जन्म तिथि के अनुसार ज्योतिष आपके बिजनेस के बारे में क्या बताता है - Business Astrology

एक व्यापारी अपनी किस्मत खुद लिखता है और उसे ऐसा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। यह मेहनत तब दोगुनी हो जाती है जब आपको कोई सही राह दिखाने वाला हो। अगर कोई व्यापारी ज्योतिष /Astrology को मानता है, तो इसकी सहायता से वह अपने बिजनेस को नई ऊंचाई तक लेकर जा सकता है। कोई नया बिजनेस शुरू करना और उसमें सफल होना, देखने में बेहद आसान लगता है लेकिन इस कार्य में सफल होना उतना ही मुश्किल। इस लेख के जरिए आपको आम जनता के नजरिए से बिजनेस से जुड़ी समस्याओं और उनका ज्योतिष में समाधान बताऊंगा, जिसे हर व्यक्ति को जानने का पूरा अधिकार है। 

इस बात को समझाने के लिए हमारे पास एक छोटी और सच्ची कहानी है। मैंने इस कहानी गवाह हूं क्योंकि मैं इस कहानी के सभी पात्रों में से एक का पारिवारिक ज्योतिषी था।

बिजनेस एस्ट्रोलॉजी बिजनेस की सफलता में कैसे मदद करता है?/ How does the Business Astrology Chart help in Business Success?

राहुल देसाई, संजय मोदी, अमित ठाकुर, और नरेंद्र शाह एमबीए में पढने वाले छात्र थे। यह चारों आपस में मित्र भी थे। पढाई के दौरान इन चारों ने कुछ सपने बुने थे जो उन्होंने आपस में एक दूसरे से साझा भी किए थे। उन्होंने ग्रेजुएशन की शिक्षा खत्म होते ही कारोबार खोलने का निर्णय लिया जिसमें चारों बराबर के  भागिदार होंगे। उन चारों ने बिना ज्योतिषीय पहलू के आंकलन के बिजनेस को शुरू कर दिया था जिसका परिणाम उन्हें आगे चल कर भुगतना पड़ा। चलिए इस कहानी के बारे में आपको विस्तार में बताते हैं।

राहुल देसाई जो एक मध्य वर्गीय परिवार से आता है। राहुल को अपने घर से बिजनेस के लिए थोड़ा ही धन मिलने की उम्मीद थी। अमित ठाकुर के पिता सरकार में प्रशासनिक अधिकारी थे, जिसके उसके परिवार से उसे अच्छा सहयोग मिलने की उम्मीद थी। संजय मोदी का परिवार बिजनेस करता था, जिनकी बाजार में कुछ दुकानें थी जो अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। नरेंद्र शाह एक अच्छे व्यापारी घराने से संबंध रखता था। नरेंद्र के पिता मेरे जजमान थे जिनका सूरत में ऊन का कारखाना था।

एमबीए करने के बाद चारों ने निर्णय लिया की वह चारों मिलकर कोई बिजनेस शुरू करेंगे। ज़ाहिर है कि चारों को धन को लेकर समस्या थी, लेकिन राहुल की घर की आर्थिक स्थिति सबसे कमजोर थी। अमित के परिवार ने उन्हें धन संबंधी सहायता देने से साफ मना कर दिया क्योंकि उसके परिवार वाले चाहते थे कि वह सरकारी नौकरी या  किसी निजी कंपनी में काम करें। संजय मोदी का परिवार चाहता था कि उनका बेटा उनके परिवार के बिजनेस को आगे बढ़ाए। इसी प्रकार नरेंद्र शाह के भी परिवार के सदस्य उसे भी पारिवारिक बिजनेस में लाना चाहते थे।

इन चार साथियों में से सिर्फ एक को ही सफलता क्यों प्राप्त हुई?/ Why out of four partners, only one succeeded and three failed?

चारों साथी अपनी परियोजना को एक सांचे में ढालने के लिए दृढ़-संकल्प से काम कर रहे थे। उन्होंने मिलकर योजना बनाई कि वह चारों एक ग्लास शीट निर्माण के बिजनेस में निवेश करेंगे। उन्होंने अहमदाबाद में मेहसाणा नाम के एक छोटा से औद्योगिक शहर में कारखाना खोलना का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने तय किया की सभी साथी कम से कम दस लाख रुपए का निवेश अपने साथ लेकर आएंगे। राहुल देसाई ने कुछ धन अपने परिवार से मांगा और कुछ धन बाजार से ब्याज पर लिया। बचे तीनों साथी अमित ठाकुर, संजय मोदी, और नरेंद्र शाह को अपने-अपने परिवार को धन संबंधी सहायता के लिए मना लिया। तीनों के परिवार पहले तो इस बिजनेस के लिए धन देने को तैयार नहीं थे लेकिन कुछ समय बाद तीनों परिवार ने सहमति दे दी।

इन चार साथियों में से सिर्फ एक को ही सफलता क्यों प्राप्त हुई?/ Why out of four partners, only one succeeded and three failed?

