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	<title>वामन जयंती 2025 : ज्योतिष अनुसार जानें इस दिन का महत्व</title>
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	<description><![CDATA[भाद्रपद माह में जहां जन्माष्टमी श्री विष्णु के अवतार का समय होता है वहीं शुक्ल पक्ष के दौरान मनाई जाने वाली वामन जयंती श्री विष्णु के पांचवें अवतार का समय माना गया है। यह भगवान का वो रुप है जिसमें उन्होंने बौने ब्राह्मण का रूप लिया और राजा बलि को पाताल लोक में स्थापित किया। इस दिन को ज्योतिष शास्त्र ओर धार्मिक अनुष्ठान दोनों ही रूपों में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। कथाओं के अनुसार भगवान वामन ने असुरराज बलि के अहंकार का विनाश कर शुभता को स्थापना किया धर्म पक्ष को मजबूत किया इस अवतार को भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतारों में से एक माना जाता है। वामन भगवान ने एक ब्राह्मण बालक के रूप में जन्म लिया और तीन पग में संपूर्ण सृष्टि को नाप कर बलि को उसका स्थान दिखाया। इसके पीछे उद्देश्य अहंकार का दमन और भक्त को उसका उचित स्थान देना था। वामन जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह अधर्म पर धर्म की विजय और भगवान की करुणा का प्रतीक भी है। इस दिन का व्रत और पूजा जीवन में विनम्रता, भक्ति और धर्म की भावना को बल देता है। आइये जान लेते हैं वामन जयंती का शुभ पूजा मुहूर्त समय और ज्योतिष अनुसार इस की विशेषता।]]></description>
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        <title><![CDATA[वामन जयंती 2025 : ज्योतिष अनुसार जानें इस दिन का महत्व]]></title>
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        <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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