जन्म कुंडली में विदेशी में बसाव

हर व्यक्ति का कभी ना कभी सपना होता है कि वह अपने बेहतर भविष्य के लिए विदेश में जा कर रहे। यदि आपके भी मन में विदेश जाने का सपना है, तो आपको क्या लगता है कि यह संभव हो पाएगा या नहीं? क्या आप अपनी किस्मत को पढ़ सकते हैं? बिल्कुल नहीं! लेकिन ज्योतिष की सहायता से विदेश में भ्रमण के बारे में संकेत मिल सकते हैं। आज के समय में विदेश भ्रमण और विदेश में बसने के लिए योग को अच्छे भविष्य के लिए जाना जाता है। आपकी कुंडली/ Kundali में नौवें भाव/ Ninth House या भाग्य स्थान विदेश भ्रमण और विदेश में बसने का संकेत देता है।

विदेश भ्रमण तीन भागों में बंटा हुआ है, लेकिन यह समय के अनुसार बंटा हुआ है

 कभी कभी विदेश भ्रमण

बार-बार विदेश यात्रा

लंबे समय के लिए विदेश भ्रमण और विदेश में रहना

आपकी जन्म तिथि के अनुसार क्या आप विदेश जाएंगे?/ Will you go abroad according to your date of birth?

ज्योतिष में जन्म तिथि बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपकी जन्म तिथि से विदेशी दौरे के बारे में पता लगाया जा सकता है। आपकी जन्म कुंडली/Natal Chart के आकलन से बाहर जाने की संभावना के बारे में पता चल सकता है। विदेश जाने के कारण पर भी विदेशी सरजमीं पर जाने का योग भी निर्भर करती है। पुराने समय में लोग विदेश तभी जाते थे जब उनके साथ कोई अनहोनी होती थी, जैसे उन्हें देश से निकाला जाए या फिर वह देश से भागना चाहते हो। जिसके परिणाम स्वरूप ऐसे विदेशी यात्रा को जन्म कुंडली में बारहवें भाव/Twelfth House से देखा जाता है। द्वादश भाव ज्यादातर शैतान से संबंध रखता है और ऐसे विदेश यात्रा जीवन में नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

आपकी जन्म तिथि के अनुसार क्या आप विदेश जाएंगे?/ Will you go abroad according to your date of birth?

ज्योतिष में जन्म तिथि बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपकी जन्म तिथि से विदेशी दौरे के बारे में पता लगाया जा सकता है। आपकी जन्म कुंडली/Natal Chart के आकलन से बाहर जाने की संभावना के बारे में पता चल सकता है। विदेश जाने के कारण पर भी विदेशी सरजमीं पर जाने का योग भी निर्भर करती है। पुराने समय में लोग विदेश तभी जाते थे जब उनके साथ कोई अनहोनी होती थी, जैसे उन्हें देश से निकाला जाए या फिर वह देश से भागना चाहते हो। जिसके परिणाम स्वरूप ऐसे विदेशी यात्रा को जन्म कुंडली में बारहवें भाव/Twelfth House से देखा जाता है। द्वादश भाव ज्यादातर शैतान से संबंध रखता है और ऐसे विदेश यात्रा जीवन में नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

एक तरफ, ऐसे बहुत सारे मामले देखे गए हैं जब लोगों के विदेश जाने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन उनकी कुंडली/Birth Chart में शुभ योग के कारण वह विदेश चले जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ देखा गया है कि जो लोग पढ़ने के लिए विदेश जाते हैं वह कभी भी वापस आ सकते हैं क्योंकि उनकी कुंडली में इसके योग नहीं होता। जिसके कारण, उन्हें वापस आना पड़ता है और वह इसके चलते बहुत चिडचिडे भी हो सकते हैं। इस स्थिति में विदेश जाने की भविष्यवाणी उन नौजवान लोगों की सहायता कर सकते हैं। एक ज्ञानी ज्योतिष/Astrologer आपकी कुंडली के आकलन से ही विदेश जाने के सभी योग का आसानी से पता लगा सकते हैं।

आप विदेश जाने के योग के लिए ज्योतिष की सहायता पर मेरा नवीनतम साक्षात्कार हमारे समाचार विभाग से पढ़ सकते हैं। वह साक्षात्कार आउटलुक इंडिया/दी वीक्स/हिंदुस्तान टाइम्स से प्रकाशित हुआ है।

विदेश यात्रा के लिए कैलकुलेटर/ Abroad Travel Yoga Calculator

आपकी सुविधा और लाभ के लिए, मैंने विदेश जाने के लिए एक कैलकुलेटर बनाया है जो आपकी कुंडली में विदेश जाने के योग का संकेत दे सकता है।

विदेश यात्रा के लिए कैलकुलेटर/ Abroad Travel Yoga Calculator

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अपनी जन्म की जानकारी डालें

निचे दिए गए प्रश्नों को अपने पूर्ण जानकारी से उत्तर दें –

पहला प्रश्न – आप विदेश क्यों जाना चाहते हैं? आपके विदेश यात्रा के लिए क्या कारण हैं?

