समान केतु  कुंडली में काल सर्प दोष बनाते हैं। राहु और केतु के बीच, सातों ग्रहों के आ जाने पर कुंडली में कालसर्प दोष बनता है। 

यह दोष अपने शक्तिशाली प्रभावों द्वारा बीच में आने वाले सभी अच्छे या बुरे ग्रहों का गला घोंटकर, उनके  भावों तथा प्राकृतिक महत्वों को निष्प्रभावी कर देता है। 

मुख्य रूप से, कालसर्प दोष सर्पों से संबंधित होने के कारण होता है। कुंडली/Kundli में स्थित कालसर्प दोष एक ऐसा दोष (दोष) है जो बार-बार होने के साथ ही, कुंडली में स्थित अन्य सभी सकारात्मकताओं के अच्छे परिणामों को प्रभावित कर सकता है। जन्मकुंडली में राहु और केतु की स्थिति और स्थान के आधार पर, कालसर्प दोष बारह प्रकार के हो सकते हैं।


कालसर्प दोष के लक्षण/प्रभाव / Symptoms/effects of Kaal Sarp Dosha


 जीवन में निम्न लक्षणों का सामना होने पर, कालसर्प दोष/Kaal Sarp dosha के प्रभावों को महसूस किया जा सकता है : 

• किए गए प्रयासों के अनुसार परिणाम प्राप्त नहीं होते हैं।

• हर समय तनाव और अत्यधिक थकान महसूस होती है।

• किसी विशेष कार्य में बार-बार असफलता प्राप्त होती  है।

•ध्यान केंद्रित करने और निर्णय लेने में कठिनाई होती है। 

•पारिवारिक जीवन में हमेशा अशांति का सामना करना पड़ता है।

• गुप्त शत्रुओं से हमेशा हानि होती है।

उपरोक्त में से किसी भी लक्षण का सामना करने पर, कृपया हमारे निःशुल्क कालसर्प दोष कैलकुलेटर का उपयोग करके यह निर्धारित किया जा सकता है कि आपको कालसर्प दोष है या नहीं। और, यदि है तो यह दोष किस प्रकार का और कितना प्रभावशाली है।
कुंडली में, इस दोष का प्रकार या शक्ति जो भी हो, यह जीवन में दुर्भाग्य और दु:ख लाता है और उपरोक्त लक्षण भी किसी न किसी रूप में होते हैं। यह बच्चों के  स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन, करियर में रुकावटें पैदा कर सकता है और महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दोष के कारण आने वाली विपत्तियां बार-बार आती हैं।

कालसर्प दोष के सटीक प्रभावों को समझने के लिए, कुंडली में छाया ग्रहों- केतु और राहु की एकदम सही स्थिति के आंकलन करने की आवश्यकता होती है। इसे और अच्छी तरह समझाने के लिए, प्रथम भाव/first house में राहु और सप्तम भाव/Seventh house में केतु की उपस्थिति से स्वयं धन संचय में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। यदि यह संयोजन दूसरे भाव/second house में होती है, तो पारिवारिक संबंधों और जीवन के अन्य पहलुओं में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी प्रकार, इस मेल को सभी बारह भावों/twelve houses में देखने की आवश्यकता होती है।

कालसर्प दोष के उपाय / Remedies for Kaal Sarp Dosh

यह समझना आवश्यक है कि कालसर्प दोष की शक्ति और प्रकार जो भी हो लेकिन इस दोष का मुख्य कारण सर्प होते हैं। सर्वविदित है कि भगवान शिव को नाग अत्यधिक प्रिय हैं। अतः, कालसर्प दोष को शांत करने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए तथा प्रत्येक वर्ष नाग पंचमी और महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर, दूध और शहद के साथ नाग-नागिन (नर और मादा सर्प) का जोड़ा अर्पित करना चाहिए। जैसा कि समझाया गया है कि इस दोष में "पुनरावृत्ति" की विशेषताएं होती हैं; इसलिए कृपया इसे जीवनपर्यंत प्रत्येक वर्ष करते रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त, किसी पंडित या किसी अन्य औपचारिकता की आवश्यकता नहीं होने के कारण, कालसर्प दोष के लिए यह सरल उपाय बहुत आसानी से किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, आप विभिन्न प्रकार के कुंडली दोषों की अधिक जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं और कालसर्प दोष की कैलकुलेटर द्वारा जांच करके, जन्मकुंडली में कालसर्प दोष होने या न होने का पता सरलता से लगाया जा सकता है।