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	<title>शनि अस्त : अस्त शनि आपके लिए कब होता है लाभदायक और कब बनता है घातक</title>
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	<description><![CDATA[शनि देव ज्योतिष शास्त्र में सबसे अधिक कठोर ग्रह के रूप में जाने जाते हैं. शनि का असर किसी भी भयभीत कर देने वाला रहा है. शनि देव कर्म फल को देने वाले हैं और ऐसे में शनि से मिलने वाले सुख दुखों का आधार व्यक्ति के अपने स्वयं के कर्म ही होते हैं. अब शनि कुंडली में या फिर गोचर में जब अस्त होता है तब इसके प्रभाव में भी बदलाव आते हैं. शनि अस्त होने पर कुछ को राहत दे सकता है तो कुछ के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है. अब शनि किसे अनुकूल देगा और किसे परेशानी इसके लिए शनि की जन्म कुंडली में स्थिति, भाव स्थिति और कुछ अन्य बातों पर भी ध्यान देना भी जरुरी होता है जिसका पता व्यक्ति की जन्म कुंडली विश्लेषण से संभव हो पाता है. इसके अलावा सामान्य स्तर पर तो शनि के असर सभी पर पड़ते ही हैं जिनमें उसकी स्वयं की राशियां मकर राशि और कुंभ राशि विशेष रूप से प्रभावित होते हैं. इसके साथ-साथ शनि जिनके लिए योग कारक ग्रह हैं वे भी प्रभावित होते हैं, तो शनि देव अस्त होने पर किस तरह से अपना असर सभी 12 राशियों पर डालते हैं इस बात को समझने से पहले जान लेते हैं कि शनि अस्त होते क्यों हैं और आखिर शनि देव को कौन अस्त कर सकता है.]]></description>
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        <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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