चारों साथी अपनी परियोजना को एक सांचे में ढालने के लिए दृढ़-संकल्प से काम कर रहे थे। उन्होंने मिलकर योजना बनाई कि वह चारों एक ग्लास शीट निर्माण के बिजनेस में निवेश करेंगे। उन्होंने अहमदाबाद में मेहसाणा नाम के एक छोटा से औद्योगिक शहर में कारखाना खोलना का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने तय किया की सभी साथी कम से कम दस लाख रुपए का निवेश अपने साथ लेकर आएंगे। राहुल देसाई ने कुछ धन अपने परिवार से मांगा और कुछ धन बाजार से ब्याज पर लिया। बचे तीनों साथी अमित ठाकुर, संजय मोदी, और नरेंद्र शाह को अपने-अपने परिवार को धन संबंधी सहायता के लिए मना लिया। तीनों के परिवार पहले तो इस बिजनेस के लिए धन देने को तैयार नहीं थे लेकिन कुछ समय बाद तीनों परिवार ने सहमति दे दी।

फिर चारों मिलकर अगले कदम की ओर अग्रसर हुए। उन्होंने अपने स्टार्टअप के लिए एक नाम चुना, फिर जमीन खरीदी, वहीं पर अपनी कंपनी खोली और सभी कागज़ी कार्यवाही को खत्म करके मशीन और श्रमिकों का प्रबंध किया।

अगले नौ महीने के दौरान उन्होंने जरूरत की हर चीजों का प्रबंध कर लिया था और उनका कारखाना भी चल पड़ा था। शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि उनका बिजनेस सही दिशा में जा रहा है। लेकिन वर्ष 2002 के सितंबर महीने में नरेंद्र शाह के पिता ने मुझे बताया था कि उनकी बेटे की कंपनी अपना खर्च निकालने में संघर्ष कर रही है।

इसका कारण यह भी बताया गया कि कई और कंपनियां आस पास के क्षेत्र में स्थापित हो गई थी जो ग्लास शीट का ही निर्माण करते थे। इसी कारण बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। चारों साथियों को झटका तब लगा जब चीनी कंपनी भी इस बिजनेस में उतर पड़ी। इसी कारणवश उन चारों को कोई खबर नहीं थी कि आगे क्या किया जाए या फिर आगे क्या होने वाला है। जैसा कि पहले हमने आपको बताया था कि राहुल आर्थिक तौर पर मजबूत नहीं था और उसने बाजार से उधार भी ले रखा था लेकिन काम शुरू करने के डेढ़ साल बाद तक भी चारों ने एक रुपए तक नहीं कमाया था।

ऐसी स्थिति में राहुल का तीनों के साथ बने रहने की संभावना बहुत कम रह गई थी। राहुल पूरी तरह से टूट गया था क्योंकि उसे अपने परिवार से कोई मदद नहीं मिल रही थी। जब उसे कुछ समझ नहीं आया तब उसने बिजनेस छोड़ कर नौकरी करने का निर्णय लिया जो उसे तुरंत मिल गई थी। राहुल के जाने से उसके तीनों साथी दुखी थे लेकिन सभी साथियों ने मजबूती से डट कर इस चुनौती का सामना किया।

इतनी मेहनत के बावजूद भी कंपनी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं हो पाई। तीनों इस बात को लेकर परेशान थे कि कंपनी से आय से ज्यादा खर्च हो रहा है। इसी के कारण तीनों ने अपने परिवार से और धन लिया ताकि वह अपने श्रमिकों को तनखा दे सकें और इस कंपनी को आगे तक ले जा सके।

कुछ समय में अमित ठाकुर ने भी अपने साथियों को छोड दिया। अमित ने अपने परिवार की बात मान कर नौकरी करने का निर्णय लिया। अमित को जल्द ही एक अच्छी नौकरी मिल गई और वह तुरंत विदेश चला गया।

दो साथियों के जाने के कारण नरेंद्र और संजय के पास सीमित विकल्प रह गए थे। अब उन दोनों के कंधों पर इस बिजनेस को आगे ले जाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह दोनों भी कुछ ज्यादा कमाल नहीं कर पाए। उन्हें औद्योगिक क्षेत्र में किराया-खरीद समझौता पर जमीन खरीदे हुए बाइस महीने हो गए थे लेकिन उन्होंने एक बार भी उस जमीन का भुगतान नहीं किया था। म्युनिसिपल कॉरपरेशन की भी रकम बकाया थी।

दोनों ने ही इस बिजनेस को छोडने का मन बना लिया था, लेकिन जिस कंपनी को किसी ने लगभग दो साल लगाकर बनाया हो उसे बंद करना इतना आसान नहीं होता। अगर वह कंपनी को बंद करने का निर्णय लेते भी हैं तब भी उन्हें बकाया रकम का भुगतान करना होगा जो तकरीबन बीस लाख थी। कंपनी की संपत्ति को बेचने पर भी सारी राशि का भुगतान नहीं हो पाता क्योंकि बकाया रकम कंपनी की पूरी संपत्ति से भी ज्यादा थी। अगर वह कारखाना बंद भी करते हैं तब भी उन्हें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता।