पढ़ाई

नौकरी

विदेश भ्रमण

धार्मिक कारण

यहां क्लिक करके परिणाम जानें

नोट – यह फीचर जल्द ही आपके लिए यह कैलकुलेटर लेकर आने वाला हूं।

परिणाम संकेतक

यदि स्कोर 0 से 25% तक हो

आपके विदेश जाने का योग नहीं है। आप किसी और चीज में अपना हाथ आजमा सकते हैं।

यदि स्कोर 25% से 50% तक हो

आपके विदेश जाने के योग औसत है। कुछ सरल उपाय की सहायता से इसे सुधारा जा सकता है।

यदि स्कोर 50 से 75% तक हो

आपके विदेश भ्रमण योग अच्छे हैं। यदि आप कुछ उपाय करते हैं, तो यह आपकी संभावनाओं को बढ़ाता है।

यदि स्कोर 75 से 100% तक हो –

आपके विदेश जाने की यात्रा बहुत अच्छे हैं। अपना सामान बांध लें और विदेश जाने के लिए तैयार हो जाए।

जन्म कुंडली में विदेश जाने के फायदे/ Benefits of going Abroad as per the Birth Chart

जब भी कोई व्यक्ति किसी भी उद्देश्य के लिए विदेश जाना चाहता है, उसके मन में बहुत सारे प्रश्न उठ सकते हैं। किसी भी व्यक्ति के विदेश जाने के बहुत कारण हो सकते हैं जैसे – पढ़ाई, नौकरी या हमेशा के लिए वहां रहने के लिए। जो प्रश्न ज्यादातर लोगों को परेशान करता है, वह है – क्या मेरी कुंडली में विदेश यात्रा का योग है?/ Does my birth chart indicate foreign travel? ज्योतिष के अनुसार विदेश जाने के क्या फायदे हैं?/ What are the benefits of going abroad as per foreign astrology? जन्मतिथि के अनुसार अच्छे योग पर विदेश जाने पर कोई फायदा होगा कि नहीं?/ Will going foreign by the date of birth really benefit me? इन प्रश्नों का उत्पन्न होना बहुत ही आम बात है, लेकिन हर व्यक्ति को विदेश जाने के अंतिम निर्णय लेने से पहले उसके नफा और नुकसान का आकलन करवा लेना चाहिए। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि विदेश में जाना हर व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय होता है और यदि आप हमेशा के लिए जा रहे हैं तो यह आपके जीवन को बदल सकता है। यदि ऊपर दिए गए प्रश्नों के उत्तर आपके पक्ष में हो तो आपको विदेश जाने में बहुत सहायता मिल सकती है। इस लेख के जरिए मैं आपको समझाना चाहुंगा कि आम जनता के नजरिए से विदेश जाने के क्या फायदे होते हैं। उसके बाद इस विषय के ज्योतिषीय पहलू को बताएंगे। लेकिन कोई भी निर्णय लेने से पहले आपको अपने वित्तीय स्थिति का भी आकलन करवा लेना चाहिए।

जन्म कुंडली में विदेश जाने के फायदे/ Benefits of going Abroad as per the Birth Chart

जब भी कोई व्यक्ति किसी भी उद्देश्य के लिए विदेश जाना चाहता है, उसके मन में बहुत सारे प्रश्न उठ सकते हैं। किसी भी व्यक्ति के विदेश जाने के बहुत कारण हो सकते हैं जैसे – पढ़ाई, नौकरी या हमेशा के लिए वहां रहने के लिए। जो प्रश्न ज्यादातर लोगों को परेशान करता है, वह है – क्या मेरी कुंडली में विदेश यात्रा का योग है?/ Does my birth chart indicate foreign travel? ज्योतिष के अनुसार विदेश जाने के क्या फायदे हैं?/ What are the benefits of going abroad as per foreign astrology? जन्मतिथि के अनुसार अच्छे योग पर विदेश जाने पर कोई फायदा होगा कि नहीं?/ Will going foreign by the date of birth really benefit me? इन प्रश्नों का उत्पन्न होना बहुत ही आम बात है, लेकिन हर व्यक्ति को विदेश जाने के अंतिम निर्णय लेने से पहले उसके नफा और नुकसान का आकलन करवा लेना चाहिए। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि विदेश में जाना हर व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय होता है और यदि आप हमेशा के लिए जा रहे हैं तो यह आपके जीवन को बदल सकता है। यदि ऊपर दिए गए प्रश्नों के उत्तर आपके पक्ष में हो तो आपको विदेश जाने में बहुत सहायता मिल सकती है। इस लेख के जरिए मैं आपको समझाना चाहुंगा कि आम जनता के नजरिए से विदेश जाने के क्या फायदे होते हैं। उसके बाद इस विषय के ज्योतिषीय पहलू को बताएंगे। लेकिन कोई भी निर्णय लेने से पहले आपको अपने वित्तीय स्थिति का भी आकलन करवा लेना चाहिए।

