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	<title>विजया एकादशी कथा : श्री राम को मिला लंका पर विजय का आशीर्वाद</title>
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	<description><![CDATA[फाल्गुन माह में आने वाली कृष्ण पक्ष के समय की एकादशी विजया एकादशी के नाम से पूजनीय है। विजया एकादशी के दिन श्री हरि का पूजन तो किया ही जाता है साथ ही इस दिन श्री राम जी का पूजन भी विशेष होता है। जय और विजय नामक की ये दो एकादशियां भगवान श्री विष्णु के द्वारपालों के नाम पर रही हैं जो बैकुंठ लोक में भगवान के द्वारपाल माने गए हैं। जिनमें से पहली जया एकादशी माघ माह में आती है और उसके तुरंत बाद विजया एकादशी फाल्गुन माह में आती है। विजया एकादशी का संबंध भी त्रेता युग की श्री राम कथा से खास तौर पर जुड़ा हुआ माना गया है। शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार विजया एकादशी का व्रत करने से भक्त के सभी कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं। जीवन में विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा मोक्ष का सुख भी भक्ति को मिलता है। भगवान श्री राम ने स्वयं इस व्रत की महत्ता को सभी के समक्ष रखा आइये जानें कैसे इस व्रत के शुभ प्रभाव से मिलता है विजय श्री का वरदान।]]></description>
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        <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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