संजय मोदी और नरेंद्र शाह इस कंपनी के साथ आगे बढ़ने के लिए दृढ़ निश्चय कर बैठे थे लेकिन दोनों के ही मन में डर था कि आगे आने वाले समय में स्थिति कहीं और खराब ना हो जाए। कंपनी के हितधारकों के साथ बातचीत करने में लगभग दो महीने निकल गए। इस बातचीत का निष्कर्ष यह निकला की नरेंद्र शाह भी इस कंपनी से खुद को अलग कर लेगा और संजय मोदी इस कंपनी को अकेले चलाएगा। कुछ समय बाद नरेंद्र, राहुल और अमित ने संजय को कुछ धन दिया जिसकी मदद से वह इस कंपनी को फिर से वापस शुरू कर सके।

इसके बाद नरेंद्र ने अपने पारिवारिक व्यवसाय में लग गया और दूसरी तरफ संजय मोदी पूरी कंपनी को अपने दम पर चलाने की जद्दोजहद में लग गया। संजय के पास कुछ धन इकट्ठा हो गया था जिसे उसने अपने सभी देय राशि का भुगतान कर दिया था। धीरे धीरे संजय ने मालिक के नाम का स्थानांतरण की कागजी कार्यवाही भी पूरी कर ली थी। अब संजय ने एक नई कंपनी का निर्माण किया और ज्योतिष/Astrology के सुझावों को ध्यान में रखते हुए अपनी कंपनी का नाम रखा। अगर आपको याद होगा तो गुजरात सरकार ने वर्ष 2004 में युवा उद्यमियों को कुछ सब्सिडी दी थी, जिसका लाभ संजय मोदी को भी मिला था। संजय ने अपने कांच की चादर के कारोबार को कट-ग्लास व्यवसाय में तब्दील कर दिया था। इसके बाद से ही संजय को सफलता मिलनी शुरु हो गई थी। वह वर्ष 2006 में ही सभी कर्जों से बाहर आ गया था और इसके बाद से ही संजय का बिजनेस सफलता की नई कहानियां लिखने लगा है। उसके बाद संजय ने गुजरात और महाराष्ट्र में भी अपना कारखाना खोला है।

मेरे पास उन चारों व्यक्तियों का बिजनेस राशिफल/Business horoscope है, जिसमें इसके बारे में साफ साफ लिखा है कि यह चारों अपने अपने क्षेत्र में सफलता से काम कर रहे हैं। राहुल देसाई एक अच्छी कंपनी में मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में काम कर रहा है। अमित ठाकुर विदेश में बस चुका है, संजय मोदी अपने पुराने व्यवसाय को ही आगे लेकर आए हैं और अब उनके परिवार से भी कई लोग उसके साथ काम कर रहे हैं। वहीं नरेंद्र शाह अपने पारिवारिक व्यवसाय को ही आगे बढा रहे हैं। एक बात को यहां कहना अनिवार्य है कि अगर यह चारों अपने बिजनेस को शुरू करते समय ज्योतिष की सहायता लेते तो हो सकता था कि उनके जीवन का कुछ महत्वपूर्ण समय बच जाता और वह सही निर्णय ले पाते। हो सकता है कि उन चारों का कॉलेज में देखा हुआ सपना बहुत पहले ही पूरा हो जाता।

इस पूरी कहानी के आंकलन से एक बात तो साफ हो गई है कि इन चारों ने कहां पर गलती की थी। इस कहानी के माध्यम से आपको यह समझ आ गया होगा कि छोटे छोटे कदम आपको फर्श के अर्श तक ले जाने में सक्षम होते हैं। अगर आप अपना व्यवसाय अपने जन्म की तिथि /Business as per date of birth के अनुसार करते हैं तो आपको सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ज्योतिष से इस बात का भी अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि जातक के लिए बिजनेस करना उचित रहेगा या नहीं। चलिए इस बारे में आगे समझते हैं।

आप आउटलुक इंडिया / द वीक / हिंदुस्तान टाइम्स में व्यावसायिक सफलता के लिए ज्योतिष /Business Success as per astrology पर मेरा नवीनतम साक्षात्कार हमारे समाचार अनुभाग में भी पढ़ सकते हैं।

