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	<title>मंगल और केतु युति का सभी राशियों पर प्रभाव</title>
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	<description><![CDATA[ज्योतिष शास्त्र मंगल और केतु का युति योग बदलाव और विस्फोट स्थिति को देने वाला होता है। मंगल-केतु की युति के चलते कई तरह के परिवर्तनकारी स्थितियां देखने को मिलती है। इन दोनों का साथ में होने असाधारण घटनाओं को देखा जा सकता है। जब ये दोनों ग्रह युति में आते हैं, तो सभी राशियों पर प्रभाव डालते हैं। इन दोनों ग्रहों के असर से आक्रामकता, क्रोध, तेजी और जिद की अधिकता देखने को मिलती है। मंगल ग्रह जो उत्साह, जोश, क्रिया, ऊर्जा और आक्रामकता से भरा है, केतु को चंद्रमा के दक्षिण नोड के रूप में जाना जाता है और इसे आध्यात्मिकता, वैराग्य और कर्म संबंधी कारकों का प्रतीक माना गया है। मंगल केतु की युति चुनौतियों और आगे बढ़ने की इच्छा पर अपना असर डालता है। अब इन दोनों ग्रहों के योग को अंगारक योग के नाम से भी जाना गया है क्योंकि दोनों ही ग्रह अग्नि तत्व से संबंध बनाते हैं जिसके चलते इनका असर कठोर परिणामों को देने वाला होता है। आगे हम इस बात की बारीकियों पर चर्चा करेंगे कि यह योग प्रत्येक राशि पर कैसे काम करता है, साथ ही जानेंगे डॉ. विनय बजरंगी जी के विचारों को विस्तार पूर्वक जो इस युति योग को बेहतर तरीके से समझने में मार्गदर्शन देते हैं।]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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