<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	>
<channel>
	<title>श्रावण पुत्रदा एकादशी: तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व</title>
	<atom:link href="https://www.vinaybajrangi.com/feed/blog/shravan-putrada-ekadashi" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.vinaybajrangi.com/blog/shravan-putrada-ekadashi</link>
	<description><![CDATA[सावन माह में आने वाली एकादशी तिथि का संबंध शास्त्रों में मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला बताया गया है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी या सावन पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का महत्व संतान सुख, वंश वृद्धि और वंशागत होने वाले दोषों से मुक्ति के लिए खास होता है। एकादशी व्रत हर माह आता है जिसका मूल अर्थ मोक्ष और शुभ कर्मों की प्राप्ति में निहित है लेकिन अगर एक अन्य बात की ओर ध्यान दिया जाए तो हर माह आने वाला एकादशी का व्रत किसी न किसी विशेष मनोकामना से भी जुड़ा हुआ माना गया है। इसी आधार पर सावन माह में आने वाले शुक्ल पक्ष की एकादशी को संतान प्राप्ति के लिए विशेष समय माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने, पूजा पाठ एवं अन्य ज्योतिषीय उपायों को कर लेने से निसंतान दंपतियों को संतान का सुख अवश्य मिलता है। इस व्रत को बच्चों की खुशी उनकी प्राप्ति के लिए किया जाता है। व्रत संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।]]></description>
	<lastBuildDate>Sun, 03 May 2026 21:40:44 GMT</lastBuildDate>
	<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.3</generator>
    
      <item>
        <title><![CDATA[श्रावण पुत्रदा एकादशी: तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व]]></title>
        <link>https://www.vinaybajrangi.com/blog/shravan-putrada-ekadashi</link>
        <guid isPermaLink="true">https://www.vinaybajrangi.com/blog/shravan-putrada-ekadashi</guid>
        <description><![CDATA[सावन माह में आने वाली एकादशी तिथि का संबंध शास्त्रों में मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला बताया गया है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी या सावन पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का महत्व संतान सुख, वंश वृद्धि और वंशागत होने वाले दोषों से मुक्ति के लिए खास होता है। एकादशी व्रत हर माह आता है जिसका मूल अर्थ मोक्ष और शुभ कर्मों की प्राप्ति में निहित है लेकिन अगर एक अन्य बात की ओर ध्यान दिया जाए तो हर माह आने वाला एकादशी का व्रत किसी न किसी विशेष मनोकामना से भी जुड़ा हुआ माना गया है। इसी आधार पर सावन माह में आने वाले शुक्ल पक्ष की एकादशी को संतान प्राप्ति के लिए विशेष समय माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने, पूजा पाठ एवं अन्य ज्योतिषीय उपायों को कर लेने से निसंतान दंपतियों को संतान का सुख अवश्य मिलता है। इस व्रत को बच्चों की खुशी उनकी प्राप्ति के लिए किया जाता है। व्रत संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।]]></description>
        <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
      </item>
</channel>
</rss>