नौकरी या व्यवसाय: सही व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए एक मार्गदर्शक

नौकरी या व्यवसाय

यह एक ऐसा प्रश्न है जिससे हर व्यक्ति का कभी ना कभी सामना ज़रूर होता है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब खोज रहे हैं तो आप सही जगह आए हैं। इस सवाल का जवाब आपको सिर्फ एक अच्छे ज्योतिषी से ही मिल सकता है। लेकिन इस विषय के बारे में ज्योतिष के नजरिए को जानने से पहले आम आदमी के नजरिए को भी जान लेना बेहद अनिवार्य है।

कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब से ही आप इस दुविधा से बाहर आ सकते हैं, लेकिन इस समस्या का जड़ से निवारण सिर्फ ज्योतिष/Astrology से ही हो सकता है। आप हमारे इस पेज पर मौजूद नि: शुल्क कैलकुलेटर का प्रयोग करके अपनी नौकरी या फिर व्यवसाय के योग के बारे में भी जान सकते हैं।

नौकरी या व्यवसाय? स्वयं जानें।

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नौकरी या व्यवसाय के बीच चयन करने के लिए कारक

अगर आप नौकरी और व्यवसाय के दो राहे मोड पर खडे हैं या फिर खुद का व्यवसाय शुरू करने का सोच लिया है तो इन बातों का आपने कभी ना कभी सामना जरूर किया होगा या कर रहे होगे। इन सभी परेशानियों का हल निकालने के लिए आप एक अच्छे ज्योतिषी की मदद भी ले सकते हैं।

नौकरी या व्यवसाय के बीच चयन करने के लिए कारक

अगर आप नौकरी और व्यवसाय के दो राहे मोड पर खडे हैं या फिर खुद का व्यवसाय शुरू करने का सोच लिया है तो इन बातों का आपने कभी ना कभी सामना जरूर किया होगा या कर रहे होगे। इन सभी परेशानियों का हल निकालने के लिए आप एक अच्छे ज्योतिषी की मदद भी ले सकते हैं।

आपका नाम और आपका साम्राज्य:

अकसर नौकरी करने वाले लोग खुद को बंधा हुए महसूस करते हैं। अगर आप व्यवसाय करते हैं, तो आप खुद के लिए ही काम कर रहे होते हैं। खुद के लिए काम करने पर आपको आनंद मिलेगा और आप ज्यादा मेहनत से काम कर पाते हैं। व्यवसाय करने से आप खुद को सभी प्रतिबंधों से मुक्त पाएंगे। ज्योतिष/Astrology इस भावना को वास्तविक रूप दे सकता है।

आपकी मेहनत रंग लाएगी।

व्यवसाय को शुरू करने में बहुत सारी मेहनत लगती है और बहुत सारी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। अगर आप भी किसी कॉरपोरेट कंपनी में काम कर रहे हैं, तो हो सकता है कि आपके मन में वेतन को लेकर असंतोष हो। कॉरपोरेट कंपनी में काम करने वाला हर व्यक्ति हमेशा सोचता है कि पूरी दीवार उसी पर टिकी है। यह कॉरपोरेट कंपनियों में एक आम विचारधारा है और इसे ज्योतिष के जरिए ही साफ किया जा सकता है।

पक्की नौकरी

जब आप कहीं काम कर रहे होते हैं तो आपकी नौकरी कभी भी जा सकती है। संगठन किसी को भी कभी भी निकाल सकता है। ज्यादातर नौकरियां प्रदर्शन के दबाव या फिर मंदी के कारण जाती है।

लेकिन जब आप व्यवसाय कर रहे होते हैं तो आपके ऊपर नौकरी जैसा दबाव नहीं होता है। जिसके चलते आप बिना डरे किसी काम को अंजाम देते हैं। जिससे मुनाफा होने की संभावना सबसे ज्यादा होता है। ज्योतिष आपको व्यवसाय और नौकरी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रशनों के जवाब ढूंढने में मदद कर सकते है।

