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	<title>सावन माह में कालसर्प दोष पूजा : नहीं सताएगा राहु केतु का डर</title>
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	<description><![CDATA[सावन माह का समय और काल सर्प दोष शांति की स्थिति बहुत विशेष मानी गई है। कहा जाता है कि सावन माह के समय की गई शिव पूजा और सर्प पूजा से कल सर्प नामक दोष की शांति संभव मानी गई है। सावन माह के समय का विशेष महत्व माना गया है क्योंकि इस समय भगवान शिव जागृत होते हुए सृष्टि का पालन अपने कंधों पर वहन करते हैं तो ऐसे समय पर की गई काल सर्प पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र में काल सर्प योग की स्थिति को राहु केतु जैसे ग्रहों से बनने वाली खास स्थिति के रूप में देखा जाता है। राहु केतु का प्रभाव जब काल सर्प दोष बनाता है तो इसके कारण व्यक्ति को अपने जीवन के अनेक स्थानों पर समस्याओं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है काल सर्प दोष की वजह से करियर को विस्तार नहीं मिल पाता है। धन की हानि या कर्ज की स्थिति हमेशा बनी रहती है, संतान न होना, संतान होने में देरी अथवा वंश वृद्धि का योग बाधित होता है। घर परिवार में असंतोष एवं कलह की स्थिति बनी रहती है। अब इन समस्याओं से निजात पाने के लिए बहुत आवश्यक हो जाता है की काल सर्प दोष की शांति कर ली जाए।]]></description>
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        <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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