कुंडली के अनुसार बिजनेस/ Business As Per Kundli 

व्यापारी अपने नए और पुराने बिजनेस को सफल बनाने के लिए अपने कौशल का पूरी तरह से प्रयोग करता है। लेकिन कभी-कभी बिजनेस में कुछ ऐसी स्थिति बनती है जहाँ पर आपको ज्योतिष की मदद लेनी पड़ती है। जन्मतिथि के आधार पर अपने बिजनेस /Business as per date of birth को शुरू करने से आपको कभी भी किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा। बिजनेस के निर्णय लेने में भी ज्योतिष एक अहम भूमिका अदा करता है जिससे आप गलत समय होने पर भी कोई गलत निर्णय नहीं लेते हैं। यह विषय बहुत विशाल है जिसे एक लेख के जरिए नहीं जाना और समझा जा सकता। मैंने आपके लिए इन सभी बिंदुओं पर अलग से विस्तृत प्रस्तुति तैयार कर रखी है जिसे आप हमारे वेबसाइट से पढ़ सकते हैं।

कुंडली के अनुसार बिजनेस/ Business As Per Kundli 

व्यापारी अपने नए और पुराने बिजनेस को सफल बनाने के लिए अपने कौशल का पूरी तरह से प्रयोग करता है। लेकिन कभी-कभी बिजनेस में कुछ ऐसी स्थिति बनती है जहाँ पर आपको ज्योतिष की मदद लेनी पड़ती है। जन्मतिथि के आधार पर अपने बिजनेस /Business as per date of birth को शुरू करने से आपको कभी भी किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा। बिजनेस के निर्णय लेने में भी ज्योतिष एक अहम भूमिका अदा करता है जिससे आप गलत समय होने पर भी कोई गलत निर्णय नहीं लेते हैं। यह विषय बहुत विशाल है जिसे एक लेख के जरिए नहीं जाना और समझा जा सकता। मैंने आपके लिए इन सभी बिंदुओं पर अलग से विस्तृत प्रस्तुति तैयार कर रखी है जिसे आप हमारे वेबसाइट से पढ़ सकते हैं।

अगर आप ज्योतिष बिजनेस /Business Astrology को मानते हैं और इसमें दिए गए नियमों का पालन करते हैं तो आपको अपने बिजनेस को सफल बनाने के लिए बहुत सहायता मिल सकती है। ज्योतिष की मदद से आप अपने बिजनेस के लिए शुभ नाम और अपने व्यवसाय के लिए एक उत्तम साझेदार को ढूंढ सकते हैं। अगर आप ज्योतिष की मदद लेते हैं तब भी आपको अपनी असफलता का मूल कारण और उसे सफलता में बदलने का तरीका भी पता लग सकता है। चलिए हर बिंदु को आपको एक एक करके समझाते हैं।

आप निःशुल्क कैलकुलेटर की मदद से भी इस विषय में और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आपको यह कैलकुलेटर हमारे इस पेज पर दिख जाएगा।

ज्योतिष के अनुसार सही बिजनेस का चुनाव /Choosing the Right Business as per astrology

एक बार जब आपको आपकी जन्मतिथि के अनुसार कुंडली में व्यवसाय के योग के बारे में पता चल जाए, तो सही व्यवसाय का चुनाव भी उसी प्रकार से करना जरूरी होता है। इसके लिए आपको एक अच्छे ज्योतिष से उस विशेष व्यवसाय का मूल्यांकन करवाना अनिवार्य है। इस मूल्यांकन की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है जब आप गलत व्यवसाय का चयन करते हैं और आपको मन चाहा परिणाम नहीं मिलता। अगर आपकी कुंडली में उस विशिष्ट व्यवसाय में धन योग नहीं है तो उस व्यवसाय को आगे बढ़ाना आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। अगर उन चारों ने किसी अच्छे ज्योतिष की मदद ली होती तो वह चारों एक साथ उसी कंपनी में काम कर रहे होते और उनके जीवन के कुछ महत्वपूर्ण समय खराब नहीं होते। मैंने आपकी सुविधा के लिए जन्म कुंडली द्वारा सही व्यवसाय चुनने के लिए एक निःशुल्क कैलकुलेटर भी बनाया है जिसे आप इस पेज पर देख सकते हैं। यदि आप जन्मतिथि के आधार पर नया व्यवसाय /Business as per date of birth चुनने या ज्योतिष के अनुसार नया व्यवसाय शुरू करने का सोच रहे हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

ज्योतिष के अनुसार सही बिजनेस का चुनाव /Choosing the Right Business as per astrology

एक बार जब आपको आपकी जन्मतिथि के अनुसार कुंडली में व्यवसाय के योग के बारे में पता चल जाए, तो सही व्यवसाय का चुनाव भी उसी प्रकार से करना जरूरी होता है। इसके लिए आपको एक अच्छे ज्योतिष से उस विशेष व्यवसाय का मूल्यांकन करवाना अनिवार्य है। इस मूल्यांकन की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है जब आप गलत व्यवसाय का चयन करते हैं और आपको मन चाहा परिणाम नहीं मिलता। अगर आपकी कुंडली में उस विशिष्ट व्यवसाय में धन योग नहीं है तो उस व्यवसाय को आगे बढ़ाना आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। अगर उन चारों ने किसी अच्छे ज्योतिष की मदद ली होती तो वह चारों एक साथ उसी कंपनी में काम कर रहे होते और उनके जीवन के कुछ महत्वपूर्ण समय खराब नहीं होते। मैंने आपकी सुविधा के लिए जन्म कुंडली द्वारा सही व्यवसाय चुनने के लिए एक निःशुल्क कैलकुलेटर भी बनाया है जिसे आप इस पेज पर देख सकते हैं। यदि आप जन्मतिथि के आधार पर नया व्यवसाय /Business as per date of birth चुनने या ज्योतिष के अनुसार नया व्यवसाय शुरू करने का सोच रहे हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