ज्यादा और बेहतर आय

नौकरी कर रहे लोगों का वेतन पहले से ही तय होता है। हर कुछ समय में आपके प्रदर्शन को देखते हुए आपके वेतन में वृद्धि होती है। लेकिन व्यवसाय में आपके पास मौका होता है की आप किसी भी नौकरी की वेतन से ज्यादा कमा सकें। शुरुआती कुछ समय में आय कम होती है लेकिन कुछ समय बाद आपको उम्मीद के अनुसार या फिर उम्मीद से ज्यादा मुनाफा मिलने लग जाता है। आप खुद अपने उत्पाद विपणन/Product Marketing के लिए जिम्मेदार होते हैं। जितना अच्छा विपणन (Marketing), उतना ज्यादा मुनाफा। ज्योतिष इन पहलुओं का भी आकलन करते हैं।

नौकरी या व्यवसाय के बीच चयन करते समय जोखिम कारक

दोनों ही पक्षों का आकलन करने के बाद ही इन कारकों को लिखा गया है।

नौकरी या व्यवसाय के बीच चयन करते समय जोखिम कारक

दोनों ही पक्षों का आकलन करने के बाद ही इन कारकों को लिखा गया है।

 1. यह जोखिम भरा कार्य है

व्यवसाय शुरू करते समय आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इन्ही कारणों की वजह से लोग निजी कंपनियों की तरफ अग्रसर होते हैं। अगर आप कोई भी व्यवसाय शुरू करते हैं तो उसमें आपके निवेश के डूबने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। और अगर ऐसा होता है तो आपका व्यवसाय पूरी तरह डूब सकता है।

व्यवसाय के डूब जाने के डर से ही कई लोग इस तरफ आने का प्रयास ही नहीं करते हैं।

 2. वित्तीय निवेश

किसी भी व्यवसाय को करने के लिए निवेश की आवश्यकता पडती है। सिर्फ सोचने से व्यवसाय नहीं चलता, इसके लिए वित्तीय निवेश की सख्त जरूरत पडती है। कुछ लोगों के पास निवेश के लिए राशी पहले से ही होती है। लेकिन जिनके पास नहीं होती, वह कहीं नौकरी करके निवेश के लिए राशि जमा करते है।

किसी बैंक या संगठन से लोन भी ले सकते हैं, लेकिन ऐसा करना और भी ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि व्यवसाय में घाटा होने के बावजूद भी आपको अपने लोन की किश्त देनी पड़ेगी।

3. तय और आकर्षक वेतन का ना मिलना

ऐसा कई बार होता है कि आपको अपने व्यवसाय में नौकरी जितना वेतन ना मिले, जिसके कारण आप निराश हो जाएं। यह तभी होता है जब आपको आपकी उम्मीद से बहुत कम मुनाफा हो रहा हो या फिर व्यवसाय घाटे में जा रहा हो।

और इस स्थिति में आपके ऊपर लोन होना आपको दिवालिया घोषित भी कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो आप किसी बड़ी परेशानी में भी फंस सकते हैं।

4. कभी-कभी काम करने कि आजादी ओवरटाइम की स्थिति में तब्दील हो सकती है।

आपका व्यवसाय होने के कारण तय छुट्टी नहीं मिलेगी और कभी-कभी आपको बिना वेतन के समय से ज्यादा काम भी करना होगा। लेकिन इस बात को भी झुठलाया नहीं जा सकता कि आपकी सही दिशा में मेहनत आपको सफल बना सकती है।

5. वित्तीय दायित्वों/Financial obligations

व्यवसाय में कुछ कानूनी दाव पेंच भी होते हैं। व्यवसाय करने के लिए आपको अपनी कुछ संपत्ति का भी प्रयोग करना पड़ता है। अगर आपके व्यवसाय में कोई और जुड़ता है या फिर कोई दूसरा संगठन आपके साथ हाथ मिलाना चाहता है तब उस स्थिति में कुछ कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।

