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	<title>कोजागर पूजा 2025 : दिवाली से पहले इस दिन माँ लक्ष्मी का होता है आगमन</title>
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	<description><![CDATA[कोजागर पूजा एक ऐसा समय जो देवी लक्ष्मी के पृथ्वी पर आने का समय होता है और कार्तिक अमावस्या से पहले आने वाली पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है। जहां दिवाली पर देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं वहीं इससे पहले भी कोजागर पूर्णिमा के दिन देवी का पृथ्वी पर आगमन होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को जो व्रत किया जाता है, उसे कोजागर व्रत कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने और जीवन में धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति हेतु किया जाता है। इसे कोजागर पूर्णिमा या कोजागिरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।कोजागर पूर्णिमा लोक जीवन में रचा बसा हुआ पर्व है जो देश भर में शरद पूर्णिमा के नाम से भी मनाया जाता है। यह पर्व देवी लक्ष्मी के आह्वान, चंद्रमा की उपासना, मानसिक शुद्धि और पारिवारिक समृद्धि से जुड़ा हुआ है। यह एक बहुत ही खास अवसर होता है क्योंकि जहां अमावस्या पर देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं उससे कई दिनों पहले कोजागर पूर्णिमा के दिन भी माँ लक्ष्मी का पृथ्वी पर आना होता है और भक्तों के जीवन को सुख संपदा से भर देने वाला होता है।]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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