इस कदम के बाद आपको अपने बिजनेस के लिए एक शुभ नाम ढूंढना होगा। इस बात का ध्यान रहे की आपके बिजनेस का नाम ज्योतिष के अनुसार ही हो। बिजनेस का नाम चुनना एक बच्चे के नाम करण जितना ही महत्वपूर्ण है क्योंकि आगे चलकर यही इसकी पहचान बनती है। अगर आपको भी अपने व्यवसाय के लिए नाम चुनने में परेशानी हो रही है तो आपको इस लेख को पूरा पढ़ना चाहिए।

ज्योतिष के अनुसार व्यवसाय के नाम का चयन /Business name selection: astrologically

एक अच्छा नाम आपके व्यवसाय की सफलता में 40 प्रतिशत का भागीदार होता है। यदि आप अपने व्यवसाय का कोई गलत नाम चुनते हैं तब आपको इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। ऊपर दिए गए उदाहरण में संजय मोदी ने अपनी कंपनी का नाम बदल दिया था जिसके कारण उसे सफलता भी प्राप्त हुई थी। यदि आपके पास अपने व्यवसाय के नाम को बदलने का मौका है तब मेरी सलाह यही है कि आप किसी अच्छे ज्योतिषी से परामर्श करके अपने बिजनेस का नाम बदल लें। अगर आपको अपने व्यवसाय के लिए कोई अच्छा नाम ढूंढने में परेशानी हो रही है तो आप मेरे द्वारा इस विषय में लिखा गया लेख भी पढ़ सकते हैं। इस पेज पर मौजूद निःशुल्क कैलकुलेटर का प्रयोग करके भी आप इस विषय में और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कैलकुलेटर आपके वर्तमान बिजनेस के नाम की अनुकूलता/Business name compatibility के बारे में जानकारी दे सकता है।

ज्योतिष के अनुसार व्यवसाय के नाम का चयन /Business name selection: astrologically

एक अच्छा नाम आपके व्यवसाय की सफलता में 40 प्रतिशत का भागीदार होता है। यदि आप अपने व्यवसाय का कोई गलत नाम चुनते हैं तब आपको इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। ऊपर दिए गए उदाहरण में संजय मोदी ने अपनी कंपनी का नाम बदल दिया था जिसके कारण उसे सफलता भी प्राप्त हुई थी। यदि आपके पास अपने व्यवसाय के नाम को बदलने का मौका है तब मेरी सलाह यही है कि आप किसी अच्छे ज्योतिषी से परामर्श करके अपने बिजनेस का नाम बदल लें। अगर आपको अपने व्यवसाय के लिए कोई अच्छा नाम ढूंढने में परेशानी हो रही है तो आप मेरे द्वारा इस विषय में लिखा गया लेख भी पढ़ सकते हैं। इस पेज पर मौजूद निःशुल्क कैलकुलेटर का प्रयोग करके भी आप इस विषय में और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कैलकुलेटर आपके वर्तमान बिजनेस के नाम की अनुकूलता/Business name compatibility के बारे में जानकारी दे सकता है।

इसके बाद प्रश्न उत्पन्न होता है कि आप बिजनेस को अकेले करें या फिर आपको किसी साझेदार की जरूरत है। इस प्रश्न के जवाब ढूंढने में ज्योतिष आपकी सहायता कर सकते हैं। चलिए इस बात को और गहराई से समझते हैं। इस विषय में विस्तृत जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर इसका अलग से पृष्ठ बना हुआ है।

ज्योतिष के अनुसार बिजनेस साझेदारी का निर्णय/ Decision of Business Partnership – Astrologically

हर व्यक्ति सभी काम में कुशल नहीं हो सकता। उसे किसी ना किसी कदम पर साझेदारी या फिर साथी की जरूरत पड़ती है। और अगर आप अपने बिजनेस को बढ़ा रहे हैं तो इस स्थिति में आपके लिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप किसी साझेदार को अपने साथ जोड़े। लेकिन किसी को भी उसकी साझेदारी अनुकूलता जाने बिना अपने साथ जोड़ने पर आपको अपने व्यवसाय में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऊपर के उदाहरण में देखें तो अच्छे मित्र मिलकर भी एक व्यवसाय को नहीं चला पाए। इस मामले में असहमति कोई कारण नहीं है, लेकिन इसका सीधा सीधा संबंध आपकी कुंडली और ग्रहों की दशा से है। यहाँ पर सबसे महत्वपूर्ण पहलू बिजनेस साझेदारी है जो सिर्फ ज्योतिष के जरिए ही जाना जे सकता है। इसी कारणवश किसी भी व्यक्ति को अपना साझेदार बनाने से पहले उनकी अनुकूलता की जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति की कुंडली के लिए अलग व्यवसाय योग होता है।

