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	<title>रवि पुष्य योग तिथियां 2026</title>
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	<description><![CDATA[रवि पुष्य योग वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से बहुत ही शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है। रवि पुष्य योग दो अत्यंत महत्वपूर्ण कारकों से मिलकर बनता है इसमें वार और नक्षत्र की विशेष भूमिका होती है खास क्योंकि रविवार और पुष्य नक्षत्र के होने पर बनता है रवि पुष्य योग। इस योग में कुछ कामों को करने से मिलता है विशेष लाभ और पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों की श्रेणी में विशेष शुभ और प्रिय नक्षत्र भी माना गया है। रविवार के दिन को सूर्य देव का दिन माना जाता है और ज्योतिष में सूर्य नवग्रहों में राजा के समान बल रखता है। अब जब दोनों एक साथ आते हैं तो एनर्जी, शक्ति, तेज और सफलता के कारक बन जाते हैं। जब ये दोनों एक साथ आते हैं तब निर्मित होने वाला रवि पुष्य योग अपने आप में अत्यंत मंगलकारी प्रभावों से भरा माना जाता है। यह योग केवल काम की सिद्धि में सहायक ही नहीं होता है, अपितु व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक और व्यवहारिक जीवन में भी शुभता लाता है। यह एक ऐसा योग है जो एजुकेशन, मेडिकल, बिजनेस अथवा या व्यक्तिगत जीवन से संबंधित हर प्रकार के कामों को अनुकूल बनाने में सहायक होता है]]></description>
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        <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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