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	<title>सरस्वती पूजा 2025: क्यों की जाती है नवरात्रि में सरस्वती पूजा</title>
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	<description><![CDATA[आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली सप्तमी का दिन देवी सरस्वती के पूजन के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शक्ति के विविध स्वरूपों की पूजा अर्चना में सरस्वती का पूजन इस दौरान शुभता के साथ साथ ज्ञान का आशीर्वाद भी मिलता है। इस दिन को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। देवी सरस्वती को विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। नवरात्रि के अंतिम चार दिन सरस्वती पूजा के लिए समर्पित होते हैं, जिसमें दूसरे दिन को सरस्वती प्रधान पूजा का विशेष महत्व प्राप्त है। यह दिन एजुकेशन के लिए बहुत विशिष्ट होता है इस समय को छात्रों के लिए बहुत ही शुभदायक माना गया है। देवी का पूजन शिक्षा ज्ञान में अग्रीण स्थान दिलाने वाला होता है। धार्मिक दृष्टिकोण के साथ साथ आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक रूप से भी ये समय अत्यंत प्रभावशाली होता है। इस अवसर के दौरान विद्यार्थी, कलाकार, लेखक और संगीतज्ञ एवं ज्ञान वर्धक क्षेत्रों से जुड़े लोग देवी सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु विधि पूर्वक पूजा करते हैं और जीवन में ज्ञान और विवेक का प्रकाश प्राप्त करने की कामना करते हैं।]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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