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	<title>वक्रतुण्ड संकष्टी के साथ करवा चौथ, क्या का चांद देखने पर लग सकता है कलंक?</title>
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	<description><![CDATA[करवा चौथ के साथ संकष्टी चतुर्थी का योग उन विशेष घटनाओं को दर्शाता है जिन्हें कई कारणों से महत्वपूर्ण माना गया है। इसके पीछे कुछ खास वजह हैं जिसमें पहली ये है की करवा चौथ के दिन चंद्रमा को देख कर ही व्रत संपूर्ण होता है और दूसरी यह की संकष्टी चतुर्थी का चंद्रमा कलंक या कहें मिथ्या दोष देने वाला होता है। तो अब इस स्थिति में एक ओर तो जहां विवाहित महिलाएं अपने सौभाग्य की शुभता के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं। वहीं दूसरी और संकष्टी चतुर्थी के चंद्रमा को देखना दोष लगने के श्राप से प्रभावित करने वाला होता है। अब इन दो विरोधाभासों का एक साथ होना क्या असर डालता है आईये जान लेते हैं इसके पीछे की कथा और इस दिन की शुभता को पाने का उपाय जो दोष से मुक्त रखे और सौभाग्य को वृद्धि देने वाला बने।]]></description>
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        <title><![CDATA[वक्रतुण्ड संकष्टी के साथ करवा चौथ, क्या का चांद देखने पर लग सकता है कलंक?]]></title>
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        <description><![CDATA[करवा चौथ के साथ संकष्टी चतुर्थी का योग उन विशेष घटनाओं को दर्शाता है जिन्हें कई कारणों से महत्वपूर्ण माना गया है। इसके पीछे कुछ खास वजह हैं जिसमें पहली ये है की करवा चौथ के दिन चंद्रमा को देख कर ही व्रत संपूर्ण होता है और दूसरी यह की संकष्टी चतुर्थी का चंद्रमा कलंक या कहें मिथ्या दोष देने वाला होता है। तो अब इस स्थिति में एक ओर तो जहां विवाहित महिलाएं अपने सौभाग्य की शुभता के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं। वहीं दूसरी और संकष्टी चतुर्थी के चंद्रमा को देखना दोष लगने के श्राप से प्रभावित करने वाला होता है। अब इन दो विरोधाभासों का एक साथ होना क्या असर डालता है आईये जान लेते हैं इसके पीछे की कथा और इस दिन की शुभता को पाने का उपाय जो दोष से मुक्त रखे और सौभाग्य को वृद्धि देने वाला बने।]]></description>
        <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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