ज्योतिष के अनुसार बिजनेस साझेदारी का निर्णय/ Decision of Business Partnership – Astrologically

हर व्यक्ति सभी काम में कुशल नहीं हो सकता। उसे किसी ना किसी कदम पर साझेदारी या फिर साथी की जरूरत पड़ती है। और अगर आप अपने बिजनेस को बढ़ा रहे हैं तो इस स्थिति में आपके लिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप किसी साझेदार को अपने साथ जोड़े। लेकिन किसी को भी उसकी साझेदारी अनुकूलता जाने बिना अपने साथ जोड़ने पर आपको अपने व्यवसाय में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऊपर के उदाहरण में देखें तो अच्छे मित्र मिलकर भी एक व्यवसाय को नहीं चला पाए। इस मामले में असहमति कोई कारण नहीं है, लेकिन इसका सीधा सीधा संबंध आपकी कुंडली और ग्रहों की दशा से है। यहाँ पर सबसे महत्वपूर्ण पहलू बिजनेस साझेदारी है जो सिर्फ ज्योतिष के जरिए ही जाना जे सकता है। इसी कारणवश किसी भी व्यक्ति को अपना साझेदार बनाने से पहले उनकी अनुकूलता की जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति की कुंडली के लिए अलग व्यवसाय योग होता है।

इसका निष्कर्ष यह निकलता है कि सही साझेदार की खोज के लिए ज्योतिष आपकी सहायता कर सकता है। अगर आप साझेदारी अनुकूलते के बारे में और जानकारी पाना चाहते हैं तो मेरे द्वारा लिखा हुआ भी लेख पढ़ सकते हैं। इस लेख को पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक करें।

अगला चरण नए व्यवसाय को शुरू करने के समय का फैसला है। इस समय भी ज्योतिष /Business Astrology आपको बिजनेस में सही निर्णय लेने में सहायता करता है। इस विषय में और जानतरी प्राप्त करने के लिए इस लेख को पढ़ना जारी रखें।

नया बिजनेस स्टार्टअप / विचार

नए बिजनेस का मूल्यांकन सबसे अलग तरह से किया जाता है। नए बिजनेस का मूल्यांकन पुराने बिजनेस के मूल्यांकन से अलग होता है। आपने ऊपर देखा ही था कि चारों ने हर एक कदम फूंक फूंक कर रखा था, हर नियम का पालन किया था और सफल व्यापारियों से प्रेरणा लेकर ही अपने अपने बिजनेस में निर्णय लिए लेकिन अंत में वह विफल रहे। इसी प्रकार सभी व्यक्तियों के लिए बिजनेस का तरीका और मूल्यांकन अलग अलग होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर व्यक्ति की कुंडली और उसमें बने हुए संयोजन दूसरों से अलग होते हैं।

नया बिजनेस स्टार्टअप / विचार

नए बिजनेस का मूल्यांकन सबसे अलग तरह से किया जाता है। नए बिजनेस का मूल्यांकन पुराने बिजनेस के मूल्यांकन से अलग होता है। आपने ऊपर देखा ही था कि चारों ने हर एक कदम फूंक फूंक कर रखा था, हर नियम का पालन किया था और सफल व्यापारियों से प्रेरणा लेकर ही अपने अपने बिजनेस में निर्णय लिए लेकिन अंत में वह विफल रहे। इसी प्रकार सभी व्यक्तियों के लिए बिजनेस का तरीका और मूल्यांकन अलग अलग होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर व्यक्ति की कुंडली और उसमें बने हुए संयोजन दूसरों से अलग होते हैं।

आपके और आपके बिजनेस के भविष्य के बारे में आपकी जन्म कुंडली से पता लगाया जा सकता है। मैने नए बिजनेस और उससे जुड़ी हुई समस्याओं पर एक व्यापक शोध किया है जिसे आप हमारे इस पेज से पढ़ सकते हैं। इसे पढ़ कर समझें और अपने लिए ज्योतिष के अनुसार उत्तम व्यवसाय /Business as per astrology का चुनाव करें।

हाल ही में आउटलुक इंडिया में प्रकाशित लेख – "Success of new business ideas" हमारे समाचार अनुभाग में जा कर पढ़ सकते हैं।

जन्म कुंडली के आधार पर बिजनेस को कैसे बढ़ाएं/ Decision of Business Expansion-seen through the birth chart

उन चारों मित्रों ने अपने कौशल को ध्यान में रखते हुए अपनी कंपनी की स्थापना की थी। लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे। जो भी उन्होंने अपने बिजनेस को लेकर सोचा था वैसा नहीं हुआ और उन्हें अपना बिजनेस बंद करना पड़ा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बिजनेस में समय का सबसे ज्यादा महत्व होता है। कुछ लोग अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त करते हैं और वहीं दूसरी तरफ वही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में विफल रहते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बिजनेस को खोलना बड़ी बात नहीं हैं लेकिन उसे उसे बढ़ाना और आगे बढ़ाना बहुत बड़ी बात है।