विदेश भ्रमण के कुछ ज्योतिषीय लाभ होते हैं जिसे ज्यादातर लोग अनजान होते हैं। चलिए इन्हें समझने का प्रयास करते हैं।

जिज्ञासा – विदेश भ्रमण आपके पहले भाव को मजबूत करता है और जातक के जीवन में जिज्ञासा को भी बढ़ाता है। छुट्टियां आपको अपनी सारी समस्याओं को पीछे छोड़ कर उस पल का आनंद देता है। आप अपने अंदर अन्वेषण की लौ को पुनः प्राप्त कर पाएंगे, जो आपको नए मौकों को तलाशने में सहायता कर सकते हैं।

विश्वास – विदेश भ्रमण आपके स्वयं के भाव को मजबूत करता है, जिससे आपका विश्वास बढ़ सकता है। कहीं भी यात्रा करना कोई आसान कार्य नहीं होते। इस कार्य में जातक को स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से शामिल करता है। जैसे जैसे आप इस समस्या का डट कर सामना करते हैं, वैसे वैसे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता जाता है।

कहानी – आपकी यात्रा के दौरान होने वाली मूर्खतापूर्ण घटनाएं, डरावनी या मजेदार घटनाएं और मनमुटाव वाली घटनाएं, सबसे रोमांचक कहानियां आप दूसरों को बता सकते हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां जा रहे हैं, आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ अपना अनुभव साझा कर सकते हैं, जिससे आपका या आपके परिवार में से किसी का तनाव कम हो सकता है। अगली बार जब आप बातचीत का हिस्सा होंगे, तो आप खुद को उस बातचीत से अलग न करें। यह जन्म कुंडली में पांचवें भाव/Fifth House को भी मजबूत कर सकता है।

प्रशंसा – आपकी कुंडली में ग्यारहवां भाव/Eleventh House विदेश भ्रमण के कारण मजबूत होता है। हम अक्सर अपने घर और उससे जुड़ी हर चीज को नजरअंदाज कर देते हैं या फिर उसे हल्के में समझने लग जाते हैं जो अक्सर किसी भी व्यक्ति के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। यहां आपके वर्तमान रहने के स्थान के साथ उसके शहर, राज्य और देश का भी अर्थ है। हो सकता है कि विदेश में जहां आप रह रहे हैं, वह आपके वर्तमान में रह रहे स्थान से अच्छा हो, लेकिन आपका अपना देश बाकी चीजों में विदेश से बेहतर होगा। कुल मिलाकर, आपको कुछ समय में समझ आ जाएगा कि कुछ महत्वपूर्ण तत्व आपके विदेश के निवास में नहीं है जो आपको अपने देश में मिल जाता था। जैसे ही आपको यह सब समझ आ जाएगा, वैसे ही आप उसका मूल समझने लग जाएंगे।

संचार – विदेश में भ्रमण आपके दूसरे भाव/Second House को मजबूत बनाता है। एक नए देश में जाना आपके लिए कुछ परेशानी खड़ा कर सकता है क्योंकि आपको वहां नए भाषा में बात करना पड़ सकता है जिसका आपने अपने देश में बहुत कम प्रयोग किया होगा। ऐसा हो सकता है कि जहां आप जा रहे हो आपको वहां की भाषा ना पता हो, लेकिन एक बात पूरी तरह से सच है कि आपको अपनी मातृभाषा से अलग भाषा का प्रयोग करना पडेगा। यदि आप दूसरी भाषा को सफल तरह से समझ कर प्रयोग कर लेते हैं तो यह आपकी भाषा कौशल को सुधारने के साथ साथ आपके अंदर विश्वास को बढ़ाता है।