अगर आपने किसी के साथ हाथ मिला लिया है तो कहीं भी परेशानी होने पर आपका साथी आपके ऊपर कानूनी केस भी कर सकता है। इसी कारणवश आपके संगठन या फिर आपकी संपत्ति को भी हानि होती है।

खुद के व्यवसाय को शुरू करने के गुण और अवगुण दोनों है। ऐसी स्थिति में आपके लिए व्यवसाय के अवगुणों का हल निकालना बेहद ज़रूरी है।

जन्म कुंडली के अनुसार मेरे लिए क्या सही रहेगा – नौकरी या व्यवसाय/job or business as per my birth chart

कुछ प्रश्न हैं जिसका सामना हर व्यक्ति ने अपनी जिंदगी में कभी ना कभी किया ही होगा। " What is good for me job or business as per my birth chart" or "What to choose business or Job astrologically" यह ऐसे दो प्रश्न हैं जिसका जवाब ढूंढने में लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। नौकरी और व्यवसाय के बीच में सही चुनाव किसी भी व्यक्ति की जिंदगी बदल सकता है। कुछ ज्योतिष कारक हैं जिन्हे हमेशा दिमाग में रख कर इन दोनों में से किसी एक को चुनना चाहिए। एक अच्छे ज्योतिषी आपकी कुंडली को पढकर नौकरी और व्यवसाय को चुनने में मदद कर सकते हैं।

ज्योतिषीय संयोजन से नौकरी और व्यवसाय के बीच में चुनाव

अगर कोई ज्योतिष सिर्फ डी-1 लग्न चार्ट को पढकर आपको आपके पेशे के बारे में बताता है तो संभवत: वह आपको सही भविष्यवाणी नहीं बता रहा है। उत्तम भविष्यवाणी के लिए ज्योतिष को अलग अलग चार्ट, घरों और ज्योतिषीय संयोजन का आकलन करना पडता है। तभी वह जातक के लिए सबसे सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।

ज्योतिषीय संयोजन से नौकरी और व्यवसाय के बीच में चुनाव

अगर कोई ज्योतिष सिर्फ डी-1 लग्न चार्ट को पढकर आपको आपके पेशे के बारे में बताता है तो संभवत: वह आपको सही भविष्यवाणी नहीं बता रहा है। उत्तम भविष्यवाणी के लिए ज्योतिष को अलग अलग चार्ट, घरों और ज्योतिषीय संयोजन का आकलन करना पडता है। तभी वह जातक के लिए सबसे सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।

लग्न भाव या फिर उदय लग्न – आपकी शिक्षा में इस लग्न का कोई खास किरदार नहीं है। लेकिन विवाह और करियर के बारे में भविष्यवाणी करते समय इसका महत्व बहुत बढ़ जाता है।

दसवें भाव/स्वामी/Tenth House/Lord – पेशे और व्यवसाय के बारे में पता लगाने के लिए उदय लग्न/चंद्रमा चिन्ह/सूर्य चिन्ह से दसवां भाव/Tenth House और उसके स्वामी (दशमेश) का आकलन किया जाता है। दसवें भाव/Tenth House से प्राधिकरण, पावर एडवांसमेंट, और महत्वाकांक्षाएं, व्यापारिक संबंध, सामाजिक स्थिति, नाम, प्रसिद्धि, विदेशी भूमि, कमाई का स्रोत और आत्म-नियंत्रण का पता चल सकता है।

तीसरा भाव/ स्वामी/Third House/Lord – यह भाव और उसका स्वामी बताता है कि जातक अपने पेशेवर जिंदगी में कैसा रहेगा। क्या वह हिम्मती है? क्या वह व्यवसाय करने के लिए जोखिम ले सकता है? यह भाव जातक के अति आत्मविश्वास के बारे में भी बता सकता है। और आप तो जानते ही हैं कि किसी भी चीज की अति कभी-कभी भी मति का रूप ले सकती है।

