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	<title>पापाकुंशा एकादशी 2025: नोट कर लें डेट शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title>
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	<description><![CDATA[पापाकुंशा एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। समस्त एकादशियों की ही तरह इस एकादशी का भी अलग ही महत्व है जिसके प्रभाव से व्यक्ति अपने पापों से मुक्त होने का वरदान पाता है। भगवान श्री विष्णु को समर्पित एकादशी भक्तों के लिए बहुत ही श्रेष्ठ मानी गई है। इस दिन श्रद्धा एवं भक्ति से भक्त लोग श्री हरि का पूजन करते हुए समस्त पापों का कर पाने में सक्षम होते हैं। इस के प्रभाव से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भक्त जल्दी उठकर स्नान करके भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा करते हैं। पीले फूल, तुलसी पत्र, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित कर ॐ नम: भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप किया जाता है। कुछ लोग इस दिन शालग्राम शिला की पूजा भी करते हैं। रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। एकादशी के दिन अन्न का त्याग कर फलाहार करना श्रेष्ठ माना गया है। आइये अब जान लेते हैं पापाकुंशा एकादशी कब मनाई जाएगी और पूजा सबंधित नियम।]]></description>
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        <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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