मित्र – यदि आपके विदेश जाने के योग बनते हैं तो आप अकेले भी जा सकते हैं या फिर अपने परिवार, मित्र और किसी जानने वाले के साथ भी जा सकते हैं। ऐसा भी हा सकता है कि आपके साथ वहां से कोई मित्र भी आ सकता है। हो सकता है कि जो लोग आपके साथ गए हो या फिर वहां से कोई मित्र आपके साथ जुड़ा हो, उसने आपकी यात्रा को यादगार बना दिया हो। विदेश की यात्रा में ऐसी मित्रता आपकी कुंडली/Kundali में राहु को मजबूत करता है।

अपने अंतर्मन पर भरोसे रखें – विदेश भ्रमण साहस के तीसरे भाव/Third House को मजबूत करता है। आपके अंतर्मन या आपकी हिम्मत आपको बेहतर निर्णय लेने में सहायता कर सकता है, खासकर तब जब आप किसी अनजान जगह पर जाएं, जिसके बारे में आपको कोई अंदाजा नहीं है। जब आप किसी अनजान जगह पर पहली बार जाते हैं तो आपको ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है क्योंकि कुछ ठग और चोर ऐसे लोगों को ठगने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। जब आप इस स्थिति में अपने अंतर्मन की सुनते हैं तो आपको कोई नहीं रोक सकता और यह आपको इस स्थिति से बाहर निकालने में सहायता भी कर सकता है।

बेहतर रोजगार के अवसर – यदि आप अपनी जन्मतिथि के आधार पर विदेश/Foreign Travel as per birth date जाते हैं तो आप इस यात्रा से बहुत सारे कौशल सीख सकते हैं। यह आपके व्यक्तित्व को बढ़ाने में सहायता कर सकता है और इसकी सहायता से आप अपने कार्य को सही ढंग से पूर्ण भी कर सकते हैं। आप कुछ नए कौशल सीख सकते हैं जैसे –

  1. लचीलापन – जब आप विदेश जाते हैं तो आपको उस देश के रीति रिवाज और वहां के वातावरण के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा। उस स्थिति में आपको खुद को उस देश के अनुसार ढालना होगा अन्यथा आप किसी परेशानी में भी आ सकते हैं। यह कौशल आपके उज्जवल भविष्य को दर्शाता है।

  2.  रचनात्मकता – नई जगह पर रहना और वहां नए हालातों से लड़ना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नए परिस्थिति आपको पुराने समस्या के नए समाधान खोजने में सहायता कर सकते हैं। यदि आपके पास ऐसा कोई अनुभव है तो आप किसी भी नौकरी में सफल हो सकते हैं।

  3. धैर्य – आपको समझना होगा कि दुनिया आपके अनुसार कार्य नहीं करती। इसके लिए आपको खुद को इस दुनिया के अनुसार ढालना होगा। हो सकता है कि आपको बहुत सारी चीजों से निपटना पड़े जैसे – उड़ान में देरी, रास्ते में रुकावट, किसी विशिष्ट जगह पर किसी कार्य का धीरे चलना और भी बहुत कारण हो सकते हैं। इस स्थिति में सिर्फ आपका धैर्य ही आपको इस समस्या से बाहर निकालने में सक्षम होता है।

  4. जिज्ञासा – जब आप नए चीजों से घिरे रहते हैं और नई चीजें सीखने का प्रयास करते हैं, तो इस स्थिति में आपके अंदर जिज्ञाया भी बढ़ सकती है। जब आपको कोई नई चीज देखने को मिले उस स्थिति में आपको कुछ नया सीखने को भी मिल सकता है। जब आप इसी जिज्ञासा और नए कौशल के साथ अपने कार्यस्थल में कार्य करते हैं तो आप अपने नियोक्ताओं को भी प्रभावित करते हैं।

  5. संचार कौशल – इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका संचार कौशल पहले कैसा था। लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जब आप बाहर किसी और देश से घूम कर आते हैं तो आपके संचार कौशल में भी वृद्धि होती है। आप खुद में एक अनोखी भावना को उत्पन्न होते हुए महसूस करेंगे और साथ में अपने मन की बात को बेहतर तरीके से व्यक्त कर पाएंगे। यह सब बातें आपके अंदर विश्वास को भी बढ़ा जाता है।

  6. समय प्रबंधन – जब भी हम विदेश भ्रमण की बात करते है, तो उस स्थिति में हमारे पास समय का अभाव होता है। उन्हें सभी जगहों को देखने और रीति रिवाज जानने का सीमित समय होता है। उन्हें इसके बाद अपने देश भी लोटना है। जो व्यक्ति इन सभी क्रियाओं के इतने कम समय में सफलता से कर लेते हैं, उनके अंदर समय प्रबंधन का कौशल उत्पन्न होने लगता है। और जब आप इस क्षमता को अपने कार्यस्थल में प्रयोग करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