पांचवें भाव/स्वामी/Fifth House/Lord – पांचवा भाव/Fifth House शिक्षा, ज्ञान, और जातक की बुद्धि के बारे में बताता है। इन सबके साथ-साथ यह पेशेवर ज़िंदगी में लिए हुए जोखिम भरे कदमों के बारे में भी बताता है।

छठा भाव/स्वामी/Sixth House/lord – छठा भाव और छठे भाव के स्वामी (Sixth house and it’s lord) आपके बैंक से लिए गए लोन के बारे में बताता है। इसके साथ-साथ यह भाव आपके लिए काम करने वाले व्यक्तियों के बारे में भी बताता है।

सातवें भाव/स्वामी/Seventh House/Lord – आपका सातवें भाव और सातवें भाव का स्वामी/Seventh house and it’s lord बताता है कि आपके व्यापार साझेदारी और पेशेवर रिश्ते कैसे रहेंगे। इन गुणों का आपकी कुंडली/Kundali में होने का मतलब है कि आप जिंदगी में जिस मुकाम पर जाना चाहते हैं, वहाँ तक बिना किसी परेशानी के जा सकते हैं।

नौवां भाव/स्वामी/Ninth House/lord – इस भाव को जातक के लिए किस्मत का भाव भी कहा जाता है। इस भाव की मजबूती बताती है कि जातक के पास पैसों की कभी कमी नहीं होगी। उस व्यक्ति की गरिमा हमेशा बढ़ती रहेगी, विदेश जाने का योग बनेगा और साथ में व्यापार में सरकार को सहयोग भी मिलेगा।

ग्यारहवां भाव/स्वामी/Eleventh House/lord – ग्यारहवां भाव/Eleventh House या फिर इसके स्वामी/Lord of Fifth House जातक के व्यापार में मुनाफे और आय के बारे में बताता है।

ग्रहों की दशा का कर्मचारी या नियोक्ता योग के चुनाव में महत्त्व

कर्मचारी या नियोक्ता का स्वभाव आपके ग्रहों की दशा पर निर्भर करता है। दशा और अंतरदशा अकसर जातक को उनका पेशा नाटकीय रूप से बदलने पर मजबूर कर देता है। अगर दशा और अंतर्दशा आपके पक्ष में हो और ग्रहों की दशा खराब भी हो तब भी आपका करियर और व्यापार दोनों सफल रहेगा।

ज्यातिष के अनुसार मुझे नौकरी करनी चाहिए या फिर व्यापार/Should I do a job or business as per astrology

ज्योतिष के अनुसार, बहुत सारे ग्रह और भाव है जिनके संयोजन से यह पता लगाया जा सकता है कि जातक के लिए नौकरी और व्यापार में से क्या उचित रहेगा। यह सभी ग्रह और भाव आपके जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय पर हर तरफ से प्रभाव डाल सकते हैं। ग्रहों के संयोजन से साफ साफ पता लगाया जा सकता है कि आपके लिए क्या सही रहेगा। कुछ संयोजन के बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे।

ज्यातिष के अनुसार मुझे नौकरी करनी चाहिए या फिर व्यापार/Should I do a job or business as per astrology

ज्योतिष के अनुसार, बहुत सारे ग्रह और भाव है जिनके संयोजन से यह पता लगाया जा सकता है कि जातक के लिए नौकरी और व्यापार में से क्या उचित रहेगा। यह सभी ग्रह और भाव आपके जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय पर हर तरफ से प्रभाव डाल सकते हैं। ग्रहों के संयोजन से साफ साफ पता लगाया जा सकता है कि आपके लिए क्या सही रहेगा। कुछ संयोजन के बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे।

  1. आपके दसवें भाव के ग्रह और स्वामी का शक्तिशाली होना बताता है कि आपको सेवा की सुनिश्चितता मिलेगी। मान लीजिए कि किसी भी संख्या को ग्रहों के संकेत के साथ तय किया गया है जो कि कुंडली में मानक या नि: शुल्क प्रतीकों की संख्या से अधिक है।

