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	<title>साल की पहली पूर्णिमा होगी पौष पूर्णिमा, जाने शुभ मुहूर्त पूजा विधान एवं महत्व</title>
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	<description><![CDATA[पौष माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि का समय पौष पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है। पौष पूर्णिमा का समय बेहद ही शुभ एवं विशेष समय होता है क्योंकि इस माह की अंतिम तिथि होने के साथ साथ ही यह तिथि माघ स्नान के आरंभ एवं कल्पवास के शुभ समय की खास तिथि होती है। पौष पूर्णिमा हिंदू धर्म में खास महत्व माना गया है और संपूर्ण भारत में इस दिन को अलग अलग परंपराओं के अनुसार मनाया भी जाता है। विशेष रूप से उत्तर भारत में पौष पूर्णिमा के समय को स्नान दान एवं पूजा अनुष्ठानों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इसी के साथ पौष माह की समाप्ति भी हो जाती है। आइये जान लेते हैं इस साल कब मनाई जाएगी पौष पूर्णिमा हिंदू पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व रहा है, इस दिन को श्रद्धालु बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखते हैं और विशेष पूजा अर्चना करते हैं। पौष पूर्णिमा का संबंध विशेष रूप से भगवान सूर्य, चंद्रमा और संगम स्थल पर मोक्ष की कामना के लिए आरंभ होने वाले माघ स्नान की विशेष स्थिति के लिए जाना जाता है। इस समय को गंगा नदी के किनारे बसे नगरों पर धार्मिक मेलों का आयोजन भी होता है एवं संगम स्थलों पर भक्तों का जमघट लग जाता है जहां सभी लोग भक्ति एवं आस्था के साथ इस दिन को मनाते हैं।]]></description>
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        <description><![CDATA[पौष माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि का समय पौष पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है। पौष पूर्णिमा का समय बेहद ही शुभ एवं विशेष समय होता है क्योंकि इस माह की अंतिम तिथि होने के साथ साथ ही यह तिथि माघ स्नान के आरंभ एवं कल्पवास के शुभ समय की खास तिथि होती है। पौष पूर्णिमा हिंदू धर्म में खास महत्व माना गया है और संपूर्ण भारत में इस दिन को अलग अलग परंपराओं के अनुसार मनाया भी जाता है। विशेष रूप से उत्तर भारत में पौष पूर्णिमा के समय को स्नान दान एवं पूजा अनुष्ठानों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इसी के साथ पौष माह की समाप्ति भी हो जाती है। आइये जान लेते हैं इस साल कब मनाई जाएगी पौष पूर्णिमा हिंदू पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व रहा है, इस दिन को श्रद्धालु बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखते हैं और विशेष पूजा अर्चना करते हैं। पौष पूर्णिमा का संबंध विशेष रूप से भगवान सूर्य, चंद्रमा और संगम स्थल पर मोक्ष की कामना के लिए आरंभ होने वाले माघ स्नान की विशेष स्थिति के लिए जाना जाता है। इस समय को गंगा नदी के किनारे बसे नगरों पर धार्मिक मेलों का आयोजन भी होता है एवं संगम स्थलों पर भक्तों का जमघट लग जाता है जहां सभी लोग भक्ति एवं आस्था के साथ इस दिन को मनाते हैं।]]></description>
        <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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