  7. व्यवस्थित – एक आरामदायक यात्रा के लिए आपको हर चीज संगठित तरीके से करने की आवश्यकता होती है। यदि आप अकसर ऐसी यात्राएं करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। बहुत सारी चीजें होती है जिनका आपको ख्याल रखना चाहिए जैसे – नई सिम लेना, या अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सक्रिय करवाना, विदेशी मुद्रा लेना, आदी। सही योजना ही आपको किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाता है। आपकी इस क्षमता के कारण आपको अपने करियर में सफलता भी मिल सकती है।

  8.  जिम्मेदारी – जब आप यात्रा कर रहे होते हैं, खास कर जब आप अकेले जाते हैं, तो आपको खुद का ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। चूंकि आप दूसरे देश में है, तो आपके परिवार और मित्र आप तक तुरंत नहीं आ सकते। इसलिए आपकी जिम्मेदारी आपके ऊपर ही होती है। जब आपको किसी भी चीज से भय नहीं होता है, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

ऊपर दिए गए सभी बातों से एक बात तो साफ हो गया है कि विदेश भ्रमण से हर व्यक्ति के जीवन में अच्छे बदलाव आते हैं। जिसके परिणाम स्वरूप जातक को जीवन में ज्यादा अवसर, सफलता और खुशी मिलती है।

आपकी कुंडली में विदेश भ्रमण के लिए जिम्मेदार कारक /Factors responsible for Foreign Travel in the Horoscope

अब मैं आपको बताने जा रहा हूं कि आपकी कुंडली में विदेश में बसावट और यात्रा के लिए कौन से कारक होते हैं। ज्योतिषी विदेश जाने के योग के लिए भाव, ग्रह और राशि का आकलन करते हैं। चलिए इन तीन कारकों को समझते हैं।

 

जन्म कुंडली में वह भाव जो विदेश यात्रा का समर्थन करते हैं/Houses in the Birth Chart Supporting Foreign Travel

अभी तक आप विदेश जाने के लाभ को समझ गए होंगे। अब हम आपको बताने वाले हैं कि क्या आपकी कुंडली विदेश की यात्रा को दर्शाती है या नहीं। चलिए इस विषय को और गंभीरता से जानते हैं।

जन्म कुंडली में वह भाव जो विदेश यात्रा का समर्थन करते हैं/Houses in the Birth Chart Supporting Foreign Travel

अभी तक आप विदेश जाने के लाभ को समझ गए होंगे। अब हम आपको बताने वाले हैं कि क्या आपकी कुंडली विदेश की यात्रा को दर्शाती है या नहीं। चलिए इस विषय को और गंभीरता से जानते हैं।

पहला भाव/First House

पहले भाव/First House को इस विषय में सबसे पहले देखा जाता है। यदि पहले भाव के स्वामी/First House Lord सातवें भाव/Seventh House में हो और वह किसी लाभकारी ग्रह के साथ संबंध में हो तो यह संयोजन जातक के लिए विदेश जाने का उत्तम योग बनाता है। इस स्थिति में उनके विदेश में बसने के भी योग बनते हैं, क्योंकि यह ग्रह के संयोजन जातक के विदेश में मृत्यु को दर्शाता है।

तीसरा भाव/Third House

तीसरा भाव/Third House विदेश की छोटी-छोटी यात्रा का संकेत देता है। यदि तीसरे भाव में मौजूद ग्रह नौवें भाव/Ninth House पर प्रभाव डाले या फिर नवमेश तीसरे भाव में नियुक्त हो, तो यह संयोजन जातक के लिए तीर्थ यात्रा का योग बनाता है।

सातवां भाव/Seventh House

सातवां भाव भी विदेश यात्रा के लिए जिम्मेदार होता है। यदि नवमेश और सप्तमेश युति में हो और सातवें भाव/Seventh House में नियुक्त हो, तो जातक की जन्म तिथि के अनुसार वह विदेश जा सकता/Foreign travel as per birth date है। ऐसे जातकों को वहां नौकरी मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है। इसलिए इस भाव से विदेश में बसने का भी संकेत मिल सकता है।

आठवां भाव/Eighth House

आठवां भाव समुद्र से विदेश यात्रा का संकेत देता है। जो भी लोग उपचार के लिए विदेश जाते हैं, उनकी कुंडली में इस भाव से इस विषय में जानकारी मिल सकती है।

नौंवा भाव/Ninth House

नौवां भाव लंबी यात्रा का संकेत देते हैं। जब नौवें भाव/Ninth House में नवमेश के साथ राहु युति में हो, तो यह इस बात संकेत देता है कि जातक के पिता दूसरे देश में मशहूर हो सकता है। यदि ऐसा संयोजन बनता है तो यह बताता है कि आपकी कुंडली/Kundli में विदेश यात्रा का योग है।