  2. सरकारी नौकरी या फिर चिकित्सा से जुड़ी नौकरी करने के लिए आपके अंदर कुछ गुणों का होना अनिवार्य है जैसे परिश्रम, शांति, सहिष्णुता और स्थिरता।

  3. यदि सामान्य राशियों के ग्रह, कुल ग्रहों से अधिक होते हैं और जातक की कुंडली में स्थिर और चल चिह्न होते हैं, तो उस स्थिति में जातक प्रॉपर्टी डीलिंग या कंसल्टेंसी फर्म को चलाने में सफल साबित हो सकता है। आपके राशि के अनुसार आप ट्यूशन सेंटर भी खोल सकते हैं और आपकी कुंडली में अध्यापक बनने का भी योग हो सकता है।

  4. अगर सहनशीलता के संबंध में दसवें भाव के स्वामी/Tenth House Lord सातवें भाव के स्वामी/seventh house Lord से कमजोर होता है तो जातक वकील, डॉक्टर, और प्रोफेसर के पेशे में सफल हो सकता है।

  5. दसवें और सातवें भाव के स्वामी/Tenth and Seventh House Lord कि मजबूती बताती है कि जातक नौकरी के साथ-साथ एक छोटा सा व्यवसाय भी कर सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी अस्पताल में चिकित्सक होने के साथ-साथ एक छोटा सा क्लीनिक भी चला सकते हैं। आप सेवानिवृत्त होने के बाद भी कोई व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

  6. वैसे तो दसवें भाव के स्वामी/Tenth House lord ताकतवर होते हैं, लेकिन अगर वह छठे/आठवें/Sixth/Eighth House या फिर बारहवें भाव/Twelfth House में विराजमान हो या फिर दसवें भाव के स्वामी/Tenth house lord ज्यादा ताकतवर ना हो, तब जातक के किसी निजी संगठन में काम करने के योग होते हैं।

  7. अगर सूर्य/मंगल/शनि ग्रह दसवें भाव/Tenth House के पक्ष में हो या फिर दसवें भाव/Tenth House की दशा सबसे मजबूत हो तो जातक चिकित्सा क्षेत्र में जाता है।

  8. तीसरे / छठे/Third/Sixth house या दसवें भाव के स्वामी/Tenth house lord और बृहस्पति में से किसी का भी सहनशील होना बताता है कि जातक वकालत के क्षेत्र में सफल हो सकता है।

  9. यदि चंद्रमा और बुध दसवें भाव/Tenth House को प्रभावित करते हैं, तो जातक लेखक या पत्रकारिता का पेशे चुन सकता है।

  10. दसवें भाव/Tenth House पर मजबूत बुध और बृहस्पति का प्रभाव पड़ने पर जातक लेखक या फिर कवी के पेशे का चुनाव कर सकता है।

  11. चंद्रमा और बृहस्पति का दसवें भाव/Tenth House पर प्रभाव डालता है तो जातक राजपत्रित अधिकारी रैंक पर नियुक्त हो सकता है।

  12. जब चंद्रमा बृहस्पति के दसवें भाव/Tenth House और पांचवें भाव/Fifth House में मौजूद हो तब जातक उच्च स्थान की नौकरी में नियुक्त हो सकता है।

  13. अगर ग्यारहवें भाव के स्वामी/Eleventh House Lord दसवें भाव/Tenth House में उपस्थित हों या फिर उनके स्वामी चिन्ह बदल जाएं, तो जातक एक उत्कृष्ट प्रशासक बन सकता है।

  14. जातक के स्वामी या फिर दसवां भाव/Tenth House पहले भाव के स्वामी के साथ हो और दसवां भाव/Tenth House वही ग्रह हो तो जातक एक अच्छा कर्मचारी बन सकता है। वह मेहनत से कमाए जाने वाले पैसे की कद्र करेगा।

