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	<title>महाविद्या तारा गुप्त नवरात्रि पूजा: देवी तारा के आशीर्वाद से श्री रामचंद्र को मिली रावण पर विजय</title>
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	<description><![CDATA[गुप्त नवरात्रि के समय तारा पूजन बहुत खास होता है। देवी तारा हिन्दू धर्म की दस महाविद्याओं में एक प्रमुख देवी हैं जिन्हें तंत्र मार्ग की प्राप्ति के लिए साधक अपनाते हैं। तांत्रिक क्रिया से इतर देवी का पूजन एक रहस्यमयी शक्ति के रूप में भी होता है। देवी को तारण करने उद्धार करने वाली देवी कहा गया है। गुप्त नवरात्रि पर दस महाविद्याओं के पूजन में जब देवी तारा का पूजन किया जाता है तो साधक के शक्ति बल में वृद्धि होती है। देवी तारा का पूजन संकटों को दूर करने वाला और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला है। देवी का संबंध भगवान श्री राम और सूर्य देव से भी संबंधित माना गया है। मान्यताओं के अनुसार श्री राम जी देवी तारा की शक्तियों से रावण को परास्त कर पाते हैं। वहीं सूर्य देव देवी के मस्तक पर विराजमान हैं। देवी के पूजन एवं अनुष्ठान द्वारा भक्त अपने जीवन के कठिन से कठिन क्षण को भी सुख में बदल सकता है। देवी साधना विरोधियों को परास्त करने, विजय प्राप्ति एवं ज्ञान को पाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।]]></description>
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        <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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