बारहवां भाव/Twelfth House

बारहवां भाव कुंडली में विदेश में बसने की संभावना का पता लगाने में अहम किरदार निभाते हैं। इसके साथ साथ, बारहवां भाव/Twelfth House नौवें भाव/Ninth House से चौथे स्थान पर होता है, जिसके कारण यह भाव जातक के वर्तमान निवास स्थान अपने देश से दूर दर्शाता है।

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विदेश यात्रा के लिए जिम्मेदार ग्रह/Which Planets Indicate Foreign Travel?

चंद्रमा

विदेश यात्रा के लिए जिम्मेदार ग्रह/Which Planets Indicate Foreign Travel?

चंद्रमा

  1. जब चंद्रमा वृत्त का चतुर्थ भाग या फिर केंद्र में हो, तो यह जातक के जीवन में बहुत सारी यात्रा का संकेत देता है। ऐसे संयोजन अक्सर उन लोगों की कुंडली में पाया जाता है जो नेता होते हैं, और किसी ना किसी कारण से उन्हें कहीं ना कहीं जाना पड़ता है।

  2. यदि चंद्रमा मीन और कर्क राशि में स्थित हो, तो यह विदेश जाने की भविष्यवाणी करता है।

  3. जब चंद्रमा आठवें/Eighth House, नौंवें/Ninth House, या बारहवें भाव/Twelfth House में हो, खासतौर पर जब बारहवें भाव में चंद्रमा ग्रह का उच्चतम स्थिति में होते हैं, तो जातक विदेश में बस सकता है और साथ में उसे वहां से समृद्धि भी प्राप्त होगी।

  4. जब चंद्रमा से शुक्र छठे/Sixth House, आठवें/Eighth House, या बारहवें भाव/Twelfth House में हो, तो यह विदेश यात्रा की तरफ इशारा करता है।

  5. जब चंद्रमा ग्यारहवें भाव/Twelfth House में हो, तो जातक प्रेम विवाह के जरिए विदेश में बस सकता है।

सूर्य

  1. जब सूर्य पृथ्वी राशि हो, तो जातक की कुंडली/Horoscope में विदेश जाने का योग बनता है। तब जातक अलग अलग देश में जा सकते हैं।

  2. पहले भाव/First House में सूर्य की नियुक्ति विदेश यात्रा से समृद्धि को दर्शाता है।

  3. जब सूर्य पांचवे भाव/Fifth House में हो, तो जातक दरबारी (Courtier) बन सकता है और जिससे उसके विदेश में बसने की संभावना बन सकती है। यह संयोजन अकसर विदेशी राजनयिकों की कुंडली में पाया जाता है।

  4. यदि सूर्य से छठे भाव/Sixth House में केतु नियुक्त हो, तो यह बारहवें भाव/Twelfth House से संबंध रखता है, जो विदेश की सहायता को दर्शाता है।

राहु

  1. राहु छायादार ग्रह होता है, जो दूसरे देश के गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है जैसे – विदेश में बसना और विदेश यात्रा। जब राहु की महादशा चल रही हो, तो जातक के लिए विदेश यात्रा के योग बनते हैं लेकिन उनके लिए दूसरे कारण हो सकते हैं जैसे – विवाह और किसी विदेशी के साथ साझेदारी। यह ग्रह विदेशी जमीन पर समृद्धि का संकेत देता है।  

  2. इसके अलावा, यदि किसी संपत्ति के लिए योग सकारात्मक रूप से जन्म कुंडली/Foreign Birth Chart में मौजूद हो, तो जातक की जन्म कुंडली में भौतिक वस्तुओं और विदेश में बसने का योग है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि जातक इन सबसे संतुष्ट नहीं होंगे।

  3. विदेश यात्रा के संदर्भ में राहु की महादशा और बृहस्पति की अंतर्दशा बहुत ज्यादा महत्व रखता है। इसके साथ, यदि बृहस्पति उच्चतम स्थान पर हो और वह केंद्र में खुद की राशि में हो या फिर लग्न से ट्राइन भाव में हो, तो जातक पश्चिम दिशा में जा सकता है।

  4. इसके साथ साथ, विदेश यात्रा का योग राहु की महादशा और सूर्य या केतु की अंतर्दशा में बनता है।

  5. यदि राहु सातवें/Seventh House और पहले भाव/First House में हो, तो जातक की कुंडली/Foreign Birth Chart के अनुसार विदेश यात्रा का योग बनता है।