  15. बृहस्पति का दसवें भाव के स्वामी/Tenth House Lord के रूप में दिखना बताता है कि जातक एक अच्छे पद पर नियुक्त होगा।

  16. अगर आरोही/ascendant चंद्रमा या फिर दसवें भाव के स्वामी/Tenth House Lord में सूर्य हो या यह सूर्य के नवमांश में स्थित हो, तो यह इस बात की तरफ संकेत देता है कि आप अवैध तरीकों से धन कमा सकते हैं। इस तरह से धन कमाने से आपकी जान को भी खतरा हो सकता है।

  17. अगर मंगल आपके दसवें भाव का स्वामी/Tenth House Lord हो या फिर दसवां भाव/Tenth House नवमांश में स्थित हो तो जातक पुलिस, सेना और कुश्ती के पेशे में भी जा सकता है।

  18. बुध अगर दसवें भाव का स्वामी/Tenth House Lord हो या फिर वह बुध के नवमांश में जाए तो जातक के लिए बैंकिंग, लेखन, शिक्षा, ज्योतिष कला और क्राफ्टिंग के क्षेत्र में सफलता इंतजार कर रही है।

  19. बुध अगर पहले भाव/Ascendant में हो और बृहस्पति नौवें भाव/Ninth House में है तो यह दर्शाता है कि जातक के लिए सरकारी सेवाओं में जाने का योग है।

  20. चतुर्थांश में जातक के स्वामी और दूसरे/Second house और पांचवे भाव/Fifth House के स्वामी द्वारा आकांक्षी दर्शाती है कि जातक को सरकारी नौकरी मिल सकती है।

  21. सूर्य जो कि शनी का पक्ष में रहता है बताता है कि जातक को सरकारी नौकरी, प्रबंधक प्राधिकरण और उच्च अधिकारियों में नियुक्ति मिल सकती है।

क्या में व्यापार करने के लिए नौकरी छोड़ सकता हूँ? Should I quit the Job to start a Business per my birth chart?

चौथे/Fourth House Lord और सातवें भाव के स्वामी/Seventh House Lord कमजोर होते हैं, लेकिन सातवें भाव के स्वामी/Seventh House Lord के प्रभाव से ही जातक के व्यापार करने कि क्षमता का अंदाजा लग सकता है।

क्या में व्यापार करने के लिए नौकरी छोड़ सकता हूँ? Should I quit the Job to start a Business per my birth chart?

चौथे/Fourth House Lord और सातवें भाव के स्वामी/Seventh House Lord कमजोर होते हैं, लेकिन सातवें भाव के स्वामी/Seventh House Lord के प्रभाव से ही जातक के व्यापार करने कि क्षमता का अंदाजा लग सकता है।

  1. राशियों में ग्रहों की संख्या का ग्रहों की कुल संख्या से अधिक होना कुंडली/Kundali का सामान्य लक्षणों में से एक है। ऐसा होने पर पता लगता है कि जातक व्यापार में अच्छा होगा। वह अपनी क्षमता को हमेशा बढ़ाने का प्रयास करेगा। ऐसे व्यक्ति बुद्धिमान और सतर्क रहते हैं और इनमें नेतृत्व का गुण भी होते हैं।

  2. यदि बुध, बृहस्पति और शुक्र जैसे ग्रह चंद्रमा के चतुर्थांश में आते हैं तो यह एक स्वतंत्र उद्यम की शुरुआत को दिखाता है।

  3. बुध, बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा का दूसरे भाव/Second house और बारहवें भाव/Twelfth House में होना स्व-व्यवसाय को दर्शाता है।

  4. बृहस्पति की तीसरे भाव/Third House में और शुक्र की चंद्रमा से ग्यारहवें भाव/Eleventh House में तैनाती दिखाती है कि जातक एक स्वतंत्र व्यवसाय शुरू कर सकता है।

  5. दूसरे भाव/Second house और ग्यारहवें भाव/Eleventh House के दशा बदलने पर जातक के व्यापार करने की अच्छी क्षमता के बारे में पता चलता है।

