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	<title>मंगल केतु का योग सिंह राशि में जानें आपकी राशि पर क्या होगा इसका असर</title>
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	<description><![CDATA[मंगल और केतु का युति योग सिंह राशि में होना विशेष ज्योतिषीय स्थिति होती है। ग्रह गोचर में होने वाले बदलाव जब कुछ खास योग बनाते हैं तो इसका असर सभी पर पड़ता है। मंगल केतु का योग एक विशेष प्रभाव देने वाली स्थिति है क्योंकि ये दोनों ग्रह जब एक साथ होते हैं तो अग्नि तत्व को बढ़ाने वाले होते हैं ऐसे में सिंह राशि में इनका एक साथ होना उफान लाने वाला होता है। मंगल ग्रह पराक्रम, साहस, ऊर्जा, युद्ध, अग्नि, गुस्सा, प्रतिस्पर्धा, भूमि, तकनीक और भाई बंधुओं से संबंधित होता है। दूसरी और केतु विरक्ति का ग्रह है, केतु छाया ग्रह है जो करियर, मोक्ष, आध्यात्मिकता, भ्रम, पिछले जन्म के कर्मों का प्रतिनिधित्व करता है। केतु भौतिक दुनिया से अलग थलग कर देने वाला और भ्रम की स्थिति भी देता है। अब जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं सिंह राशि में तो यह योग कई तरह के विशेष प्रभाव देने वाला होता है।]]></description>
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        <title><![CDATA[मंगल केतु का योग सिंह राशि में जानें आपकी राशि पर क्या होगा इसका असर]]></title>
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        <description><![CDATA[मंगल और केतु का युति योग सिंह राशि में होना विशेष ज्योतिषीय स्थिति होती है। ग्रह गोचर में होने वाले बदलाव जब कुछ खास योग बनाते हैं तो इसका असर सभी पर पड़ता है। मंगल केतु का योग एक विशेष प्रभाव देने वाली स्थिति है क्योंकि ये दोनों ग्रह जब एक साथ होते हैं तो अग्नि तत्व को बढ़ाने वाले होते हैं ऐसे में सिंह राशि में इनका एक साथ होना उफान लाने वाला होता है। मंगल ग्रह पराक्रम, साहस, ऊर्जा, युद्ध, अग्नि, गुस्सा, प्रतिस्पर्धा, भूमि, तकनीक और भाई बंधुओं से संबंधित होता है। दूसरी और केतु विरक्ति का ग्रह है, केतु छाया ग्रह है जो करियर, मोक्ष, आध्यात्मिकता, भ्रम, पिछले जन्म के कर्मों का प्रतिनिधित्व करता है। केतु भौतिक दुनिया से अलग थलग कर देने वाला और भ्रम की स्थिति भी देता है। अब जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं सिंह राशि में तो यह योग कई तरह के विशेष प्रभाव देने वाला होता है।]]></description>
        <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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