  6. यदि दसवें भाव/Tenth House में राहु चंद्रमा के साथ युति में हो, तो यह जातक के लिए विदेश यात्रा के साथ साथ उसे वहां बसने का योग भी दे सकता है। इसके साथ साथ जातक दूसरे देश में अच्छे पद पर नियुक्त हो सकते हैं।

शुक्र

  1. जब शुक्र मेष में हो, तो यह जातक के लिए विदेश में यात्रा को दर्शाता है।

  2. जब शुक्र छठे भाव/Sixth House में स्थित हो, तो जातक के विदेश जाने का योग बनता है। लेकिन इस स्थिति में जातक की संपत्ति में नुकसान हो सकता है।

  3. यदि शुक्र सातवें भाव/Seventh House में हो, तो जातक की कुंडली में विवाह के जरिए विदेश में बसने का योग होता है।

  4. बारहवें भाव/Twelfth House में शुक्र की नियुक्ति विदेश यात्रा के लिए बहुत अनिवार्य होता है।

  5. जब शुक्र मंगल के साथ युति में हो और नौवें भाव/Ninth House में हो, तो वह उस व्यक्ति के दो पति-पत्नी होंगे और उनकी कुंडली में विदेश में बसने के भी योग होंगे।

  6. जब शुक्र शनि के साथ युति में हो और वह नौवें भाव/Ninth House में हो, तो वह एक राजनयिक बन सकता है या कुछ उसी तरह की सरकारी नौकरी कर सकता है। इस स्थिति में विदेश में यात्रा या विदेश में बसने का भी योग बनता है।

मंगल

  1. जब मंगल लग्न या चंद्रमा से दसवें भाव/Tenth House में नियुक्त हो, तो जातक की कुंडली में विदेश में बसने के संकेत होता है। इस स्थिति में वह लंबे समय तक विदेश में रह सकता है।

  2. जब मंगल चंद्रमा के साथ दसवें भाव/Tenth House में युति करे, तो जातक की कुंडली में विदेश यात्रा का योग होता है। लेकिन उनका वहां पर तिरस्कार भी हो सकता है।

शनि

  1. जब शनि बारहवें भाव में हो, तो यह अलगाव का योग बनाता है। इसके चलते जातक विदेश में जाकर बस सकता है और अपनी बाकी बची हुई जिंदगी विदेश में ही बिता सकता है।

  2. जब शनि बृहस्पति के साथ नौवें भाव में युति करे, तब जातक व्याख्याता और उपदेशक बन सकता है और विदेश में जाकर भी रह सकता है।

बुध

  1. जब बुध चौथे भाव/Fourth House में हो, तो जातक अपना निवास स्थान लगातार बदल सकता है और उसकी कुंडली में विदेश यात्रा का भी योग बन सकता है। जब जातक की राशि द्विस्वभाव राशि में हो, तो परिणाम में तेजी से सुधार हो सकता है।

  2. जब बुध दसवें भाव/Tenth House में हो और चंद्रमा बारहवें भाव/Twelfth House में हो, तो यह जातक की कुंडली में विदेश जाने के योग को दर्शाता है।

कौन सी राशि विदेश यात्रा का संकेत देता है?/ Which Zodiac Signs are good for Foreign Travel?

यदि ज्यादातर ग्रह आपकी कुंडली के द्विस्वभाव राशि में हो, तो जातक के विदेश यात्रा का योग बनता है।

कौन सी राशि विदेश यात्रा का संकेत देता है?/ Which Zodiac Signs are good for Foreign Travel?

यदि ज्यादातर ग्रह आपकी कुंडली के द्विस्वभाव राशि में हो, तो जातक के विदेश यात्रा का योग बनता है।

पढ़ाई के लिए विदेश यात्रा/ Travel Abroad For Educational Purposes

  1.  यदि किसी व्यक्ति को पढने के लिए विदेश जाना है, तो उसे इसका निर्णय कुछ ज्योतिषीय संयोजन में लेना चाहिए जैसे – वर्तमान महादशा और पांचवें/Fifth House lord, सातवें/Seventh House Lord, नौवें/Ninth House Lord, दसवें/Tenth House Lord, और बारहवें भाव के स्वामी/Twelfth House Lord के बीच में संबंध होना बहुत जरूरी है।

  2. आठवां भाव/Twelfth house रहस्यमय तत्वों के साथ संबंध रखता है, साथ में यह समुद्र के रास्ते यात्रा को दर्शाता है। इसलिए जब भी आप विदेश जाने के योग की बात करते हैं तो उस स्थिति में इस भाव का भी जिक्र होना अनिवार्य होता है।

