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	<title>फाल्गुन अमावस्या : पितृ दोष की शांति के लिए क्यों है इतनी खास फाल्गुन अमावस्या</title>
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	<description><![CDATA[हिंदू पंचांग अनुसार फाल्गुन माह में आने वाली अमावस्या तिथि को फाल्गुन अमावस्या के नाम से मनाया जाता है। फाल्गुन अमावस्या के दिन विशेष रूप से स्नान, दान, एवं तर्पण इत्यादि के कार्यों को मुख्य रूप से किया जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के साथ साथ धर्म स्थलों में अनुष्ठा एवं श्राद्ध संबंधी धार्मिक कार्यों को करते हैं। शास्त्रों के अनुसार अमावस्या का समय पितरों के पूजन के लिए विशिष्ट समय होता है। फाल्गुन अमावस्या साल भर में आने वाली कुछ विशेष अमावस्याओं में से एक होती है। ये अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार ये सबसे आखिर में आने वाली अमावस्या तिथि भी होती है और इस दिन किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व भी विशेष माना गया है। इस अमावस्या तिथि के दिन पूजा-अर्चना करने के साथ साथ पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कार्य भी किया जाता है।]]></description>
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        <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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