जन्म कुंडली के आधार पर बिजनेस को कैसे बढ़ाएं/ Decision of Business Expansion-seen through the birth chart

उन चारों मित्रों ने अपने कौशल को ध्यान में रखते हुए अपनी कंपनी की स्थापना की थी। लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे। जो भी उन्होंने अपने बिजनेस को लेकर सोचा था वैसा नहीं हुआ और उन्हें अपना बिजनेस बंद करना पड़ा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बिजनेस में समय का सबसे ज्यादा महत्व होता है। कुछ लोग अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त करते हैं और वहीं दूसरी तरफ वही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में विफल रहते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बिजनेस को खोलना बड़ी बात नहीं हैं लेकिन उसे उसे बढ़ाना और आगे बढ़ाना बहुत बड़ी बात है।

ज्योतिष /Business Astrology की मदद से आप अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं। ऊपर के लेख में मैंने इसी बात को बारीकी से समझाने का प्रयास भी किया है। अगर आपकी कुंडली में बिजनेस का योग है तो मैं आपके बिजनेस के भविष्य के बारे में आपको आसानी से बता सकता हूँ। आप हमारे इस पेज पर मौजूद निःशुल्क कैलकुलेटर का प्रयोग करके भी अपनी कुंडली में बिजनेस के योग के बारे में जान सकते हैं।

ज्योतिष बिजनेस की सफलता में कैसे सहायक होता है?/ How astrology helps in business success?

ज़रा सोचिए की आपने बिजनेस के अच्छे भविष्य के लिए वह सभी जरूरी कदम उठाए जिससे आपको सफलता प्राप्त हो सकती थी, लेकिन अंत में आप असफल रहे। तब उस स्थिति में क्या करें। क्या आप उस समय अपने फैसले को कोसें या फिर अपनी कुंडली का आकलन करवा कर इस समस्या का समाधान खोजें। इस स्थिति में दूसरा विकल्प आपके लिए सबसे बेहतर साबित हो सकता है। ग्रह, दशा, गोचर, और पीड़ित ग्रह और उनके संयोजन ही आपके बिजनेस में उतार चढ़ाव के लिए जिम्मेदार होते हैं। यदि किसी व्यापारी की कुंडली का आकलन सही तरीके से किया जाए तब उस व्यापारी को बिजनेस में असफलता के कारण और उसके हल के बारे में आसानी से पता चल सकता है। हम इसी विषय को आगे समझाने का प्रयास करने वाले हैं।

बिजनेस में गिरावट - क्या ज्योतिष मदद कर सकता है?/ Fall in business-can astrology help?

बिजनेस की हर समस्या का समाधान आपको ज्योतिष में मिल जाएगा। इसके लिए आपकी कुंडली में दिए गए संकेतों को जान कर उसी दशा में काम करना आपके लिए अनिवार्य है। यदि हम गोचर और दशा के अनुसार कोई कदम नहीं उठाते हैं तब हमें अपनी इच्छा अनुसार फल भी प्राप्त नहीं होता है। मुझे उन लोगों की सहायता करने में बेहद खुशी होगी जिनका बिजनेस या तो अच्छा नहीं चल रहा है या फिर वह अपने हर कदम पर विफल होते जा रहे हैं। मैं कुंडली का आकलन जन्मतिथि के आधार पर करता हूँ जिससे बिजनेस में आ रही परेशानियों का हल आसानी से मिल जाता है। मैं आपकी कुंडली को देखकर उन ग्रह और भाव का पता लगाना चाहता हूँ जो आपके बिजनेस और सफलता के बीच अड़चन डालते हैं। इन सभी का आंकलन करने के बाद मैं आपको कुछ सरल उपाय बताऊंगा जो आपके कर्मों को सुधारने में आपकी सहायता करेगी। उन उपायों को करने के पश्चात आपको अपने बिजनेस में सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी।

बिजनेस में गिरावट - क्या ज्योतिष मदद कर सकता है?/ Fall in business-can astrology help?