  3. हर व्यक्ति को राहु और पंचमेश की महादशा का पूर्ण आकलन करना चाहिए।

  4. विदेश यात्रा हर व्यक्ति के लिए महंगा कार्य सिद्ध हो सकता है, इसलिए इस विषय में कोई भी निर्णय लेने से पहले इसमें खर्च होने वाली राशि को एकत्रित करने का प्रयास करें।

  5. यदि आप किसी जानीमानी विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति से दाखिला लेना चाहते हैं तो उन्हें बहुत होशियार बनना पड़ेगा। जब भी आप विदेश जाते हैं, उससे पहले आपको एक ज्ञानी ज्योतिषी से पांचवें और नौवें भाव और उनके स्वामी/Fifth and ninth house lord की स्थिति का पता लगाना चाहिए। जब बुध और बृहस्पति उत्तम जगह पर नियुक्त हो तो यह जातक की समझ और बुद्धि को दर्शाता है।

  6. सरसवति योग की नियुक्ति अनिवार्य है।

  7. ज्यादातर मामलों में विदेश यात्रा करने वाले जातकों की कुंडली में ज्यादातर ग्रह द्विस्वभाव राशि में होते हैं।

  8.  विदेश में यात्रा यदि पढाई के लिए जातक की कुंडली में नवमांश और दशमांश चार्ट में संबंध होना अनिवार्य होता है।

ज्योतिष में ग्रहों और विदेश यात्रा में संबंध/ Planets and Abroad Settlement in Astrology

चलिए आपको भाव और विदेश में बसने के ज्योतिषीय संबंध के बारे में बताते हैं। इसके लिए हम आपको कुछ जरूरी ग्रह के बारे में बताने वाले हैं जो विदेश में बसने और विदेश यात्रा के योग बनाते हैं।

ज्योतिष में ग्रहों और विदेश यात्रा में संबंध/ Planets and Abroad Settlement in Astrology

चलिए आपको भाव और विदेश में बसने के ज्योतिषीय संबंध के बारे में बताते हैं। इसके लिए हम आपको कुछ जरूरी ग्रह के बारे में बताने वाले हैं जो विदेश में बसने और विदेश यात्रा के योग बनाते हैं।

  1.  जब भी कोई व्यक्ति विदेश में बसने का निर्णय लेता है तो इसका अर्थ यह होता है कि जातक की वर्तमान निवास स्थान का पता बदल जाएगा। इसलिए चौथे भाव/Fourth House पर एक या दो पीडित ग्रह का प्रभाव पड़ना चाहिए।

  2.  यदि चंद्रमा भी किसी प्रकार से चौथे भाव/Fourth House को प्रभावित करता है, तब यह जातक को विदेश में बसने में सहायता करता है।

  3. आम तौर पर, राहु और नकारात्मक ग्रह की महादशा जातक की कुंडली में उन्हें विदेश में रहने का संकेत देता है।

  4. जातक विदेश में तब भी बस सकता है जब राहु से संबंधित ग्रह में महादशा चल रही हो।

  5. इस स्थिति में भाग्य का भी अहम किरदार होता है और छठे/Sixth House, आठवें/Eighth House, नौंवे/Ninth House, और बारहवें भाव/Twelfth House के संबंध को दर्शाता है।

  6. यह कुछ ग्रहों के संयोजन है जो जातक को विदेश जाने के योग को जन्म कुंडली में दर्शाता है। जैसे लोगों के विदेश जाने के कारण अलग अलग होते हैं, वैसे वैसे अलग अलग योग बन जाते हैं। नीचे विदेश जाने के कुछ कारण हैं जिसके योग को कुंडली में आसानी से देखा जा सकता है

·         उपचार के लिए विदेश यात्रा।

·         राजनयिक सेवाएं के लिए विदेश यात्रा।

·         बच्चों के साथ माता पिता का विदेश में बसने के लिए ग्रहों का संयोजन।

·         उपदेश के लिए विदेश यात्रा।

·         विवाह के लिए विदेश यात्रा।

ज्योतिष के बारे में एक बात बहुत सही है कि यह कुंडली में योग के होने और ना होने के बारे में आपकी कुंडली से बता सकता है। और यदि किसी कारणवश योग बुरे भी होते हैं तो कुछ आसान से उपाय करके भी बचा जा सकता है। यदि आपकी भी विदेश जाने की संभावना कम है और आप किसी भी कारण जाना चाहते हैं तो आप किसी अच्छे ज्योतिषी से मिल सकते हैं।

किसी विशिष्ट मार्गदर्शन के लिए आप नीचे दिए गए तरीकों से संपर्क कर सकते हैं –

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नवींतम ज्योतिष समाचार: डॉ विनय बजरंगी

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