  6. बुध का दसवें भाव/Tenth House से संबंध जातक के व्यावसायिक कौशल को दर्शाता है। पीड़ित ग्रहों का प्रभाव जातक के आलस्य को दर्शाता है।

  7. ग्रहों का चतुर्थांश में उपस्थिती से अर्जित धन को दर्शाते हैं।

  8. अगर सातों ग्रह पहले भाव/First House और सातवें भाव /Seventh House में मौजूद है तो यह दिखाता है कि वह व्यक्ति माल ढुलाई और कैरियर, लकड़ी या कार्टव्हील संबंधित व्यवसाय को कर सकता है।

  9. किसी भी लाभकारी प्रभाव के बिना चतुर्थांश में एक पीडित ग्रह की नियुक्ति और साथ में बृहस्पति के आठवें भाव/Eighth House में मौजूदगी बताती है कि जातक मांस, मुर्गी और मछली पालन जैसे पशुधन व्यवसाय की क्षमता रखता है।

ज्योतिषीय उपकरण जो आपको इन दोनों में से एक को चुनने में सहायता करता है।

आप दो तरीके से इस मुश्किल सवाल का हल ढूंढ सकते हैं। पहला तो आत्म मूल्यांकन है जो आप नीचे देख सकते हैं।

ज्योतिषीय उपकरण जो आपको इन दोनों में से एक को चुनने में सहायता करता है।

आप दो तरीके से इस मुश्किल सवाल का हल ढूंढ सकते हैं। पहला तो आत्म मूल्यांकन है जो आप नीचे देख सकते हैं।

इन सवालों का जवाब खुद से पूछें-

  1. कैसे आपकी नौकरी आपको आपके लंबी अवधि के लक्ष्य तक पहुंचने में मदद कर सकती है?

  2. क्या आप अपने वेतन से संतुष्ट है?

  3. हर कार्यस्थल के काम करने के तरीके का आकलन करें।

  4. कम से कम दो प्रबंधकों/managers की तुलना करें।

  5. अपने प्रत्येक दिन की भूमिका को एक विशिष्ट रूप में लिखें

  6. अपनी अंतरआत्मा पर भरोसा करें।

अगर इस आंकलन के बाद भी कोई शंका रह गई है तो आप किसी अच्छे ज्योतिषी से मिल सकते हैं।

और यह है दूसरा तरीका जिससे आप व्यापार और नौकरी का सही चुनाव कर सकते हैं।

  1. होररी और प्रश्न

  2. नक्षत्र शब्दांश

  3. आपकी जन्म कुंडली

इन सभी उपकरणों का प्रयोग करके आपके लिए उचित नौकरी का पता लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष – आपकी जन्म कुंडली में साफ साफ इंगित है कि आपका कर्मचारी योग है या नियोक्ता योग। अगर आपको इस बात का पता पहले से ही होगा तो आपके लिए नौकरी और व्यापार में चुनाव बेहद आसान हो जाएगा। आप इसके लिए एक अच्छे ज्योतिष की मदद भी ले सकते हैं। वह सभी ग्रहों और घरों की दशा को देखकर आपको सही निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं। उनसे सलाह परामर्श करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचे। आप कोई निर्णय लेने से पहले अपने स्तर पर भी शोध कर सकते हैं क्योंकि एक गलत कदम आपकी वित्तीय स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

व्यापार और नौकरी से जुड़े किसी भी मार्गदर्शन के लिए आप निम्नलिखित किसी भी साधन का उपयोग कर सकते हैं।

अगर आप दसवीं या बारहवीं में विषय का चुनाव कर रहे हैं तो मेरे द्वारा लिखे इस लेख को भी पढ सकते हैं “ज्योतिष आपके जन्म कुंडल के आधार पर विषय चयन में कैसे मदद कर सकते हैं” How Astrology helps you in Subject Selection as per birth chart आप वेबसाइट पर मौजूद और भी लेखों को पढ़ सकते हैं।