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	<title>कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि</title>
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	<description><![CDATA[कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजन विधिआश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह तिथि धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह पूर्णिमा विशेष रूप से चंद्रमा की पूर्णता, देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का अवसर देने वाली है। शरद पूर्णिमा का समय मौसम में बदलाव के आगमन को भी दिखाता है यह एक ऐसा पर्व है जो भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में कहीं इसे कोजागर पूर्णिमा, कहीं रास पूर्णिमा तो कहीं कौमुदी व्रत इत्यादि के नामों से पुकारा जाता है।शास्त्रों के अनुसार इस पूरे दिन को शुभता देने के साथ साथ जीवन को सुख समृद्धि देने वाला कहा गया है। लोक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार इस पूर्णिमा की रात्रि के समय माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और यह देखती हैं कि कौन जाग रहा है, भक्ति एवं शुभ कर्मों में लीन है। जो व्यक्ति रातभर जागरण करता है उसकी जागरूकता, भक्ति और श्रद्धा देखकर देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उसे धन-धान्य तथा समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।]]></description>
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        <title><![CDATA[कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि]]></title>
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        <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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