बिजनेस की हर समस्या का समाधान आपको ज्योतिष में मिल जाएगा। इसके लिए आपकी कुंडली में दिए गए संकेतों को जान कर उसी दशा में काम करना आपके लिए अनिवार्य है। यदि हम गोचर और दशा के अनुसार कोई कदम नहीं उठाते हैं तब हमें अपनी इच्छा अनुसार फल भी प्राप्त नहीं होता है। मुझे उन लोगों की सहायता करने में बेहद खुशी होगी जिनका बिजनेस या तो अच्छा नहीं चल रहा है या फिर वह अपने हर कदम पर विफल होते जा रहे हैं। मैं कुंडली का आकलन जन्मतिथि के आधार पर करता हूँ जिससे बिजनेस में आ रही परेशानियों का हल आसानी से मिल जाता है। मैं आपकी कुंडली को देखकर उन ग्रह और भाव का पता लगाना चाहता हूँ जो आपके बिजनेस और सफलता के बीच अड़चन डालते हैं। इन सभी का आंकलन करने के बाद मैं आपको कुछ सरल उपाय बताऊंगा जो आपके कर्मों को सुधारने में आपकी सहायता करेगी। उन उपायों को करने के पश्चात आपको अपने बिजनेस में सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी।

लेकिन आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि यह कोई रस्म या रिवाज नहीं है। कर्म का सुधार/ Karma Correction आपके और आपके बिजनेस के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। अगर आप अपने व्यवसाय में किसी भी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं तब आपको हमारी वेबसाइट पर मौजूद बिजनेस से संबंधित लेख पढ़ने की आवश्यकता है।

आप सभी व्यापारियों के लिए मैंने एक निःशुल्क कैलकुलेटर बनाया है जो आपको आपके बिजनेस में आने वाली समस्या के बारे में आपको पहले से ही सूचित कर देगा। मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूँ कि किसी व्यवसाय को बरकरार रखना उसे बढ़ाने से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित 'Astrology for business success' लेख को पढने के लिए नीचे समाचार विभाग में मौजूद लिंक पर क्लिक करें।

पारिवारिक बिजनेस करने का योग/ Yogas to do Parental Business

अभी तक जो भी आपने पढा वह इस विषय से एक दम अलग है। अभी तक का लेख उन लोगों के लिए था जो या तो अपना बिजनेस शुरू करने का सोच रहे थे या फिर जिन्हें अपने वर्तमान बिजनेस में परेशानियां आ रही है। लेकिन अब यह विषय उन लोगों के लिए है जो पारिवारिक बिजनेस या फैमिली बिजनेस में अपने भविष्य की संभावना को तलाश रहे हैं। ज्योतिष में कुछ ऐसे ज्योतिषीय उपकरण है जिसकी सहायता से आप अपने पारिवारिक बिजनेस में सफलता की संभावना का पता लगा सकते हैं। यह उपकरण बाकी दूसरे उपकरणों से अलग हैं। इस बात को कोई नकार नहीं सकता कि हर व्यक्ति अपने फैमिली बिजनेस में सफल नहीं हो सकता। ज्योतिष में कुछ ग्रह और भाव हैं जिनके संयोजन से व्यक्ति के फैमिली बिजनेस में सफलता के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। मैं आशा कर रहा हूँ की अभी तक इस लेख में लिखी हर बात आप सभी को समझ आ गई होगी।

मैं कुछ मामलों में साक्षात गवाह हूँ कि ज्योतिष ने उन लोगों के बिजनेस को फर्श से उठा कर अर्श पर खड़ा कर दिया है जिन्होंने इस पर भरोसा जताया है। उनकी बातों के आधार पर मैंने इस विषय पर गहन शोध की है। अगर आप पारिवारिक बिजनेस के बारे में और भी ज्यादा बातें जानने के इच्छुक हैं तो आप मेरे द्वारा इस विषय पर लिखा गया लेख भी पढ़ सकते हैं। यदि आपने इस लेख को पूरा पढ़ा होगा तब आपने देखा होगा कि संजय मोदी का पारिवारिक बिजनेस अच्छा चल रहा था फिर भी उसने अपने व्यवसाय में निवेश किया और सफल हुआ। वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र शाह ने अपने पारिवारिक बिजनेस को चुना और वह उसमें सफलता प्राप्त की। आपको अपनी सफलता का संकेत अपनी जन्म कुंडली से ही मिल जाएगा। आप हमारे इस पेज पर मौजूद निःशुल्क कैलकुलेटर का प्रयोग करके भी अपने बिजनेस योग के बारे में पता लगा सकते हैं।

निष्कर्ष – बिजनेस करना एक बहुत महत्वपूर्ण और अच्छा कदम होता है। अपने सबसे अच्छे कौशल का प्रयोग करके अपने बिजनेस को सफल बनाने का प्रयास करना चाहिए। लेकिन कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से पहले एक अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेना आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हर निर्णय को लेने का एक निश्चित समय होता है। अगर आपने कोई निर्णय गलत समय पर लिया है तब आपको असफलता का सामना भी करना पड़ सकता है। एक अच्छे ज्योतिषी से परामर्श करने पर आपके हर समस्या और उलझन का समाधान ज्योतिष के अनुसार मिल जाएगा। मुझे लगता है कि मेरे द्वारा लिखे गए इस लेख से आपकी काफी सारी परेशानियों का हल मिल गया होगा।

 फिर भी, किसी विशिष्ट व्यावसायिक समस्या के लिए, आप निम्नलिखित तरीकों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं:

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नवीनतम ज्योतिष समाचार: डॉ विनय बजरंगी

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