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	<title>Mangal Kanya Rashi Gochar : अंगारक योग की समाप्ति के साथ मंगल-शनि का समसप्तक योग क्या मिलेगी राहत?</title>
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	<description><![CDATA[मंगल का अब प्रभाव कन्या राशि में होने जा रहा है, इस समय जहां मंगल ओर केतु की युति से बना अंगारक योग समाप्त होगा तो वहीं मंगल का कन्या में जाना शनि के साथ दृष्टि संबंधों को बनाएगा। ऎसे में आने वाली राहें क्या आसन होंगी या नहीं इसके लिए जन्म कुंडली के ग्रह योग तो अपना असर डालते ही हैं इसके अलावा मंगल शनि के आपसी संबंध और इनकी राशि स्थिति भी अपना एक विशेष प्रभाव डालने वाली होती है। अब जहां कुछ मामलों में राहत मिल सकती है वहीं कुछ अन्य स्थानों पर कुछ चिंता और स्थिरता भी आ सकती है। मंगल का कन्या राशि में प्रवेश का समय देश और विश्व के पलट पर अपनी नई रूपरेखा दर्शाने वाला होगा। इस दौरान मंगल अग्नि तत्व सिंह से निकल कर बुध के स्वामित्व की कन्या राशि में होगा तो स्थिरता, कुछ ठहराव, अधिक सोच विचार और गहराई से चीजों को परखने की कुशलता भी देगा।अब इस गोचर के दौरान मंगल शनि के साथ समसप्तक योग बनाएगा जिसे आमने-सामने की दृष्टि या फिर कुछ टकराहट भी कहा जा सकता है। मंगल-शनि की दृष्टि टकराव अभी भी मानसिक व सामाजिक अशांति पैदा कर सकती है इसलिए इस समय को भी हमें संभल कर और धैर्य के साथ बिताने की आवश्यकता भी पड़ेगी।]]></description>
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        <title><![CDATA[Mangal Kanya Rashi Gochar : अंगारक योग की समाप्ति के साथ मंगल-शनि का समसप्तक योग क्या मिलेगी राहत?]]></title>
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        <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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