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	<title>तुला संक्रांति 2025: नोट कर लें पुण्यकाल मुहूर्त और ज्योतिष प्रभाव</title>
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	<description><![CDATA[सूर्य संक्रांति का एक मुख्य बिंदू है सूर्य की तुला संक्रांति। हर साल अक्टूबर माह के मध्य के दौरान जब सूर्य का तुला राशि में प्रवेश होता है तो इस समय को तुला संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। देश भर में इस दिन को अलग अलग नामों से पूजा जाता है। कुछ इस दिन को संक्रांति पूजा के रुप में मनाते हैं तो कुछ के लिए सूर्य संक्रांति का समय होता है। वैसे देश भर में ही तुला संक्रांति के दिन पूजा पाठ मंत्र जप स्नान दान करने की परंपरा रही है पर इस दिन विशेष के दौरान ज्योतिष अनुसार कुछ कामों को कर लेने से सूर्य की जो खास स्थिति इस दौरान बनती है उसके सकारात्मक परिणाम ही हमे मिलते हैं। सूर्य का तुला राशि संक्रमण काल ज्योतिष के अनुसार सूर्य की निर्बल स्थिति का परिचायक भी होता है, यहां शरद ऋतु का असर दिखना आरंभ हो जाता है। मौसम करवट बदलने लगता है और प्रकृति पर भी इसका रंग अलग से दिखाई देता है: सूर्य की तपिश अब कम होने लगती है ओर एक शीतलता का आगमन होने लगता है। धर्म शास्त्रों में इस विशेष समय पर किए जाने वाले कार्यों से न केवल शरीर रोग मुक्त रहता है साथ ही साथ वातावरण भी अनुकूल तरीके से अपना असर दिखाता है। आइये जान लेते हैं इस साल कब मनाई जाएगी तुला संक्रांति और इस दिन का पुण्यकाल कब होगा।]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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